June 30, 202650 हजार रूपये के छपे जाली नोट, लैपटाप, प्रिंटर व अन्य उपकरण बरामद हरिद्वार। नकली नोट छापकर देश की अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुंचाने वाले संगठित गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। जिनके कब्जे से करीब 50 हजार रुपये के छपे जाली नोट, लैपटॉप, दो प्रिंटर, मोबाइल फोन तथा नकली नोट तैयार करने में इस्तेमाल होने वाले अन्य उपकरण बरामद किए गये हैं।पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, 27 जून 2026 को कोतवाली श्यामपुर पुलिस ने 52,500 के नकली नोटों के साथ तीन आरोपितों को गिरफ्तार किया था। मामले की गहन विवेचना और पूछताछ के दौरान कई अहम सुराग मिले, जिनके आधार पर जांच आगे बढ़ाई गई। जांच के दौरान पुलिस को सूचना मिली कि कुछ लोग क्विड कार यूके 08 बीजी 6798 से नकली नोट छापने के उपकरण और तैयार जाली नोटों को ठिकाने लगाने के लिए बड़ापुर (बिजनौर) की ओर जा रहे हैं। सूचना पर तत्काल कार्रवाई करते हुए पुलिस ने लालढांग तिराहे पर घेराबंदी कर वाहन को रोक लिया और तलाशी के दौरान तीन आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया।पूछताछ में उन्होने अपना नाम देवेन्द्र कुमार (31), निवासी सरदारपुर छांमली, थाना बड़ापुर, जिला बिजनौर (उत्तर प्रदेश), गुलजार अहमद (30), निवासी टांडा सिक्कावाला, थाना बड़ापुर, जिला बिजनौर (उत्तर प्रदेश)व शगुन जोशी (26), निवासी लालढांग, थाना श्यामपुर, जिला हरिद्वार बताया। बताया कि गिरोह का सदस्य गुलजार ऑनलाइन विशेष कागज मंगाता था। शगुन जोशी असली नोटों की फोटो लेकर सॉफ्टवेयर और एप की मदद से उनकी गुणवत्ता बढ़ाता था, ताकि प्रिंट हूबहू असली जैसा दिखाई दे। वहीं देवेन्द्र ने बताया कि वह पहले भी गुलजार के साथ मिलकर बिजनौर के बड़ापुर क्षेत्र में करीब एक लाख रुपये के नकली नोट छाप चुका है, जिनमें से लगभग 60 हजार रुपये के नोट बाजार में चला दिए गए थे। इस सफलता के बाद गिरोह का लालच बढ़ा और उन्होंने अपने नेटवर्क में देवेन्द्र के जीजा शिवम को भी शामिल कर लिया। चारों मिलकर नकली नोट तैयार कर उन्हें बाजार में खपाने की साजिश रच रहे थे। पुलिस ने आरोपितों के पास से एक लैपटॉप व चार्जर, प्रिंटर, पांच मोबाइल फोन, 500 के चार असली नोट, 500 के नकली नोटों की 25 प्रिंटेड शीट (करीब 50 हजार मूल्य), गांधीजी के वॉटरमार्क वाली एक शीट बरामद की है।पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर उनका चालान कर दिया है। साथ ही गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
June 30, 2026मंत्री के छापे से मचा हड़कंप, गैरहाजिर मिले कई अफसर—कर्मचारी उधमसिंहनगर। कैबिनेट मंत्री राम सिंह कैड़ा ने बीते रोज जसपुर नगर पालिका परिषद का औचक निरीक्षण कर प्रशासनिक व्यवस्थाओं की पोल खोल दी। निरीक्षण के दौरान कई अधिकारी और कर्मचारी बिना सूचना के अनुपस्थित मिले, जबकि कार्यालय परिसर में शराब की खाली बोतलें और मदिरा सेवन से जुड़ी सामग्री मिलने पर मंत्री ने कड़ी नाराजगी जताई और जांच के आदेश दे दिये है।