April 24, 2026नैनीताल। भीमताल विकासखंड अंतर्गत भघूनी गांव में गुलदार के आतंक ने एक और घर का चिराग बुझा दिया है। काठगोदाम के पास के इस गांव में आदमखोर गुलदार ने 30 वर्षीय युवक कमल सिंह बिष्ट को अपना निवाला बना लिया। सबसे भयावह बात यह है कि घटना गांव के भीतर, घर के बिल्कुल समीप हुई है, जिससे क्षेत्र के ग्रामीणों में वन विभाग के प्रति भारी आक्रोश व्याप्त है।जानकारी के अनुसार, भघूनी निवासी 30 वर्षीय कमल सिंह बिष्ट पुत्र इंद्र सिंह बिष्ट, बीती देर शाम घर के पास से संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गया था। परिजनों ने पूरी रात उसकी खोजबीन की, लेकिन कोई सुराग नहीं लगा। आज सुबह जब ग्रामीणों और वन विभाग की टीम ने संयुक्त रूप से खोजबीन शुरू की, तो जंगल में कमल सिंह का अधखाया हुआ शव बरामद हुआ।भीमताल के ब्लॉक प्रमुख डॉ. हरीश बिष्ट ने इस घटना के लिए सीधे तौर पर वन विभाग की लापरवाही को जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने बताया कि बीते दिन ही उन्होंने प्रभागीय वनाधिकारी को क्षेत्र में आदमखोेर की सक्रियता की सूचना दी थी और ठोस कदम उठाने का अनुरोध किया था। इसके बावजूद विभाग ने गश्त या पिंजरा लगाने जैसी कोई त्वरित कार्यवाही नहीं की, जिसका खामियाजा एक युवा किसान को अपनी जान देकर चुकाना पड़ है।बता दें कि भघूनी और आसपास के क्षेत्र में यह पिछले कुछ समय में तीसरी बड़ी घटना है। आक्रोशित ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि जब तक गुलदार को को आदमखोर घोषित कर ढेर नहीं किया जाता या पकड़ा नहीं जाता, वे शांत नहीं बैठेंगे।
April 24, 2026केंद्र की भाजपा सरकार ने अभी—अभी जो संसद का विशेष सत्र बुलाया था जिसमें उसके द्वारा महिलाओं को राज्यों की विधानसभाओं वी लोकसभा में 33 फीसदी आरक्षण के लिए 3 साल पहले पारित हुए नारी वंदन बिल में संशोधन के साथ दो और बिल शामिल किए गए थे जो पास नहीं हो सके तथा इन्हें लेकर सरकार की भारी फजीहत हो रही है। और भाजपा तथा कांग्रेस इस मुद्दे पर एक दूसरे के खिलाफ मोर्चा खोले हुए हैं इसका असर अब उत्तराखंड की राजनीति पर भी साफ दिखने लगा है। धामी सरकार द्वारा 28 अप्रैल को विशेष सत्र बुलाया जाना और इससे पूर्व कांग्रेस की राष्ट्रीय प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेश का देहरादून आना तथा विधानसभा भवन के बाहर कांग्रेसियों का विरोध प्रदर्शन किया जाना इस बात के साथ संकेत है कि इस मुद्दे पर न सिर्फ इस विशेष सत्र में पक्ष विपक्ष के बीच सीधेंं सीधे दो—दो हाथ होने वाले हैं अपितु अब महिलाओं के आरक्षण और महिलाओं के सम्मान का यह मुद्दा 2027 के विधानसभा चुनाव में भी सबसे अधिक प्रभावी मुद्दा होने जा रहा है। कांग्रेस के नेताओं के तेवर इस मुद्दे को लेकर कितने तल्ख है इसका अंदाजा श्रीनेत्र के आरोपों से तो लगया ही जा सकता है लेकिन इस प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस की महिला नेत्रियों द्वारा अंकिता भंडारी हत्याकांड से लेकर हरिद्वार की उसे भाजपा नेत्री जिसके द्वारा अपनी ही नाबालिक बेटी को अपने राजनीतिक फायदे के लिए नेताओं को परोसे जाने का मुद्दा उठाते हुए भाजपा नेताओं के चाल चरित्र की धज्जियां उड़ा दी गई। उनका कहना है कि भाजपा के नेता किस मुंह से महिलाओं के सम्मान की बात करते हैं। दुष्यंत गौतम जैसे लोगों को मालाये पहनाकर उनका स्वागत करने वाले भाजपा नेताओं को शर्म आनी चाहिए। जहां तक बात महिलाओं को33 फीसदी आरक्षण की बात है तो अब प्रदेश कांग्रेस के नेता सहकारिता में महिलाओं को 33 फीसदी आरक्षण देने की तरह सरकार से मांग कर रहे हैं कि उत्तराखंड में विधानसभा चुनाव से पूर्व महिलाओं को 33 फीसदी आरक्षण देने की व्यवस्था लागू करें। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि वह विशेष सत्र में इसकी मांग करेंगे। उधर अभी तक भाजपा ने यह स्पष्ट नहीं किया है कि उसके द्वारा इस विशेष सत्र को बुलाये जाने का प्रयोजन क्या है? लेकिन भाजपा नेताओं की बयान बजियो से यह साफ जाहिर हो रहा है कि प्रदेश की सरकार केंद्रीय नेताओं के एजेंडें को ही आगे बढ़ाने के लिए विशेष सत्र बुला रही है। माना जा रहा है कि विपक्ष द्वारा संसद में गिराए गए मोदी सरकार के बिलों पर वह विपक्ष के खिलाफ निंदा प्रस्ताव लाना चाहती हैा हो और केंद्रीय नेताओं की तरह हीं कांग्रेस को इसके लिए जिम्मेदार ठहराने का प्रयास करने वाली हो भाजपा ने केंद्र के निर्देश पर देश भर में जो विरोध प्रदर्शन का अभियान छेड़ा हुआ है उससे तो यही आभास हो रहा है कि भाजपा की धामी सरकार से इस बात की उम्मीद तो की नहीं जा सकती है कि वह वैसा कुछ कर सकती है जैसा कि कांग्रेस नेताओं द्वारा मांग की जा रही है लेकिन कांग्रेस और भाजपा के नेता इस मुद्दे पर एक दूसरे को कटघरे में खड़ा करने के लिए तमाम दांव पेच आजमा रहे हैं। श्रीनेत्र ने साफ कहा है कि हमारी मांग है कि अगर भाजपा की नियत में कोई खोट नहीं है तो तत्काल संसद में 181 सीटों पर महिलाओं को आरक्षण देने की व्यवस्था लागू करें क्योंकि वर्तमान में लोकसभा की कुल 543 सीटे हैं। हम उसका समर्थन करेंगे लेकिन भाजपा की मशंा आरक्षण देने की है ही नहीं वह तो परिसीमन की आड़ में अपने राजनीतिक लाभ के लिए आरक्षण को लटकाए रखना चाहती है। हम सबको यही सच देश की महिलाओं को बताना है।
April 24, 2026भाजपा को उत्तराखंड विधानसभा चुनाव में मोदी फैक्टर से बड़ी हैं उम्मीदें 2017 और 2022 के उत्तराखंड चुनाव में मोदी फैक्टर ने जिताया था पार्टी को कांग्रेस सत्ता में वापसी के लिए सरकार की नामामियों को आमजन को गिना रही देहरादून। उत्तराखंड राज्य बनने से लेकर 2017 तक का इतिहास रहा है कि यहां का मतदाता बदलाव में विश्वास करता है और इसे जमीनी हकीकत में परिवर्तित करता है। लेकिन 2017 के विधानसभा चुनाव के बाद से मतदाता मोदी लहर में गोते लगाने लगा और उसी में रम गया। इसका यह प्रत्यक्ष उदाहरण है कि सूबे में मतदाताओं ने लगातार दो बार भाजपा को ही सत्ता सौंप दी। वहीं दूसरी ओर ंउत्तराखंड में बीजेपी को उम्मीद है कि इस बार भी पिछली बार की तरह ’मोदी लहर’ के सहारे पार्टी सत्ता में वापसी की उम्मीद है।बता दें कि 2017 और 2022 में भाजपा की ऐतिहासिक जीत में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का प्रभाव महत्वपूर्ण था। उन चुनावों में भाजपा की प्रतिद्वंद्वी कांग्रेस सीटें लाने में सफल नहीं हुई थी। सत्ता से दूर बैठी कांग्रेस के लिए इस बार जमीन पर मेहनत करने की ज्यादा जरूरत है। हालांकि, राजनीतिक जानकार इस बार भाजपा की संभावनाओं को ज्यादा नहीं आंकते हैं। उनका कहना है कि लगातार दो बार सरकार में रहते हुए कई आरोप और युवाओं के मन को भाजपा अभी तक भांप नहीं पाई है और अपने विकास कार्यों के साथ-साथ मोदी लहर को भी जीत का आधार बनाकर चल रही है।