एक तरफ देश में आर्थिक संकट की आंधी आई हुई है तो वहीं दूसरी तरफ राजनीतिक तूफान अपने ऊफान पर है। चारों ओर से अब बस इस तरह के स्वर ही सुनाई दे रहे हैं कि देश में कुछ बड़ा होने वाला है। यह बात अलग है कि इसके पदचाप 2024 के चुनावी नतीजो के समय से ही सुनाई पड़ने लगे थे लेकिन नीतीश कुमार और चंद्रबाबू नायडू ने भाजपा का साथ देकर इसे दबाने में भरपूर योगदान दिया। खाड़ी युद्ध के दौरान अगर गंभीर एनर्जी संकट न खड़ा हुआ होता तो शायद जोड़ जुगाड़ के जरिए केंद्र सरकार 2029 तक के अपने कार्यकाल को येनं केन प्राकरेण निकाल ही लेती लेकिन अब उसके लिए मुश्किल ही नहीं असंभव प्रतीत होने लगा है मोदी और उनकी सरकार की लगातार गिरती साख के साथ आम आदमी ने अब सरकार के सहयोगियों को भी कोसना शुरू कर दिया तथा कुछ तो नायडू और नीतीश को भी इसका खामियाजा भोगने तक की बात खुलकर करने लगे हैं। देश में राहुल गांधी तो लंबे समय से लोकतंत्र और संविधान बचाने की लड़ाई लड़ ही रहे हैं लेकिन इस बीच पश्चिम बंगाल चुनाव में ममता बनर्जी और उनकी तृणमूल कांग्रेस की हार तथा नीट के पेपर लीक मामले ने विपक्ष की लड़ाई को और अधिक मजबूत कर दिया है। ममता बनर्जी अब मोदी और शाह की सरकार को उखाड़ फेंकने की चुनौती दे रही है क्योंकि उन्हें नायडू का साथ मिलता दिख रहा है। देश में हो रहे एसआईआर जिसमें लाखों लाख नागरिकों को उनके वोट के संवैधानिक अधिकार से वंचित किया जा रहा है और देश की सर्वाेच्च अदालत भी उनकी मदद नहीं कर पा रही है जिसके कारण सरकार की पीठ पर वोट चोरी का ठप्पा लग रहा है वहीं दूसरी तरफ युवा बेरोजगार नीट की परीक्षा का प्रश्न पत्र लीक होने तथा परीक्षार्थियों के आत्महत्या के मुद्दे पर आग बबूला है। देश में एक तरफ गंभीर एनर्जी संकट तथा पेट्रोल डीजल गैस की बढ़ती कीमतों से लोगों का आक्रोश आसमान पर है और ट्रांसपोर्टर चक्का जाम पर आमादा है वही आम आदमी उपभोक्ता वस्तुओं की हर रोज बढ़ रही कीमतों को लेकर परेशान है तथा पूरे देश में अफरा—तफरी का माहौल बना हुआ है। इस बीच पीएम मोदी की विदेश यात्रा और उनकी मौज मस्ती की तस्वीरें है तो दूसरी तरफ चीफ जस्टिस कि वह टिप्पणी जिसमें उन्होंने बेरोजगार युवाओं को पैराडाइज कॉकरोच कहा था देश का युवा आग बबूला है। भले ही अब सीजेआई इस पर सफाई दे चुके हो लेकिन युवाओं ने कॉकरोच जनता पार्टी के गठन से प्रत्योत्तर सीजेआई व सरकार को करारा जवाब दिया है। अभिजीत जो इस पार्टी के संस्थापक है भले ही उन्होंने इसे मजे खोरी में किया हो लेकिन किसी ने कल्पना भी नहीं की होगी कि चंद दिन व चंद घंटे में ही उनके फॉलोअर 5 मिलियन से भी पार निकल जाएंगे जो भाजपा और कांग्रेस के बाद आम आदमी पार्टी से भी अधिक है। कॉकरोच जनता पार्टी अब 2029 में चुनाव मैदान में उतरने की घोषणा कर चुकी है खास बात यह है कि इस पार्टी को जेन जे की परिणिति माना जा रहा है। इसकी लोकप्रियता ग्राफ जिस तेजी से बढ़ रहा है, हो सकता है कि आने वाले समय में यह भाजपा और कांग्रेस के आसपास पहुंच जाए। एक समय में आम आदमी पार्टी की टोपी पहन कर जैसे लोग मैं भी हूं आम आदमी, के प्रचार में जुटे थे इस दौर में भी मैं भी हूं कॉकरोच का दौर शुरू हो चुका है जिसने सरकार के माथे पर चिंता की लकीरें खींच दी है। तमाम हालात पर गौर करें तो लगता तो यही है कि अब इस देश में कुछ बड़ा होकर ही रहेगा। क्योंकि यह देश के समाज की अकुलाहट को दर्शाता है।