मंत्री ने उपस्थिति रजिस्टर की जांच कर अनुपस्थित अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ तत्काल जांच कर नियमानुसार अनुशासनात्मक कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सरकारी कार्यालयों में अनुशासन, पारदर्शिता और जवाबदेही से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। निरीक्षण के दौरान मंत्री ने साफ—सफाई, पेयजल, सड़क, प्रकाश व्यवस्था सहित नागरिक सुविधाओं की भी समीक्षा की और अधिकारियों को जनहित के सभी कार्य समयबद्ध तरीके से पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने दोहराया कि जनता को बेहतर सेवाएं देना सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकता है और लापरवाही करने वाले किसी भी अधिकारी या कर्मचारी को बख्शा नहीं जाएगा।
June 30, 2026उत्तराखंड फिल्म नीति के तहत एफटीआईआई से पास आउट युवाओं को मिली छात्रवृत्ति देहरादून। उत्तराखंड फिल्म नीति 2024 के लाभ, उत्तराखंड के युवाओं को प्रत्यक्ष तौर पर मिलने शुरु हो गए हैं। इसी क्रम में उत्तराखंड फिल्म विकास परिषद ने फिल्म एंड टेलीविजन संस्थान, पूणे (एफटीआईआई) से पासआउट तीन युवाओं की छात्रवृत्ति का भुगतान कर दिया है।उत्तराखंड फिल्म नीति 2024 के तहत फिल्म एंड टेलीविजन संस्थान, पूणे, सत्यजीत—रे फिल्म एवं टेलीविजन संस्थान, कोलकाता या अन्य ख्याति प्राप्त संस्थानों में प्रवेश लेने वाले उत्तराखंड राज्य के स्थाई निवासी छात्र—छात्राओं को मैरिट के आधार पर पाठ्यक्रम पूर्ण होने तथा प्रमाण पत्र प्राप्त करने के उपरांत छात्रवृत्ति प्रदान किए जाने का प्राविधान है। इसके तहत पाठ्यक्रम पर हुए व्यय के अनुसार एसटी,एससी, ओबीसी को 75 प्रतिशत एवं सामान्य अभ्यर्थियों को 50 प्रतिशत की छात्रवृत्ति प्रदान की जाती है। उत्तराखंड फिल्म विकास परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी, श्री बंशीधर तिवारी ने बताया कि इसी नीति के क्रम में ग्राम पोस्ट उखीमठ, रुद्रप्रयाग निवासी प्रवीण सेमवाल को एक वर्षीय स्नातकोत्तर सर्टिफिकेट कोर्स के लिए कुल 65,682 रुपए की छात्रवृत्ति का भुगतान किया गया है। इसी तरह ग्राम, हरनी (मुंदोली) चमोली निवासी कविता को दो वर्षीय स्नातकोत्तर डिप्लोमा कोर्स के लिए कुल 1,27,619 रुपए और तल्लीताल, नैनीताल निवासी देवेश भटृ को तीन वर्षीय स्नातकोत्तर डिप्लोमा के लिए कुल 1,38,990 रुपए की छात्रवृत्ति का भुगतान किया गया है। उत्तQ तीनों ने भारतीय फिल्म और टेलीविजन संस्थान पुणे से पढ़ाई पूरी की है।मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उत्तराखंड के युवा रचनात्मक प्रतिभा की धनी हैं। राज्य सरकार का प्रयास है कि उन्हें अपनी प्रतिभा को निखारने और राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाने के लिए बेहतर अवसर उपलब्ध हों। उत्तराखंड फिल्म नीति 2024 इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। फिल्म जगत में शिक्षा प्राप्त करने वाले राज्य के युवाओं को छात्रवृत्ति प्रदान कर सरकार उनके सपनों को नई उड़ान देने का कार्य कर रही है।
