अंजामे अदाणी क्या होगा?

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आखिरकार अमेरिकी शॉर्ट सेलर कंपनी हिंडनबर्ग की उस रिपोर्ट में ऐसा क्या कुछ है? जिसने विश्व के नंबर दो के सबसे अमीर उघोगपति गौतम अदाणी को मात्र एक सप्ताह में अमीरों की विश्व रैकिंग में 20वें पायदान से भी नीचे धकेल दिया और अदाणी ग्रुप की कंपनियों के शेयरों में आई भारी गिरावट ने न सिर्फ देश के शेयर बाजार में भूचाल लाकर खड़ा कर दिया है अपितु अदाणी ग्रुप में बड़ी पूंजी निवेश करने वाली एलआईसी जैसी कंपनियां भी सदमे में आ गई है। अदाणी की कंपनियों के सभी शेयरों में आज भी भारी गिरावट देखी गई। अब तक अदाणी ग्रुप के शेयरों में 35 से 40 फीसदी तक की गिरावट आई है। बजट सत्र के दौरान अदाणी ग्रुप द्वारा अभी अदाणी इंटरप्राइजेज का 20 हजार करोड़ का एक पी ओ वापस लेने की घोषणा कर सभी को हैरत में डाल दिया गया। गौतम अदाणी भले ही निवेशकों के हितों को सर्वाेपरि बता रहे हो लेकिन वह अब निवेशकों का भरोसा कैसे जीत पाएंगे किसी की भी समझ से परे हो चुका है। सिर्फ एक सप्ताह में उनकी संपत्ति 5 लाख करोड़ से भी अधिक घट चुकी है। हिंडनबर्ग की रिपोर्ट में अदाणी कंपनी के शेयरों में हेराफेरी की बात कही गई थी जिसके बाद तेजी से बदले परिदृश्य ने अदाणी समूह की सभी कंपनियों और खुद उनके भविष्य पर ऐसा सवालिया निशान लगा दिया है कि अब सेवी से लेकर सेंट्रल बैंक तक अलर्ट मोड में आ गए हैं। अदाणी ग्रुप की कंपनियों द्वारा बैंकों से लिए गए ऋण की सूची तलब की गई है। वही स्विजरलैंड की ऋण दाता कंपनी क्रेडिट सुइस तक ने यह कह दिया है कि वह निजी बैंकों के ग्राहक मार्जिन के रूप में अदाणी समूह के ब्रांड्स को जमानत के तौर पर स्वीकार नहीं करेगा। बजट सत्र के दौरान अदाणी ग्रुप के ऊपर आए इस संकट ने भारतीय अर्थव्यवस्था मे तो हलचल पैदा की ही है। संसद सत्र में भी अब यह मुद्दा राजनीतिक संकट के रूप में सामने आया है। सभी विपक्षी दलों द्वारा अब इस मामले की जांच कराने की मांग की जा रही है। बीते 2 दिनों से संसद में इसे लेकर कामकाज ठप है, विपक्ष द्वारा बहुत पहले से सरकार द्वारा कुछ उघोगपतियों के हितों के लिए काम करने के आरोप लगाये जाते रहे हैं। अदाणी ग्रुप में निवेश करने वाले अकेले एलआईसी को तो इसका भारी नुकसान हुआ ही है बल्कि अदाणी ग्रुप की सभी 11 कंपनियों के शेयरों में एक सप्ताह से जो गिरावट जारी है वह सर्वकालिक स्तर से 70 फीसदी से ज्यादा टूट चुके हैं जिसके कारण सभी निवेशकों को अरबों रुपए का नुकसान हो चुका है खास बात यह है कि यह गिरावट अभी भी थमती नहीं दिख रही है। अगर जल्द ही स्थिति साफ नहीं होती है तो यह भारतीय अर्थव्यवस्था और बाजार को बड़े संकट में डाल सकती है इसलिए इसके पीछे के कारणों को जल्द से जल्द पता लगाया जाना चाहिए। अब सभी की निगाहें इस बात पर लगी है कि अदाणी का अंजाम क्या होगा और क्या होगा उन निवेशकों का जिन्होंने अदाणी ग्रुप की कंपनियों में निवेश किया है?

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