खतरनाक मौसम में भी यात्रा जारी

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जान जोखिम में पर आस्था अडिग
प्रशासन की अपील का कोई असर नहीं
बर्फबारी में दर्शनाेंं के लिए लंबी—लंबी कतार

रुद्रप्रयाग/चमोली। बीते तीन—चार दिनों से उत्तराखंड का मौसम खराब चल रहा है पहाड़ों पर भारी बर्फबारी और मैदानों में बारिश और ओलावृष्टि से जनजीवन थम सा गया है। लेकिन इस खतरनाक मौसम में भी चार धाम यात्रा बदस्तूर जारी है। श्रद्धालु न प्रशासन के रोके रुक रहे हैं और न मौसम विभाग की चेतावनी का उन पर कोई असर देखने को मिला है। अब तक ढाई लाख से अधिक लोग चार धाम पर पहुंच चुके हैं। केदारनाथ में सबसे अधिक बर्फबारी हुई है तथा सबसे ज्यादा खराब मौसम है लेकिन यहां सबसे अधिक 92 हजार श्रद्धालु अब तक पहुंच चुके हैं।
खराब मौसम के कारण सभी चारों धामों के लिए फिलहाल रजिस्ट्रेशन रोक दिए गए हैं क्योंकि 5 मई तक मौसम के अत्यधिक खराब रहने की चेतावनी मौसम विभाग द्वारा जारी की गई है। बीते 3 दिनों से केदारधाम में रुक—रुक कर बर्फबारी हो रही है लेकिन बर्फबारी के बीच भी श्रद्धालू दर्शनों के लिए लाइन लगाकर खड़े हैं प्रशासन श्रद्धालुओं को जगह—जगह पड़ावों पर रोकने का प्रयास कर रहा है लेकिन वह खुद के रिस्क पर यात्रा पर जा रहे हैं। आज केदारधाम पहुंच कर खुद डीजीपी अशोक कुमार ने यात्रियों से सुरक्षित यात्रा करने की अपील की है।
उधर बद्रीनाथ धाम में बर्फबारी के साथ आज भारी बारिश हो रही है जिसके कारण सभी धामों में तापमान निरंतर गिरता जा रहा है लेकिन किसी भी मुश्किल से बेपरवाह श्रद्धालुओं का धाामों में पहुंचने का सिलसिला जारी है। इस बीच एक बार फिर मौसम विभाग द्वारा 5 मई तक राज्य में खराब मौसम रहने की चेतावनी देते हुए कहा गया है कि इस दौरान यात्रियों तथा शासन प्रशासन को बहुत सतर्क रहने की जरूरत है। वृद्ध और बीमार तथा बच्चों को इस दौरान यात्रा पर न जाने की सलाह दी गई है। खराब मौसम के कारण भूस्खलन से मार्ग बाधित होने की संभावनाएं भी जताई गई है। प्रशासन द्वारा हरिद्वार से लेकर गौरीकुंड और चमोली तक यात्रियों को पड़ावो पर रोका जा रहा है लेकिन इसके बावजूद भी यात्रियों के धामों में पहुंचने का सिलसिला जारी है।

मई माह में जले अलाव, 53 साल का रिकॉर्ड तोड़ा


नैनीताल/रुद्रप्रयाग। लगातार हो रही बारिश व बर्फबारी के कारण मई के महीने में भी पहाड़ सर्दी से कांप रहे हैं। नैनीताल और रुद्रप्रयाग में पर्यटक और स्थानीय लोगों द्वारा सर्दी से बचने के लिए अलाव का सहारा लिया जा रहा है। दिन में भी लोग अलाव जलाकर आग सेक रहे हैं वहीं नैनीताल में पहुंचे पर्यटक गर्म कपड़ों की खरीदारी कर रहे हैं स्थानीय लोगों ने अपने गर्म कपड़े फिर से निकाल लिए, लोगों का कहना है कि इससे पहले 1971 में मौसम का ऐसा ही बदलाव देखा गया था। पहाड़ के अधिकाश्ंा जिलों में बीते 1 सप्ताह में या तो भारी बर्फबारी हुई है या फिर बारिश हो रही है जिससे तापमान में भारी गिरावट आई है।

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