June 30, 2026देहरादून। पुलिस ने सार्वजनिक स्थानों पर हुडदंग करने वाले छह हुडदंगियों को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज किया।मिली जानकारी के अनुसार वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून द्वारा वर्तमान में प्रचलित आपरेशन प्रहार के अन्तर्गत सभी अधीनस्थों को अपने—अपने क्षेत्रों में सार्वजनिक स्थानों पर शराब पीकर हुड़दंग करने/लडाई झगडा कर शांति व्यवस्था प्रभावित करने वालों को चिन्हित करते हुए उनके विरुद्ध कड़ी वैधानिक कार्यवाही किये जाने हेतु निर्देशित किया गया है। दिये गये निर्देशों के अनुपालन में जनपद के सभी थाना क्षेत्रों में पुलिस टीमों द्वारा लगातार प्रभावी गश्त/चौकिंग अभियान चलाते हुए ऐसे अभियुक्तों के विरूद्ध वैधानिक कार्यवाही की जा रही है।कोतवाली मसूरी पुलिस कंट्रोल रूम 112 के माध्यम से सूचना प्राप्त हुई कि बाटा शोरूम के पास कुछ व्यक्तियो द्वारा सार्वजनिक स्थान पर अभद्र व्यवहार करते हुए लड़ाई—झगड़ा कर लोक शांति एवं कानून—व्यवस्था भंग की जा रही है। उक्त सूचना पर तत्काल पुलिस बल मौके पर पहुचा, मौके पर पाया गया कि कुछ व्यक्तियों द्वारा आपस में मारपीट एवं विवाद किया जा रहा था, जिससे मौके पर अफरा—तफरी का माहौल उत्पन्न हो गया तथा लोक शांति भंग होने की स्थिति पैदा हो गई।पुलिस टीम द्वारा तत्काल मौके पर उपद्रव कर रहे एक व्यक्ति नीरज राघव पुत्र रामनाथ सिंह को हिरासत में लेते हुये नियमानुसार चिकित्सीय परीक्षण कराए जाने के उपरांत लोक व्यवस्था एवं शांति बनाए रखने के दृष्टिगत भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 170 के तहत गिरफ्तार किया गया, साथ ही युवक के वाहन को मोटर वाहन अधिनियम के तहत सीज किया गया।पूछताछ में उसने अपना नाम नीरज राघव पुत्र रामनाथ सिंह, निवासी बड़ा गाँव सिकंदरपुर, तहसील मानेसर, सेक्टर—86, गुरुग्राम, हरियाणा बताया। वहीं ऋषिकेश क्षेत्रान्तर्गत हाट बाजार आईडीपीएल में दुकान लगाने को लेकर दो पक्षों के बीच विवाद व मारपीट की सूचना प्राप्त होने पर ऋषिकेश पुलिस द्वारा त्वरित कार्रवाई करते हुए मौके पर पहुंचकर शांति व्यवस्था को भंग करने का प्रयास कर रहे 5 व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया।पूछताछ में उन्होंने अपने नामरवि पुत्र सोहन लाल निवासी गली न. 17 अमित ग्राम गुमानीवाला ऋषिकेश, आशु पुत्र सोहन लाल निवासी उपरोक्त,. अरुण पुत्र स्व0 नन्हे सिंह निवासी गली न. 07 अपरगंगा नगर ऋषिकेश अंकित पुत्र ओम प्रकाश निवासी गली न0 01 बापुग्राम आईडीपीएल ऋषिकेश, साहिल पुत्र ओम प्रकाश निवासी गली न0 01 बापुग्राम आईडीपीएल ऋषिकेश बताया। पुलिस ने सभी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है।
