यूसीसी की उल्टी गिनती शुरू

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हाई पावर कमेटी की बैठकों का दौर जारी
सीएम ने 30 जून अंतिम तारीख तय की

देहरादून/नई दिल्ली। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा सेवानिवृत्त न्यायाधीश डॉ रंजना देसाई की अध्यक्षता में यूसीसी का ड्राफ्ट तैयार करने के लिए हाई पावर कमेटी बनाई गई थी उसके द्वारा लगातार बैठकें की जा रही है। आज भी कमेटी की एक बैठक डॉ रंजना देसाई की अध्यक्षता में हुई, जिसमें कमेटी के सदस्यों द्वारा कई मुद्दों पर विचार विमर्श किया गया।
विधानसभा चुनाव 2022 के अंतिम दौर में मुख्यमंत्री धामी द्वारा राज्य में यूनिफॉर्म सिविल कोड लागू करने की बात कही गई थी। सत्ता में आते ही सीएम धामी ने यूसीसी का ड्राफ्ट तैयार करने के लिए इस पांच सदस्यीय कमेटी का गठन किया गया था। जिसको 6 माह में ड्राफ्ट तैयार करने को कहा गया था लेकिन यूनिफॉर्म सिविल कोड एक ऐसा गंभीर विषय है जिसका हर एक नागरिक से सीधा संबंध है चाहे वह किसी भी क्षेत्र धर्म व संप्रदाय से ताल्लुक रखता हो। सभी के लिए एक समान कानून बनाने व लागू किए जाने का यह विषय इसलिए भी पेचीदा है क्योंकि सभी के रीति रिवाज व धर्म कर्म और तौर तरीके अलग—अलग हैं और सभी अपनी—अपनी मान्यताओं को प्राथमिकता में रखते हैं। यही कारण है कि इस कमेटी द्वारा एक आम आदमी से लेकर बुद्धिजीवी व कानून विशेषज्ञों तक से अनेक पेचीदा मामलों में उनकी सलाह ली गई है।
कमेटी का प्रयास है कि वह एक ऐसा सर्वमान्य ड्राफ्ट दे सके जिस पर कम से कम आपत्तियां हो और इसमें कम से कम संशोधनों की जरूरत पड़े। अभी इससे पूर्व कमेटी के सदस्यों ने केंद्रीय लॉ कमीशन के सदस्यों के साथ कुछ अहम मुद्दों पर डिस्कस किया गया था। आज इसी क्रम में कमेटी के सदस्य कुछ अहम मुद्दों पर परिचर्चा कर रहे हैं। खबर यह भी है कि इसके बाद वह दिल्ली में जनसंवाद करने जा रहे हैं। डॉ. रंजना देसाई का कहना है कि ड्राफ्ट पूरी तरह तैयार है लेकिन उनकी कोशिश है कि वह एक ऐसा ड्राफ्ट तैयार कर पाए जो अन्य राज्यों के लिए भी आदर्श ड्राफ्ट साबित हो सके और इसे अन्य राज्यों में भी लागू किया जा सके। अगर सबकुछ ठीक ठाक रहता है तो तीस जून तक कमेटी द्वारा यूसीसी का ड्राफ्ट सरकार को सौंप दिया जाएगा तथा उत्तराखंड यूनियन सिविल कोड लागू करने वाला पहला राज्य बन सकेगा।

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