पुलिस को फिटनेस वं परसेप्शन मैनेजमेंट पर भी फोकस करने की आवश्यकताः धामी

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देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि आज के युग की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए पुलिस को फिटनेस एवं परसेप्शन मैनेजमेंट पर भी फोकस करने की विशेष आवश्यकता है।
आज पुलिस मुख्यालय में आयोजित उत्तराखंड पुलिस मंथन—समाधान एवं चुनौतियां पुलिस सप्ताह का शुभारंभ मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के द्वारा किया गया। पुलिस मुख्यालय पहुंचने पर मुख्यमंत्री को पुलिस गार्द के द्वारा सलामी देकर अभिवादन किया गया। इस अवसर पर पुलिस महानिदेशक, उत्तराखण्ड अशोक कुमार द्वारा प्रस्तुतीकरण के माध्यम से अपराध नियंत्रण, महिला सुरक्षा, ड्रग्स, साइबर एवं यातायात जैसे विभिन्न विषयों पर पुलिस की भावी कार्य योजना से मुख्यमंत्री को अवगत कराया गया। साथ ही बताया कि इस वर्ष चारधाम यात्रा में आये लगभग 47 लाख एवं कांवड यात्रा में 04 करोड़ श्रद्धालुओं की यात्रा को सकुशल सम्पन्न कराया गया। इस अवसर पर राज्य के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा उत्तराखंड पुलिस के जनता से संवाद (पब्लिक इंटरेक्शन) के साथ—साथ पुलिस के जवानों से भी संवाद (वर्टिकल इंटरेक्शन) करने की नई पहल का स्वागत किया गया। उन्होंने आज के युग की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए पुलिस को फिटनेस एवं परसेप्शन मैनेजमेंट पर भी फोकस करने की विशेष आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने राज्य के समस्त वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि इस मंथन कार्यक्रम के दौरान आप सभी विभिन्न विषयों पर मंथन करके भविष्य की ऐसी योजना बनाएं जो उत्तराखंड पुलिस को माननीय प्रधानमंत्री जी के विजन (स्मार्ट एवं सशत्तQ पुलिसिंग) बनाने में सहायक बने। उन्होंने कहा कि पुलिस के बडी जिम्मेंदारी है, कि देवभूमि का स्वरूप न बिगड़े इसके लिए पुलिस को लगातार कार्य कर सजग रहने की आवश्यकता है। जघन्य अपराधों की बेहतर पैरवी हेतु विशेष अभियोजन अधिकारी की नियुक्ति की जाए। मुख्यमंत्री द्वारा बताया कि राज्य सरकार की सरलीकरण की नीति के क्रम में महिला सुरक्षा को प्राथमिकता पर रखते हुए गौरा शक्ति योजना को महिलाओं की सुविधा एवं सुरक्षा हेतु डिजिटाइज किया गया है। जिसके अंतर्गत रजिस्ट्रेशन कराने वाली 45,216 महिलाओं से महिला पुलिसकर्मी संपर्क में रहकर तत्काल मदद कर उनकी शिकायत का समाधान करें, ताकि महिलाओं में सुरक्षा का भाव जागृत हो। इस योजना को लगातार आगे बढ़ाया जाने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि राज्य में शांति एवं कानून व्यवस्था बनाए रखने हेतु इंटेलिजेंस कर्मियों को प्रोएक्टिव होकर कार्य करना आवश्यक है। उन्होंने अपराध नियत्रण एंव अन्य विषयों पर सांइस एण्ड टैक्नोंलॉजी का उपयोग किया जाए। उन्होंने विशेष तौर पर बताया कि वर्ष— 2023 में पुलिस विभाग में लगभग 1,000 कॉन्स्टेबल के पदों पर भर्ती की जाएगी। वर्तमान में प्रचलित 1521 पुलिस कांस्टेबल भर्ती प्रक्रिया के पूर्ण होने तक पुलिस विभाग को 1521 पी.आर.डी. जवानों द्वारा अस्थाई सेवा भी प्रदान की जाएगी। उन्होंने निर्देश दिए कि पर्वतीय क्षेत्रों में साइबर अपराध को रोकने के लिए महिला थाने के रूप में कार्य कर रहे श्रीनगर एवं अल्मोड़ा महिला थाना, अब साइबर थाने का भी कार्य करेंगे। पुलिस विभाग को संसाधनों की कमी नहीं होने दी जाएगी। इसी क्रम में उन्होंने कहा कि जवानों की आवासीय सुविधा एवं भवन निर्माण के लिए बजट बढ़ाया जाएगा तथा वाहन खरीद प्रक्रिया को सरल बनाया जाएगा। इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव गृह, श्रीमती राधा रतूड़ी, अपर पुलिस महानिदेशक प्रशासन अभिनव कुमार, अपर पुलिस महानिदेशक पुलिस दूरसंचार अमित कुमार सिन्हापुलिस मुख्यालय के समस्त वरिष्ठ पुलिस अधिकारी सम्मिलित हुए।

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