भाजपा की मानें तो सरकार ने प्रदेश में विकास के लिए केंद्र के सहयोग से बहुत काम किए है। भाजपा की मानें तो प्रदेश में बुनियादी ढांचा और कनेक्टिविटी, सांस्कृतिक और पर्यटन का विकास के साथ-साथ कई ऐसे फैसले लिए है, जो देश के लिए नजरी बने है। इसके साथ ही विकास की उस गंगा को गांव-गांव तक पहुंचाया है, जिसकी लंबे समय से प्रदेश की जनता वाट जोह रही थी। उत्तराखंड में पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में सरकार द्वारा लागू किए गए समान नागरिक संहिता और धर्मांतरण विरोधी कानूनों को मोदी ने साहसी कदम बताया है, जिससे जनता के बीच उनकी स्वीकार्यता बढ़ी है। यही नहीं राज्य में लगातार विकास, राष्ट्रीय सुरक्षा और हिंदुत्व के एजेंडे पर केंद्रित है। इससे प्रदेश की जनता का रूख भाजपा की ओर है।वही दूसरी ओर राजनीतिक जानकार कहते हैं कि फिलहाल राज्य की जनता बीजेपी से बहुत खुश नहीं है। 2017 और 2022 के विधानसभा चुनाव में मोदी फैक्टर ने पार्टी की नैया पार लगाई थी, लेकिन इस बार क्या मोदी लहर चल पाएगी या नहीं यह चुनाव की घोषणा और परिणाम के बाद ही पता चल पाएगा। राजनीतिक जानकारों की माने तो इस बार परिस्थितियां विपरीत होती लग रही है। हालांकि भाजपा मोदी लहर के साथ-साथ विकास को भी अपनी जीत का आधार मानकर चल रही है, लेकिन हकीकत का पता बाद में चल पाएगा। विधानसभा चुनाव में अभी समय है और भाजपा जहां इस बार भी मोदी लहर की उम्मीद लगाए है। वही कांग्रेस भी भाजपा को घेरने की अपनी पूरी रणनीति बनाकर चुनावी मैदान में उतरने को तैयार है।
April 23, 2026टिहरी। सड़क दुर्घटना मेंंं आज दोपहर एक वाहन के खाई में गिर जाने से जहंा आठ लोगों की मौके पर ही मौत हो यगी वही दो लोग गम्भीर रूप से घायल हुए है। सूचना मिलने पर पुलिस, एसडीआरएफ व स्थानीय लोगों ने मिलकर रेस्क्यू अभियान चलाया और सभी को बाहर निकालकर घायलों को अस्पताल पहुंचाया जहंा उनकी हालत चिंताजनक बनी हुई है। घायल व मृतक सभी अंतिम संस्कार से घर लौट रहे थे।सड़क दुर्घटना का यह मामला चंबा—कोटी कॉलोनी मोटर मार्ग पर नैल के पास का है। यहंा आज दोपहर एक मैक्स वाहन अनियंत्रित होकर गहरी खाई में जा गिरा। दुर्घटना के समय वाहन में लगभग 10 लोग सवार थे, जिनमें से 8 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 2 अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के तुरंत बाद घटनास्थल पर चीख—पुकार मच गई। आसपास के ग्रामीण सबसे पहले मौके पर पहुंचे और राहत—बचाव कार्य शुरू किया। स्थानीय लोगों की तत्परता से ही शुरुआती रेस्क्यू संभव हो सका। बाद में सूचना मिलने पर पुलिस, एसडीआरएफ व स्थानीय प्रशासन मौके पर पहुंचा और स्थानीय लोगों की मदद से राहत व बचाव कार्य शूरू किया। खाई में गिरे वाहन से शवों और घायलों को निकालने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ी। राहत टीमों ने घायलों को तुरंत नजदीकी अस्पताल पहुंचाया। घायलों में एक की पहचान उत्तम कुमार (लगभग 30 वर्ष) के रूप में हुई है, जिनका इलाज जारी है। अधिकारियों के अनुसार, घायलों की स्थिति गंभीर बनी हुई है।जानकारी के अनुसार, दुर्घटनाग्रस्त वाहन ऋषिकेश से घनसाली की ओर जा रहा था। वाहन में सवार सभी लोग चांजी, ठेला और चकरेडा गांव के निवासी बताए जा रहे हैं। ये सभी हरिद्वार में एक अंतिम संस्कार में शामिल होकर अपने घर लौट रहे थे, तभी यह हादसा हो गया। फिलहाल प्रशासन द्वारा मृतकों की पहचान की प्रक्रिया जारी है। साथ ही दुर्घटना के कारणों का भी पता लगाया जा रहा है।
