मोदी की गारंटी

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जी हां! यह बदलते दौर की राजनीति है। यहंा सब कुछ बहुत तेजी से बदल रहा है इतनी तेजी से किसी को यह समझ भी न आ सके कि यह हो क्या रहा है। तेज गति से दौड़ती किसी रेलगाड़ी में बैठे किसी यात्री को जैसे यह पता नहीं चल पाता है कि कौन सा स्टेशन था जिससे अभी उसकी ट्रेन गुजरी है। अभी कुछ साल पहले तक चुनाव के समय राजनीतिक दल अपने विजन पर कि अगर वह सत्ता में आए तो यह सब काम करेंगे। जिसे उस पार्टी का घोषणा पत्र कहा जाता था। जो वर्तमान तक आते—आते अब दृष्टि पत्र, संकल्प पत्र, वचन पत्र और संकल्प पत्र से होता हुआ गारंटी पत्र तक पहुंच गया है। कांग्रेस ने अभी अपना एक गारंटी पत्र जारी किया गया था। इस गारंटी पत्र में देश की गरीब महिलाओं को हर साल एक लाख रूपये युवाओं के लिए 30 लाख नौकरियां और डिग्री डिप्लोमा पूरा होने पर उन्हें अप्रेंटिस तथा नौकरी न मिलने तक मानदेय, महिलाओं को 50 फीसदी आरक्षण, किसानों को एमएसपी, अग्निवीर जैसी योजना को खत्म करने जैसी 25 गारटियंा दी गई थी। जिन्हें लेकर तमाम लोग हैरान थे और कह रहे थे कि इस गारंटी पत्र की योजनाओं को पूरा किया जाना संभव नहीं है। वही सत्ता पक्ष का तो यहां तक कहना था कि कांग्रेस को यह पता है कि जब सत्ता में आना ही नहीं तो कुछ भी कह दो इसमें क्या जाता है। बीते कल भाजपा ने अपना गारंटी पत्र जारी कर दिया है। मोदी की गारंटी के नाम पर जारी इस संकल्प पत्र के बारे में अब विपक्ष ने पहला सवाल यही उठाया है कि यह बीजेपी का नहीं या राजनीतिक दल का नहीं बल्कि मोदी की गारंटी की गारंटी है। कांग्रेसी नेता कह रहे हैं भाजपा चुनाव जीत भी जाए अगर मोदी की जगह कोई दूसरा पीएम बना तो वह कह देगा कि यह तो मोदी की गारंटी थी मैंने तो कोई गारंटी नहीं दी न मेरी पार्टी का यह गारंटी पत्र है। जैसे विदेशों में जमा धन को वापस लाने के लिए और गरीबों के खातों में 15—15 लाख डालने के वायदे के लिए कह दिया गया था कि वह तो एक चुनावी शगुफा था। भले ही भाजपा ने अपने इस मोदी की गारंटी वाले अपने संकल्प पत्र में न तो 2014 व 2019 की तरह कोई बड़े—बड़े वायदे या दावे किए हैं न महंगाई व बेरोजगारी मिटाने की कोई गारंटी दी है और न ही भ्रष्टाचार मुक्त भारत का वायदा किया गया जिसे लेकर आने वाले दिनों में कोई यह सवाल न उठा सके कि आपने झूठे वायदे किए थे। इसमें 2047 तक भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाने का संकल्प किया गया है और अभी हम 2024 में है। आने वाले 24 साल किसने देखे हैं तब तक गंगा जमुना में बहुत पानी बह चुका होगा। लेकिन मोदी का यह गारंटी पत्र यह जरूर बताता है कि भाजपा की सोच में बड़ा बदलाव बीते 10 सालों में आया है। अब वह 2024 का चुनाव उन लाभार्थियों के भरोसे लड़ रही है जिन्हें मुफ्त राशन, पानी व नगदी मिल रही है। यह मुफ्त के लाभार्थी ही भाजपा का चुनावी मुद्दा है।

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