‘नकल’ देश की सुरक्षा को खतरा

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लखनऊ । उत्तर प्रदेश सरकार ने परीक्षा में नकल रोकने के लिए बड़ा ऐलान किया है। ये ऐलान इतना बड़ा है कि हजारों लाखों छात्रों की नींद उड़ा सकता है। दरअसल, यूपी में अब 10वीं और 12वीं की परीक्षा के दौरान नकल करते हुए पकड़े जाने पर एनएसए (राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम-1980 ) लगेगा। साथ ही नकल करने वाले, इसमें मदद करने वाले शिक्षक या अन्य के शामिल होने पर संपत्ति भी जब्त कर ली जाएगी।
देश में उत्तर प्रदेश और बिहार जैसे राज्यों में नकल को लेकर सरकारों की खूब फजीहत होती रही है। ऐसे में बोर्ड परीक्षाओं में नकल रोकने के लिए यूपी सरकार ने तमाम तैयारियां की हैं। महानिदेशक स्कूली शिक्षा विजय किरन आनंद के मुताबिक, नकल रोकने के लिए सख्त कदम उठाए गए हैं। परीक्षा में नकल करने वाले छात्रों को अब बख्शा नहीं जाएगा। एनएसए लगाया जाएगा। नकल में शामिल पाए जाने वाले परीक्षा केंद्र के व्यवस्थापक कक्ष निरीक्षक के खिलाफ FIR दर्ज की जाएगी।
यूपी में राष्ट्रीय सुरक्षा कानून बेहद सख्त कानून माना जाता है। एनएसए ‘देश की सुरक्षा के लिए खतरा’ होने जैसी स्थिति पर लगाया जाता है। इस कानून के तहत पुलिस संदिग्ध व्यक्ति को 12 महीनों तक हिरासत में रख सकती है। हिरासत में रखने के लिए बस बताना होता है कि इस व्यक्ति को जेल में रखा गया है। हाल ही में राजस्थान में पेपर लीक के मामले में आरोपियों पर एनएसए की कार्रवाई की गई थी
नेशनल सिक्योरिटी एक्ट (एनएसए) या राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (रासुका), एक ऐसा कानून है जिसके तहत किसी खास खतरे के चलते व्यक्ति को हिरासत में लिया जा सकता है। अगर प्रशासन को लगता है कि किसी शख्स की वजह से देश की सुरक्षा और सद्भाव को खतरा हो सकता है, तो ऐसा होने से पहले ही उस शख्स को रासुका के तहत हिरासत में ले लिया जाता है।

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