June 30, 2026मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर चलेगा 15 दिन का विशेष अभियान देहरादून। प्रदेश सरकार एक बार फिर जनता के द्वार पहुंच रही है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 4 जुलाई से 15 दिन का इस विशेष अभियान संचालित करने के निर्देश दिए हैं।जन समस्याओं के निराकरण के लिए गत वर्ष चलाए गए ट्टजन जन की सरकार—जन जन के द्वार’ कार्यक्रम की सफलता को देखते हुए, प्रदेश सरकार एक बार फिर जनता के द्वार पहुंच रही है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 4 जुलाई से 15 दिन का इस विशेष अभियान संचालित करने के निर्देश दिए हैं। इसमें जिला, ब्लॉक और तहसील स्तर पर विशेष शिविरों का आयोजन किया जाएगा, जिसमें संबंधित विभागों अधिकारी— कर्मचारी शामिल होकर, जन समस्याओं का निराकरण करेंगे।मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी लगातार इस बात पर जोर दे रहे हैं कि लोगों को जन समस्याओं के समाधान के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर न काटने पड़े, बल्कि विभाग अधिकारी कर्मचारी खुद लोगों के पास पहुंच शिकायतों का निस्तारण करें। मुख्यमंत्री की इसी सोच को केंद्र में रखते हुए प्रदेश सरकार ने गत दिसंबर माह से 45 दिन का ट्टजन—जन की सरकार, जन—जन के द्वार’ अभियान शुरु किया था। अब मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के कार्यकाल के सफल पांच वर्ष पूरे होने के अवसर पर एक बार फिर ये अभियान शुरु होने जा रहा है। इस बार 4 जुलाई से मनाए जा रहे सेवा पखवाड़ा (15 दिवस) के तहत यह कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। जिसके तहत जिला, ब्लॉक और तहसील स्तर पर शिविर आयोजित करते हुए, जन समस्याओं का निराकरण किया जाएगा, साथ ही लोगों को विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ भी दिया जाएगा। दिसंबर माह में शुरु किए गए 45 दिन के ट्टजन—जन की सरकार, जन—जन के द्वार’ अभियान के तहत 681 शिविरों का आयोजन किया गया, जिसमें 5,33,452 नागरिकों ने प्रत्यक्ष तौर पर भागीदारी निभाई, यही नहीं इस दौरान करीब 33 हजार जन शिकायतों का त्वरित समाधान किया गया। इस अभियान को गवर्नेंस की बेस्ट प्रैक्टिस के रूप भी सराहा गया। लोगों को बिना किसी भागदौड़ के सरकारी सेवाएं मिली, यही सुशासन की पहली सीढ़ी है। इसी क्रम में सभी जनपदों में ट्टजन—जन की सरकार, जन—जन के द्वार’ अभियान का दूसरा चरण शुरु किया जा रहा है। इसमें सभी सक्षम अधिकारियों, कर्मचारियों को उपस्थित रहने के निर्देश दिए गए हैं।
June 30, 2026अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे और दान की हजारों करोड़ की जो चोरी का मुद्दा इन दिनों चर्चाओं की केंद्र में है जिसमें हर रोज अब नए—नए खुलासे हो रहे हैं उसे लेकर मेरे जहन को जो सवाल लगातार मथ रहे हैं उनमें पहला सवाल यह है कि आज श्री राम की सेवा में अपना संपूर्ण जीवन समर्पित करने वाले संत महंत सत्येंद्र दास जीवित होते तो उन पर क्या गुजर रही होती तथा वह अपनी आस्था के आलम्ब भगवान श्री राम मंदिर के इन डकैतों पर अपनी क्या प्रतिक्रिया देते? मैं सोचता हूं प्रभु राम ने उन्हें इस दिन को देखने से पहले ही अपने श्री चरणों में स्थान देकर अच्छा ही किया। दूसरा सवाल मेरे मन में उन अहंकारी लोगों को लेकर भी है जिन्होंने श्री राम के भक्तों को सड़कों पर ढोल बजा बजा कर सालों साल खूब नचाया ट्टजो राम को लाए हैं, हम उनको लायेंगे। क्या