July 17, 2026गिरफ्तार लोगों मे महिला भी शामिल ठगे गए 4.55 लाख रुपये नकद, लग्जरी वाहन बरामद गिरोह के सदस्य `अघोरा’ नाम का यूट्यूब चैनल कर रहे थे संचालित हरिद्वार। `ऑपरेशन कालनेमि’ के तहत बड़ी कार्यवाही करते हुए पुलिस ने धार्मिक आस्था, तंत्र—मंत्र एवं अंधविश्वास का फायदा उठाकर आम लोगों को ठगी का शिकार बनाने वाले गिरोह का खुलासा करते हुए एक महिला सहित तीन लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। जिनके पास से ठगी गयी 4.55 लाख रूपये की नगदी, कार व तंत्र—मंत्र में प्रयुक्त मिटृी का छोटा मटका व ढक्कन (पीले कपड़े एवं रोली/कलावा से बंधा)बरामद कर लिया है। जानकारी के अनुसार बीती रात थाना श्यामपुर पुलिस को सूचना मिली कि मन्नत ढाबा, चण्डी माता मंदिर के पास एंडेवर कार में सवार महिला व पुरुष एक व्यक्ति से 4,60,000 की धोखाधड़ी कर फरार हो गए हैं। सूचना पर कार्यवाही करते हुए पुलिस मौके पर पहुंची और तत्काल सभी पिकेट एवं चेक पोस्टों को अलर्ट मोड पर करते हुए क्षेत्र में व्यापक चैकिंग एवं नाकाबंदी कराई गई तथा संदिग्ध वाहन की तलाश के प्रयास शुरु किए गए। साथ ही आज सुबह पीड़ित विनोद कुमार निवासी सोनीपत (हरियाणा) के शिकायत पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया। जांच में सामने आया कि ठगी के आरोपियो द्वाराअघोरा’ नाम से एक यूट्यूब चैनल संचालित किया जा रहा था जिसके माध्यम से ये गिरोह तंत्र—मंत्र, पूजा—पाठ एवं कथित चमत्कारों से संबंधित वीडियो अपलोड कर आमलोगों/ सोशल मीडिया यूजर्स को अपने झांसे में लेता था। इसी तरह गिरोह के झांसे में आकर हरियाणा निवासी पीड़ित को चण्डी देवी मंदिर के पास विशेष पूजा कराने के लिए बुलाया गया था जिसका खर्चा 4,60,000 रूपये बताया गया। तय योजना के अनुसार गिरोह के सदस्यों ने पीड़ित को एक लाल धागे से बंधा मिटृी का मटका देकर मंत्र जाप करने को कहा तथा नकदी से भरा बैग अपनी कार में रखवा लिया। इसके बाद पूजा की सामग्री लाने का बहाना बनाकर मौके से फरार हो गए। जिन्हे पुलिस ने आज सुबह माइनिंग चेक पोस्ट, चिड़ियापुर के पास से गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ मेें उन्होने अपना नाम मलकीत उर्फ राकेश शर्मा उर्फ मोहित पुत्र श्रवण सिंह उर्फ नमो शान्त शर्मा, निवासी मोहल्ला चारजान, कस्बा मंडावर, जनपद बिजनौर हाल निवासी चन्द्रमणी, देहरादून, मोन्टी जोशी पुत्र मुनेश कुमार जोशी, निवासी सब्जी मंडी के पास, थाना पटेलनगर, देहरादून, व युवती निवासी थ्ौलीसैण जनपद पौड़ी गढ़वाल, हाल निवासी तुनुवाला, भद्रकाली, देहरादून बताया। पुलिस ने उनके पास से 4 लाख 55 हजार की नगदी, घटना में प्रयुक्त कार व तंत्र मत्र में प्रयुक्त सामान बरामद कर लिया है। पूछताछ में इस ठगी गिरोह के सदस्यों ने स्वीकार किया कि वे सोशल मीडिया एवं यूट्यूब के माध्यम से लोगों में विश्वास पैदा कर उन्हें अंधविश्वास एवं भय का शिकार बनाते थे तथा पूजा—पाठ एवं तंत्र—मंत्र के नाम पर लाखों रुपये एवं आभूषण हड़प लेते थे।
