हेल्थ वर्करों ने स्वास्थ्य मंत्री को घेरा

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आवास और दून अस्पताल में धरना प्रदर्शन
बिना बात किए ही घर से निकल गए मंत्री

देहरादून। कोरोना काल में अपनी असाधारण सेवाएं देने वाले स्वास्थ्य वर्करों ने आज अपनी सेवा बहाली को लेकर स्वास्थ्य मंत्री के आवास और दून अस्पताल में धरना प्रदर्शन किया। स्वास्थ्य मंत्री धन सिंह रावत के बिना बात किए ही घर से निकल कर चले जाने से स्वास्थ्य कर्मियों में भारी नाराजगी देखी गई।
उल्लेखनीय है कि कोरोना काल में मार्च 2020 से लेकर मार्च 2021 तक स्वास्थ्य विभाग द्वारा बड़ी संख्या में सहायक स्वास्थ्य कर्मियों की नियुक्ति की गई थी जिन्होंने बीते 2 साल में कोरोना काल के जटिल समय में अपनी सेवाएं दी गई थी लेकिन कोरोना की दूसरी लहर खत्म होने के बाद 31 मार्च को इन सभी 2186 स्वास्थ्य वर्करों की सेवाएं समाप्त कर दी गई। अब यह सभी स्वास्थ्य वर्कर अपनी सेवा बहाली की मांग को लेकर धरना प्रदर्शन कर रहे हैं।
आज इन स्वास्थ्य वर्करों द्वारा दून अस्पताल में धरना प्रदर्शन किया गया यह स्वास्थ्य वर्कर पूर्व समय में स्वास्थ्य मंत्री धनसिंह रावत से मिलकर उन्हें अपनी समस्याएं बता चुके हैं। आज यह स्वास्थ्य वर्कर मंत्री धन सिंह रावत द्वारा समय दिए जाने पर उनके आवास पर उनसे मिलने पहुंचे थे। स्वास्थ्य मंत्री उस समय अपने आवास पर ही मौजूद थे लेकिन वह स्वास्थ्य वर्करों से नहीं मिले और बिना बात किए ही अपने आवास से निकल गए। जिसे लेकर स्वास्थ्य वर्करों में भारी नाराजगी देखी गई। मंत्री के रवैए से नाराज स्वास्थ्य वर्कर वहीं धरने पर बैठ गए और सरकार के खिलाफ धरना प्रदर्शन करने लगे। वहीं दूसरी तरफ उनके अन्य तमाम सहकर्मियों ने आज दून अस्पताल में धरना प्रदर्शन किया। उनका कहना है कि जब उनकी सरकार को जरूरत थी उन्हें काम पर रख लिया गया और अब जब जरूरत नहीं रही तो निकाल बाहर कर दिया। इन स्वास्थ्य वर्करों का कहना है कि सरकार रिक्त पदों पर उनका समायोजन करें।

कांग्रेस ने दिया समर्थन


देहरादून। नौकरी से निकाले गए स्वास्थ्य कर्मियों को समर्थन देने आज कांग्रेस विधायक प्रीतम सिंह व अन्य कई नेता भी दून अस्पताल पहुंचे और उन्होंने सरकार की निंदा करते हुए कहा कि उनकी लड़ाई में कांग्रेस उनके साथ है। इस अवसर पर प्रीतम सिंह ने कहा कि पहले से ही राज्य के स्वास्थ्य महकमे की हालत खराब है। राज्य में डॉक्टरों व मेडिकल स्टाफ की भारी कमी है ऐसे में कर्मचारियों को निकाला जाना गलत है। उन्होंने डॉ.निधि के प्रकरण में कहा कि यह घटना निंदनीय है डॉक्टरों का अपना भी कोई सम्मान है। उन्होंने सरकार से इस मामले में सख्त कार्रवाई की मांग की है।

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