उन्हें भी इस चोरी को लेकर थोड़ी बहुत शर्मिंदगी है या नहीं? शायद उनके लिए हया—शर्म जैसे शब्द बने ही नहीं हैं। इस खुलासे से अब यह भी साबित हो गया है कि वह चाहे कोई नेता हो या किसी संस्था के सर्वाेच्च पद पर बैठा चंपत राय जैसा कोई व्यक्ति उनके गिरने की कोई सीमा नहीं होती है। ओउम नाथ पांडे की एक कविता है गिरो। गिरो। गिरो जो वर्तमान परिवेश पर एकदम खरी उतरती है जिसमें वह कहते हैं कि गिरो क्योंकि गिरने की अपरिमित संभावनाएं हैं। सत्ता में बैठे लोग जो बात करते थे राष्ट्रवाद की, जो बात करते थे विकसित राष्ट्र बनाने की, जो बात करते थे भारत को विश्व गुरु बनाने की वह उस हद तक गिर गए हैं कि उनके गिरने की कोई सीमा ही नहीं रह गई है। केंद्रीय सत्ता में बैठे एक राजस्थान के मंत्री जिनका नाम है मेघवाल अपने ही विभाग के किसानों को दी जाने वाली खीरे की सब्सिडी का 90 लाख खुद डकार जाते हैं। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव के द्वारा अपने 37 परिजनों के हजारों करोड़ की जमीन खरीद का मामला आता है तो वह इस खुलासे को सनातन का ही अपमान बता देते हैं। राम मंदिर से एक हजार करोड़ की चोरी हो जाती है और इसे इतने हल्के में लिया जाता है जैसे कहीं कुछ हुआ ही न हो। हैरान करने वाली बात यह है कि यह धर्म का जो धंधा 2019 में आए राम मंदिर निर्माण पर अदालत के फैसले के साथ ही शुरू हो गया था उसे केंद्र और उत्तर प्रदेश की सरकारे भला कैसे अनभिज्ञ हो सकती हैं। राम मंदिर के लिए एक जमीन को दो बार खरीदा जाना और सिर्फ 5 मिनट बाद ही ट्रस्ट को 14 करोड़ में बेचा जाना इस बात का सबूत है की आस्था के प्रतीक इस राम मंदिर निर्माण की ईंट ही उस भ्रष्टाचार के पत्थर से रखी गई थी जिसका आधा अधूरा सच अब सभी के सामने आ गया है। इसे लेकर अब लोग कह रहे हैं कि भाजपा और संघ के लोग कहीं मुंह दिखाने के काबिल नहीं बचे हैं? ऐसी स्थिति में सत्ता में बैठे कुछ लोगों को कुछ तो ऐसा करना ही चाहिए जिससे दूध का दूध और पानी का पानी हो सके। कहां जा रहा है कि जब चप्पे—चप्पे पर सीसीटीवी कैमरो से नजर जाती थी अगर यह सच है तो ऐसा नहीं कि वह पकड़े नहीं जा सकते जिन्होंने यह कुकृत्य किया है। इसे भी छोड़िए सरकार जो एसआईआर के जरिए पूरे देश से ढूंढ ढूंढ कर घुसपैठियों को बाहर निकालने का दावा करती है वह कम से कम 2019 में जब राम मंदिर पर न्यायालय का फैसला आया से लेकर 2025 तक जब प्राण प्रतिष्ठा हुई के दौरान अयोध्या में हुई जमीनों की रजिस्ट्रियों की जांच कर ले उसे पता चल सकेगा कि आखिर इस राम मंदिर निर्माण के कार्य में कितना बड़ा खेल हुआ है पीएमओ के अधिकारी नृपेंद्र मिश्रा इस चोरी नहीं डकैती बता रहे हैं तो यह बेवजह नहीं है। भाजपा और संघ के दामन पर लगा यह दाग कोई मामूली दाग नहीं है। इसकी बड़ी कीमत उन्हें चुकानी पड़ेगी। देश का जन विश्वास खो देने से बड़ा नुकसान और भला क्या हो सकता है। विश्व गुरु और महामानव की छवि को तार—तार करने वाले इस मुद्दे को चुप रहकर रफा—दफा नहीं किया जा सकता है क्योंकि इस मुद्दे से देश की जन भावनाएं और आस्था जुडी हुई है।