July 17, 2026अल्मोड़ा। नगर के व्यस्त चौघानपाटा बाजार स्थित पार्क व्यू रेस्टोरेंट में बीते दोपहर एलपीजी गैस रिसाव के कारण अचानक भीषण आग लग गई। देखते ही देखते आग की लपटों ने पूरे रेस्टोरेंट को अपनी चपेट में ले लिया, जिससे बाजार क्षेत्र में अफरा—तफरी मच गई। हालांकि समय रहते सभी ग्राहक, कर्मचारी और रेस्टोरेंट संचालक सुरक्षित बाहर निकल आए, जिससे किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई। आग लगते ही आसपास के दुकानदारों और स्थानीय लोगों ने तुरंत मोर्चा संभाल लिया। पानी की बाल्टियों और फायर एक्सटिंग्विशरों की मदद से आग बुझाने का प्रयास शुरू किया गया, जिससे आग का फैलाव कुछ हद तक रोका जा सका। सूचना मिलने पर लगभग आधे घंटे के भीतर फायर स्टेशन अल्मोड़ा की टीम आवश्यक अग्निशमन उपकरणों के साथ मौके पर पहुंची और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर पूरी तरह काबू पा लिया।जांच में आग लगने का कारण एलपीजी सिलेंडर से गैस रिसाव माना जा रहा है। गैस रिसाव के बाद आग तेजी से फैली और रेस्टोरेंट के भीतर रखा फर्नीचर, रसोई का सामान, विघुत उपकरण सहित अधिकांश सामग्री जलकर राख हो गई। प्राप्त जानकारी के अनुसार इस घटना में लाखों रुपये का नुकसान हुआ है। दमकल कर्मियों ने मिनी फायर इंजन से पंपिंग कर होज पाइप के माध्यम से आग बुझाने का अभियान चलाया। इस दौरान रेस्टोरेंट के भीतर मौजूद जलते हुए एलपीजी सिलेंडरों को अत्यंत सावधानी और सूझबूझ के साथ ठंडा कर सुरक्षित बाहर निकाला गया। साथ ही लकड़ी की छत तक पहुंच चुकी आग को भी समय रहते नियंत्रित कर लिया गया। फायर सर्विस की त्वरित कार्रवाई के चलते आग आसपास की दुकानों और भवनों तक नहीं फैल सकी। यदि आग पर समय रहते काबू नहीं पाया जाता तो चौघानपाटा बाजार में बड़ा हादसा हो सकता था। फिलहाल अग्निशमन विभाग और संबंधित अधिकारी आग लगने के कारणों की विस्तृत जांच कर रहे हैं।
July 17, 2026हरिद्वार। पुरानी रंजिश के चलते प्रधान पति ने देर रात अपने सगे भाई पर फायर झोंक दिया। घटना के बाद आरोपी फरार हो गया। जबकि सूचना मिलने पर पुलिस ने घायल को अस्पताल पहुंचाया जहंा उसकी हालत चिंताजनक बनी हुई है। वहीं अब पुलिस आरोपी की तलाश में जुटी हुई है।मामला कलियर कोतवाली क्षेत्र के बाजुहेड़ी गांव का है। यहंा देर रात पुरानी रंजिश के चलते प्रधान पति ने अपने सगे भाई को लाइसेंसी पिस्टल से गोली मार दी। गोली लगने से 50 वर्षीय राजेश सैनी गंभीर रूप से घायल हो गए। वारदात के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया। सूचना मिलते ही पुलिस और फोरेंसिक टीम मौके पर पहुंच गई और जांच शुरू कर दी।जानकारी के अनुसार बाजुहेड़ी गांव निवासी प्रधान पति किशोर सैनी और उनके भाई के बीच लंबे समय से विवाद चला आ रहा था। बीती देर रात दोनों के बीच किसी बात को लेकर कहासुनी हो गई। विवाद बढ़ने पर किशोर सैनी ने अपनी लाइसेंसी पिस्टल से राजेश पर गोली चला दी। गोली लगते ही राजेश गंभीर रूप से घायल हो गया। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और घायल को तत्काल उपचार के लिए अस्पताल भिजवाया। वहीं फोरेंसिक टीम ने भी घटनास्थल का निरीक्षण कर साक्ष्य एकत्र किए। वारदात के बाद से आरोपी फरार है और उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीमें दबिश दे रही हैं।