April 23, 2026देहरादून। मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने जनपद टिहरी गढ़वाल के चंबा क्षेत्र अंतर्गत नैल-कोटी कॉलोनी मार्ग पर वाहन के दुर्घटनाग्रस्त होने की घटना पर गहरा शोक व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री धामी ने दुर्घटना में दिवंगत हुए लोगों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए ईश्वर से प्रार्थना की है कि दिवंगत आत्माओं को अपने श्रीचरणों में स्थान प्रदान करें तथा शोक संतप्त परिजनों को इस असीम दुःख को सहन करने की शक्ति प्रदान करें। मुख्यमंत्री ने जिला प्रशासन को निर्देश दिए है कि दुर्घटना में घायल व्यक्तियों को त्वरित एवं समुचित उपचार उपलब्ध कराया जाए तथा राहत एवं बचाव कार्यों में किसी प्रकार की कमी न रहने दी जाए। उन्होंने अधिकारियों को स्थिति पर सतत निगरानी बनाए रखने के भी निर्देश दिए हैं मुख्यमंत्री श्री धामी ने घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की है।
April 23, 2026शिक्षकों,कर्मचारियों व अभिभावकों का हंगामा देहरादून। डीआरडीओ के अनुदान पर चलने वाले स्कूल को बेचे जाने पर माहौल गर्मा गया है। जिसके चलते शिक्षकों कर्मचारियों व अभिभावकों ने जमकर हंगामा किया। साथ ही मौके पर डायरेक्टर को बुलाने की मांग की गयी। डीआरडीओ इस स्कूल को समिति के माध्यम से चला रहा था।आज प्रातः रायपुर स्थित डीआरडीओं के अनुदान पर चलने वाले विघालय में जब शिक्षक पहुंचे तो वहां पर हाजरी रजिस्टर न पाकर सकते में आ गये। इसी दौरान वहां पर डीएवी पब्लिक स्कूल के शिक्षक व अधिकारी पहुंचे और उन्होंने इस विघालय के शिक्षकों व कर्मचारियों के सामने डीएवी पब्लिक स्कूल का रजिस्टर रखकर उनसे उस पर हस्ताक्षर करने के लिए बोला। जिस वहां पर मौजूद शिक्षकों व कर्मचारियों ने हस्ताक्षर करने से इंकार कर दिया। जिसके बाद उनको बताया गया कि यह विघालय डीएवी पब्लिक स्कूल ने खरीद लिया है और आज से उनको उनके रजिस्टर पर ही हस्ताक्षर करने पडेंगे। यह बात सुनते ही वहां पर मौजूद शिक्षकों व कर्मचारियों ने हंगामा शुरू कर दिया। हंगामे की सूचना मिलते ही स्कूल में पढने वाले बच्चों के अभिभावक भी वहां पर पहुंच गये और सभी ने वहां पर जमकर हंगामा काटा। उनका कहना था कि उनको बताये बिना उनके भविष्य से खिलवाड किया गया है।इस विघालय के बिकने की खबर सुनते ही आसपास के ग्रामीण भी वहां पर एकत्रित हो गये। जिसके बाद अभिभावकों व शिक्षकों ने जमकर हंगामा करते हुए डायरेक्टर अजय कुमार को मौके पर बुलाने की मांग को जोरशोर से उठाना शुरू कर दी। कर्मचारियों का कहना था कि उनको सूचित किये बगैर वह स्कूल को कैसे बेच सकते है। इससे तो डीआरडीओ व स्कूल प्रशासन के द्वारा उनके भविष्य से खिलवाड किया गया है। यही नहीं वहां पढने वाले लगभग 150 बच्चों के भविष्य से खिलवाड किया गया है। वहीं अभिभावकों का कहना है कि उनके साथ खिलावाड़ किया जा रहा है। अभी नया सत्र शुरू होने पर उन्होने नई कितावे व डे्रस बनवाई थी। जिसे यह लोग बदलने की बात कर रहे है।वहीं मामले में यह भी जानकारी सामने आयी है कि डीआरडीओ इस विघालय को समिति के माध्यम से चला रहा था जिसमें कई कर्मचारी सविंदा पर कार्यरत है।