यात्रियों को मौसम का अलर्ट

0
415

चार धाम यात्रा को शुरू हुए अभी वह दो सप्ताह का समय ही हुआ है लेकिन प्री मानसूनी बारिश ने यात्रा में खलल डालना शुरू कर दिया है। यमुनोत्री हाईवे पर भू धसांव इसका उदाहरण है। एक बार सड़क को ठीक किया और यहां फंसे यात्रियों को किसी तरह से सुरक्षित निकाला गया लेकिन अगले ही दिन फिर उसी स्थान पर सड़क धंस गई और आवाजाही फिर बंद हो गई अभी भी इस मार्ग पर हजारों की संख्या में यात्री फंसे हुए हैं। बीते 5 दिनों में प्री मानसूनी बारिश के कारण केदारनाथ का पैदल मार्ग यात्रियों के लिए मुसीबत का सबब बना हुआ है। इस मार्ग पर बड़ी संख्या में घोड़े—खच्चरों के चलने के कारण उनकी लीद और बारिश ने यात्रियों को परेशान कर रखा है। मार्गों पर कई जगह पहाड़ से बड़े—बड़े बोल्डर भी आ रहे हैं जिससे यात्रा बाधित हो रही है तथा यात्रियों की सुरक्षा को बड़ा खतरा बना हुआ है। इन यात्रा मार्गाे में अनेक नाले और खाले भी हैं जो जरा सी बारिश में उफान पर आ जाते हैं और आवाजाही को रोक देते हैं। अभी बीते दिनों हुई बारिश के कारण जोशीमठ के पास पागल नाले में आई बाढ़ से यात्री मुसीबत में फंस गए थे। मानसून काल में इस तरह की घटनाएं आम हो जाती हैं। लेकिन इस साल मई महीने में जिस तरह की प्री मानसूनी बारिश देखी जा रही है वैसा किसी—किसी साल ही होता है। मौसम विभाग द्वारा अब आने वाले 4 दिनों में राज्य में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। जो चारधाम यात्रियों के लिए बड़े खतरे की घंटी है। अगर मौसम विभाग का यह पूर्वानुमान सटीक होता है तो निश्चित तौर पर यह चारधाम यात्रियों के सामने बड़ी परेशानी का कारण बन सकता है। हालांकि शासन—प्रशासन अभी से इस अलर्ट को लेकर चौकन्ना है। यात्रा मार्गों पर एसडीआरएफ और एनडीआरएफ की टीमों को सतर्क रहने के दिशा निर्देश दिए गए हैं। वही चारधाम यात्रियों को इन 4 दिनों में अतिरिक्त सतर्कता बरतनी चाहिए। जब मौसम खराब हो तो उन्हें अपनी यात्रा स्थगित रखनी चाहिए तथा सुरक्षित स्थानों पर ठहर जाना चाहिए। क्योंकि दुर्घटना से भली है देरी। उनकी यात्रा में भले ही एक—दो दिन का अधिक समय लग जाए लेकिन खराब मौसम में उन्हें यात्रा नहीं करनी चाहिए। क्योंकि इस तरह के मौसम में भूस्खलन और बोल्डर गिरने के कारण रास्तों के बंद होने का अधिक खतरा रहता है। चार धाम के अलावा अब कल 22 मई से हेमकुंड साहिब की यात्रा भी शुरू होने जा रही है लेकिन इस यात्रा के शुरू होने से पहले ही मौसम ने रोड़े अटकाना शुरू कर दिए हैं। क्षेत्र में अभी भी वर्षा व बर्फबारी हो रही है। शासन प्रशासन द्वारा भले ही यात्रा को रोकने जैसा कोई फैसला नहीं लिया गया है लेकिन यात्रियों को अपनी सुरक्षा को लेकर सतर्क जरूर किया गया है। जिससे किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here