July 17, 2026जम्मू-। जम्मू कश्मीर के डोडा जिले में कथित तौर पर एक व्यक्ति द्वारा सुरक्षाकर्मियों की सरकारी राइफल छीनने का प्रयास किए जाने के बाद हुई गोलीबारी में उसकी मौत हो गयी, जबकि विशेष अभियान समूह (एसओजी) के तीन जवान घायल हो गए। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि इस घटना के संबंध में एक धार्मिक उपदेशक को हिरासत में लिया गया है।जम्मू कश्मीर में सरकारी राइफल छीनने की कोशिश नाकाम हालांकि, घटना से उसका क्या संबंध है, यह तत्काल स्पष्ट नहीं हो सका है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि ऊंचाई वाले क्षेत्र में संदिग्ध गतिविधि की सूचना मिलने के बाद एसओजी की एक टीम बृहस्पतिवार को भद्रवाह कस्बे से लगभग 35 किलोमीटर दूर जाइ-गंडोह मार्ग पर घात लगाकर बैठी थी। उन्होंने बताया कि रात करीब साढ़े 11 बजे एसओजी टीम ने एक युवक को रोका, जिसने कथित तौर पर सुरक्षाकर्मियों पर हमला कर उनकी सरकारी राइफल छीनने का प्रयास किया। अधिकारी ने कहा, ”हाथापाई के दौरान एसओजी के एक जवान ने गोली चला दी।इसमें युवक को गोली लगी, जबकि तीन पुलिसकर्मी भी घायल हो गए।” अधिकारियों के अनुसार, चारों को पहले भद्रवाह के उप-जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां से बेहतर इलाज के लिए डोडा के सरकारी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल रेफर किया गया। चिका गांव निवासी 30 वर्षीय आरिफ हुसैन ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। उन्होंने बताया कि मामले में एक धार्मिक उपदेशक को हिरासत में लिया गया है। एहतियात के तौर पर भद्रवाह शहर में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) और पुलिस की अतिरिक्त टुकड़ियां तैनात की गई हैं। अधिकारियों ने बताया कि सेना ने जाइ क्षेत्र में तलाशी अभियान भी शुरू कर दिया है।
July 17, 2026रूद्रप्रयाग। केदारनाथ हाईवे पर बीती देर रात बड़ा सड़क हादसा हो गया। फाटा—बड़ासू मोटर मार्ग पर तरसाली (चंडिका धार) के पास एक डंपर अनियंत्रित होकर करीब 100 मीटर गहरी खाई में जा गिरा। हादसे में डंपर सवार संजय राणा (45) और मोहन की दर्दनाक मौत हो गई।हादसे के बाद स्थानीय लोगों ने चीख—पुकार सुनकर पुलिस को सूचना दी। इसके बाद एसडीआरएफ, पुलिस, फायर सर्विस और 108 एम्बुलेंस की टीमे मौके पर पहुंची। अंधेरा और गहरी खाई होने के बावजूद जवानों ने रोप रेस्क्यू तकनीक की मदद से नीचे उतरकर संयुक्त अभियान चलाया और शवों को बाहर निकाला। फिलहाल पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है। वहीं, प्रशासन दुर्घटना के कारणों की जांच कर रहा है।
July 17, 2026देश में इस समय यदि कोई ऐसा मुद्दा है, जिसने करोड़ों युवाओं के धैर्य, मेहनत और भविष्य को सबसे अधिक चोट पहुंचाई है, तो वह हैकृपेपर लीक। भर्ती परीक्षाओं का प्रश्नपत्र लीक होना अब अपवाद नहीं, बल्कि एक चिंताजनक प्रवृत्ति बनता जा रहा है। हर बार लाखों अभ्यर्थी महीनों और वर्षों की तैयारी के बाद परीक्षा केंद्र तक पहुंचते हैं, लेकिन कुछ घंटों बाद उन्हें यह सुनने को मिलता है कि परीक्षा रद्द कर दी गई है। कारण पेपर लीक। यह केवल परीक्षा रद्द होने की खबर नहीं होती, बल्कि लाखों युवाओं के सपनों पर लगी रोक होती है। इसी बीच देश में दो समानांतर तस्वीरें दिखाई देती हैं। दिल्ली में शिक्षाविद सोनम पेपर लीक के खिलाफ अनिश्चितकालीन अनशन पर बैठे हैं। उनका कहना है कि यह