जोशीमठ में फिर भू—धसाव का खतरा

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बढ़ रही है दरारों की चौड़ाई बारिश के कारण लोगों में बेचैनी

जोशीमठ। बद्रीनाथ धाम के सबसे मुख्य पड़ाव जोशीमठ में एक बार फिर भू धसाव की खबरों ने शासन—प्रशासन और स्थानीय लोगों की बेचैनी बढ़ा दी है। पूर्व समय में भू धसाओ के कारण खाली कराए गए मकान, दुकानों में आई दरारों की चौड़ाई बढ़ने की खबर से हड़कंप मचा हुआ है।
पूर्व समय में भू—धसाव की जद में आए आधे जोशीमठ में बड़ा नुकसान हुआ था। शासन—प्रशासन द्वारा कई सरकारी भवनों और बड़े होटलों सहित खतरे की जद में आए भवनों को ध्वस्त करने की कार्रवाई की गई थी जबकि आवासीय कुछ कालोनी और मोहल्लों को खाली करा लिया गया था। लोगों को राहत शिविरों और किराए के मकानों की शरण लेनी पड़ी थी पीड़ितों को मुआवजा और उनके विस्थापन की समस्या से जूझ रही सरकार ने उस वक्त चैन की सांस ली जब यहां सर्वे के लिए आई भू वैज्ञानिकों व शोध टीमों ने अपनी रिपोर्ट में भू धसावों के थमने की बात कही।
जिसके बाद प्रभावित क्षेत्रों के कुछ लोग अपने क्षतिग्रस्त घरों में लौट आए लेकिन बीते 2 दिनों से क्षेत्र वासियों द्वारा पुरानी दरारों के चौड़े होने व नई दरारों के आने की बात कहे जाने की खबर ने फिर हड़कंप पैदा कर दिया है। क्षेत्रवासियों का कहना है कि बीते दिनों से लगातार हो रही बारिश के कारण भी यह दरारे चौड़ी होना एक कारण हो सकता है लेकिन इन दरारों की चौड़ाई 2 दिन में 1 से 2 इंच तक बढ़ने की बात कही जा रही है जो चिंता का विषय है। डीएम चमोली का कहना है कि यह मामला उनके संज्ञान में लाया गया है तथा प्रशासन इस पर नजर बनाए हुए हैं। उनका यह भी कहना है कि किसी नए क्षेत्र में दरारें आने या भू—धसाव की कोई खबर अभी तक नहीं आई है। फिर भी इसकी मॉनिटरिंग की जा रही है और चिंता की कोई बात नहीं है जबकि यहां रहने वाले लोगों में भारी बेचैनी जरूर देखी जा रही है।

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