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महिला पर्यटक की वीडियो रिकॉर्डिंग करने वाले को एक वर्ष का कारावास

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नैनीताल। पर्यटन नगरी नैनीताल में एक महिला पर्यटक की निजता भंग करने के मामले में न्यायालय ने महत्वपूर्ण निर्णय सुनाया है। होटल के बाथरूम में महिला पर्यटक का वीडियो बनाने के आरोपित होटल कर्मचारी को न्यायालय ने दोषी ठहराते हुए एक वर्ष के कठोर कारावास और पांच हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। न्यायालय ने स्पष्ट किया कि अर्थदंड जमा नहीं करने की स्थिति में आरोपित को दो माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
सहायक अभियोजन अधिकारी शिवांजना शर्मा के अनुसार महिला पर्यटक ने मल्लीताल कोतवाली में शिकायत दर्ज कराई थी कि उसने अपने पति के साथ 13 अगस्त से 15 अगस्त 2022 तक होटल अरोमा में कमरा बुक कराया था। उन्हें होटल में कमरा संख्या 310 दिया गया था। शिकायत में कहा गया कि 15 अगस्त की सुबह जब वह स्नान के बाद कपड़े पहन रही थीं, तभी उन्होंने देखा कि कोई व्यक्ति बाथरूम की खिड़की से मोबाइल फोन के माध्यम से उनकी रिकॉर्डिंग कर रहा है। महिला ने तत्काल शोर मचाकर अपने पति को बुलाया और होटल प्रबंधन को सूचना देने के साथ पुलिस को भी जानकारी दी। पुलिस जांच के दौरान होटल के सीसीटीवी फुटेज खंगाले गये। जांच में होटल कर्मचारी राहुल कॉमन कॉरिडोर से बाहर निकलते हुए दिखाई दिया। फुटेज में यह भी देखा गया कि वह स्टाफ गैलरी के रास्ते बाथरूम की ओर गया और कुछ मिनट बाद तेजी से वापस लौटता दिखाई दिया। पुलिस ने जब आरोपित के मोबाइल फोन की जांच की तो उसमें रिकॉर्डिंग दिखाई नहीं दी। हालांकि अलग से पूछताछ के दौरान आरोपित ने मोबाइल से रिकॉर्डिंग करने की बात स्वीकार कर ली। इसके बाद मल्लीताल पुलिस ने भारतीय दंड संहिता की धारा 354 के अंतर्गत अभियोग दर्ज किया। विवेचना पूरी होने के बाद पुलिस ने अल्मोड़ा जनपद के लमगड़ा थाना क्षेत्र स्थित रतखान गांव निवासी राहुल कुमार के विरुद्ध न्यायालय में आरोप पत्र प्रस्तुत किया। न्यायालय ने मामले का संज्ञान लेकर आरोपित को विचारण के लिए तलब किया। अभियोजन पक्ष की ओर से महिला पर्यटक, उनके पति, विवेचक उप निरीक्षक पूजा मेहरा सहित कुल नौ गवाह और दस्तावेजी साक्ष्य प्रस्तुत किये गये। आरोपित ने स्वयं को निर्दाेष बताते हुए आरोपों से इनकार किया, लेकिन न्यायालय ने उपलब्ध साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर उसे दोषी करार दिया। दोष सिद्ध होने के बाद आरोपित की ओर से न्यायालय में कहा गया कि यह उसका पहला अपराध है, उसका कोई आपराधिक इतिहास नहीं है और वह परिवार का इकलौता कमाने वाला सदस्य है। हालांकि न्यायालय ने महिला की निजता से जुड़े अपराध को गंभीर मानते हुए एक वर्ष के कठोर कारावास और पांच हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई।

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