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पहाड़ और मैदान में ‘लू’ का टार्चर

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  • उत्तराखंड में भीषण गर्मी से मचा मैदान से लेकर पहाड़ तक हाहाकार
  • प्रदेश के मैदानी जिलोंकृमें तापमान 40 से 42 डिग्री सेल्सियस के पार
  • पहाड़ में जंगलों में लगी आग ने कर दिया है लोगों का जीना मुहाल

देहरादून। उत्तराखंड के मैदानी जिलोंकृदेहरादून, हरिद्वार, और उधमसिंह नगर में तापमान 40 से 42 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है। दोपहर के समय सड़कों पर सन्नाटा पसर जाता है और गर्म हवाओं के थपेड़ों ने लोगों का जीना मुहाल कर दिया है।
चौंकाने वाली बात यह है कि मुक्तेश्वर, मसूरी, अल्मोड़ा और नैनीताल जैसे पहाड़ी हिल स्टेशनों पर भी तापमान सामान्य से 4 से 6 डिग्री अधिक दर्ज किया जा रहा है, जिन पहाड़ों में लोग कड़ाके की ठंड से बचने के लिए गर्म कपड़ों का सहारा लेते थे, वहां अब दोपहर के समय पंखे और कूलर चलाने की नौबत आ गई है।
दिल्ली, एनसीआर, यूपी और पंजाब की तपती गर्मी से राहत पाने के लिए जो पर्यटक भारी संख्या में मसूरी, नैनीताल या )षिकेश पहुंच रहे हैं, उन्हें भी यहां आकर पूरी राहत नहीं मिल पा रही है। हिल स्टेशनों पर भी दोपहर की चटक धूप सैलानियों को होटलों के कमरों में कैद रहने को मजबूर कर रही है। हालांकि, शाम के समय हल्की ठंडी हवाएं जरूर थोड़ी राहत दे रही हैं।
गर्मी बढ़ने के साथ जंगलों में आग की घटनाएं भी तेजी से बढ़ी हैं। चीड़ के जंगलों से उठती लपटें और धुआं पहाड़ की हवा को और जहरीला बना रहे हैं। कई इलाकों में दिनभर धुंध और धुएं जैसा माहौल बना हुआ है। पर्यावरण विशेषज्ञ इसे जलवायु परिवर्तन का बड़ा संकेत मान रहे हैं। शहरों में भी हालात आसान नहीं हैं। देहरादून, हल्द्वानी और )षिकेश जैसे शहरों में बढ़ती आबादी, कंक्रीट और वाहनों की संख्या ने गर्मी को और तीखा बना दिया है।
मौसम विभाग के अनुसार फिलहाल अगले कुछ दिनों तक गर्मी से राहत मिलने के आसार कम ही हैं। पहाड़ी क्षेत्रों में कहीं-कहीं आंशिक बादल छाने या तेज हवाएं चलने की संभावना जरूर है, लेकिन मैदानी इलाकों को अभी तपिश और लू का सामना करना पड़ेगा।

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