Home News Posts उत्तराखंड पीआरडी जवानों के हंगामे व भ्रष्टाचार के आरोपों से सीएम असहज

पीआरडी जवानों के हंगामे व भ्रष्टाचार के आरोपों से सीएम असहज

0
556

अधिकारियों को लगाई फटकार, जांच के आदेश

  • महानिदेशक को सौंपा गया जांच का जिम्मा
  • अमित सिन्हा खुद करेंगे जांच की निगरानी
    देहरादून। बीते कल पीआरडी के स्थापना दिवस कार्यक्रम में पीआरडी के जवानों के हंगामेंं और अधिकारियों पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए जाने की घटना को गंभीरता से लेते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अधिकारियों को जमकर लताड़ लगाई। सीएम ने अधिकारियों को इस घटना के पीछे के कारणों का पता लगाने और आरोपो की सत्यता जानने के लिए आदेश दिए हैं।
    मुख्यमंत्री के कार्यक्रम में पीआरडी के जवानों का इस तरह हंगामा करना और अधिकारियों पर भ्रष्टाचार के आरोप मुख्यमंत्री के सामने लगाया जाना कोई सामान्य घटना नहीं है। सुरक्षा और खुफिया एजेंसियों की भी यह एक बड़ी नाकामी है। मुख्यमंत्री के किसी भी कार्यक्रम में इस तरह का विरोध प्रदर्शन और नारेबाजी तथा हंगामा होना और खुफिया एजेंसियों तथा सुरक्षा कर्मियों व पुलिस कर्मियों को इसकी भनक तक न लग पाना उनकी एक बड़ी नाकामी के तौर पर देखा जा रहा है। इस घटनाक्रम से आहत मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज अधिकारियों को बुलाकर उन्हें कड़ी फटकार लगाई है साथ ही विशेष प्रमुख सचिव अमित सिंन्हा को इस घटना की जांच करने के आदेश दिए हैं।
    मुख्यमंत्री धामी की नाराजगी के मद्देनजर अमित सिन्हा ने अब पीआरडी के महानिदेशक को इसकी जांच सौंॅपी है। पत्रकारों को जब उनके द्वारा जांच कराने की जानकारी दी गई तो पत्रकारों ने अमित सिन्हा के सामने यह सवाल भी रखा कि जिन्हें जांच सौंपी गई है वह पीआरडी के महानिदेशक और अधिकारी भी है फिर भला यह जांच क्या निष्पक्ष हो पाएगी। इस पर अमित सिन्हा का कहना है कि जांच की निगरानी वह खुद करेंगे और अगर जांच में गड़बड़ी हुई तो गड़बड़ी करने वालों पर भी कार्यवाही की जाएगी।
    उल्लेखनीय है कि पीआरडी जवानों द्वारा कल सीएम के सामने हंगामा व नारेबाजी करते हुए कहा था कि अधिकारी भ्रष्टाचार कर रहे हैं उन्हें पूरे कार्य दिवस काम करने का मौका नहीं दिया जा रहा है और हर महीने उनके 570 रूपये काटे जा रहे हैं। कल्याण कोष के नाम पर विभाग पहले 10 रूपये अंशदान की कटौती करता था। सरकार ने 2 साल पहले साल में 300 दिन काम देने की घोषणा की थी लेकिन उन्हें पूरे कार्य दिवस काम भी नहीं दिया जा रहा है। विभागीय अधिकारियों पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाने वाले पीआरडी जवानों पर कार्यवाही करने की बात कहने वाले युवा कल्याण विभाग के निदेशक जितेंद्र सोनकर अब सीएम के कड़े रूख के बाद खुद इस जांच के घेरे में आ गए हैं। जांच क्या सामने आता है यह अलग बात है लेकिन सीएम के कार्यक्रम में हुआ हंगामा सुरक्षा एजेंसियों की बड़ी लापरवाही के कारण सुर्खियों में जरूर आ गया है। जिसे लेकर सीएम धामी भी खासे नाराज हैं।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here