किसी एक परीक्षा या एक राज्य का मामला नहीं, बल्कि देश की परीक्षा व्यवस्था की विश्वसनीयता का संकट है। दूसरी ओर, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी छात्रों की गूंज कार्यक्रम के माध्यम से छात्रों से संवाद कर रहे हैं। वह बेरोजगारी, परीक्षा व्यवस्था और युवाओं के भविष्य पर सरकार से सवाल पूछ रहे हैं। दोनों घटनाओं का केंद्र एक ही है छात्र। लेकिन एक सवाल लगातार उठ रहा है। यदि पेपर लीक आज देश का सबसे बड़ा छात्र मुद्दा है, तो क्या विपक्ष के सबसे बड़े नेता को सड़क पर चल रहे ऐसे आंदोलनों के साथ भी प्रत्यक्ष रूप से खड़ा दिखाई देना चाहिए? क्या संसद में उठाई गई आवाज और धरने पर बैठे लोगों के बीच कोई पुल बनना चाहिए? यह सवाल इसलिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि लोकतंत्र में केवल सरकार ही जवाबदेह नहीं होती। विपक्ष भी जनता की उम्मीदों का प्रतिनिधि होता है। जब विपक्ष सरकार से जवाब मांगता है, तब जनता विपक्ष से भी यह पूछने का अधिकार रखती है कि वह स्वयं इस संघर्ष में कितनी सक्रिय भूमिका निभा रहा है। हालांकि, यह भी उतना ही सही है कि किसी भी जन आंदोलन का महत्व केवल इस बात से तय नहीं किया जा सकता कि उसमें कौन-सा बड़ा नेता शामिल हुआ और कौन नहीं। लोकतांत्रिक समर्थन कई रूपों में व्यक्त किया जा सकता हैकृसंसद में बहस, सार्वजनिक बयान, नीति सुझाव या प्रत्यक्ष भागीदारी के माध्यम से। इसलिए केवल किसी मंच पर उपस्थित न होने से किसी नेता की प्रतिबद्धता पर अंतिम निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा। फिर भी राजनीति में प्रतीकों का अपना महत्व होता है। किसी बड़े नेता की उपस्थिति किसी आंदोलन को राष्ट्रीय विमर्श के केंद्र में ला सकती है। इसलिए यह प्रश्न स्वाभाविक है कि क्या छात्र आंदोलन केवल चुनावी भाषणों का विषय रहेंगे, या राजनीतिक दल उनके संघर्षों के साथ भी निरंतर खड़े दिखाई देंगे। पेपर लीक अब किसी एक राज्य की समस्या नहीं है। उत्तराखंड से लेकर उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान, हरियाणा और अन्य राज्यों तक अनेक भर्ती परीक्षाएं विवादों में रही हैं। इससे युवाओं के मन में यह धारणा गहराती है कि उनकी मेहनत से अधिक मजबूत पेपर लीक का नेटवर्क है। सबसे बड़ा संकट यही है कि अब छात्रों का गुस्सा केवल सरकार के खिलाफ नहीं है। वह पूरी राजनीतिक व्यवस्था से सवाल पूछ रहा है। युवा पूछ रहा है जब हमारा भविष्य दांव पर था, तब सत्ता क्या कर रही थी? और साथ ही यह भी पूछ रहा हैकृजब हम सड़क पर संघर्ष कर रहे थे, तब विपक्ष कहां था? यह लोकतंत्र का स्वस्थ संकेत है कि सवाल सभी से पूछे जाएं सत्ता से भी और विपक्ष से भी। क्योंकि युवाओं का भविष्य किसी दल का चुनावी घोषणापत्र नहीं, बल्कि राष्ट्र की सबसे बड़ी पूंजी है। आज आवश्यकता आरोप-प्रत्यारोप की नहीं, बल्कि ऐसी परीक्षा व्यवस्था की है जिसमें प्रश्नपत्र बाजार की वस्तु न बने, भर्ती प्रक्रिया पारदर्शी हो और दोषियों को त्वरित एवं कठोर दंड मिले। क्योंकि हर बार जब कोई पेपर लीक होता है, तब केवल प्रश्नपत्र नहीं लीक होता देश के युवाओं का विश्वास भी लीक होता है और जिस दिन यह विश्वास पूरी तरह टूट गया, उस दिन लोकतंत्र की सबसे बड़ी परीक्षा शुरू होगी।