Home उत्तराखंड देहरादून दम तोड़ रही है इंसानियत

दम तोड़ रही है इंसानियत

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चार दिन पूर्व राजधानी देहरादून के दुल्हा बाजार में हुए गंुजन हत्याकांड में हालांकि पुलिस हत्यारोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। साथ ही इस मामले में गठित एसआईटी द्वारा भी न्यायालय मेंं चार्जशीट पेश की जा चुकी है। लेकिन इस मामले का एक ऐसा पहलू भी सामने आया है जो इंसानियत के माथे पर कंलक का टीका है। पुलिस द्वारा अब गुजंन हत्याकांड के बाद 35 गवाहो को चार्जशीट में शामिल किया गया है। यह बात चौंकाने वाली है कि जब मौके पर इतने लोग मौजूद थे तो उन्होने हत्यारोपी को वारदात करने से क्यों नहीं रोका था? जंाच में यह भी सामने आया है कि आरोपी द्वारा इस वारदात को 10 से 15 मिनट तक अंजाम दिया गया है। इतने लम्बे समय तक आरोपी मौके पर ही मौजूद रहा तो फिर वह तीस चालीस लोग क्या सिर्फ तमाशा देखते रहे। अगर उनमें से चार—पांच लोगों द्वारा ही इस वारदात को रोेकने की कोशिश की गयी होती तो गुंजन को इस वारदात में अपनी जान नहीं गंवानी पड़ती। वहीं दूसरी ओर इस मामले को लेकर पुलिस पर भी सवालियंा निशान खड़े हो रहे है। मृतका की मां का साफ कहना है कि गुंजन द्वारा पुलिस को दी गयी शिकायत में आरोपी से अपनी जान का खतरा बताया गया था। लेकिन फिर भी पुलिस द्वारा इस मामले में कोई कार्यवाही नहीं की गयी। जिससे हत्यारोपी के हौंसले बुंलद हुए और उसने हत्याकांड को अंजाम दे डाला। गुंजन हत्याकांड से यह बात तो जरूर समझ में आयी है कि आज समाज में इन्सानियत अपना दम तोड़ चुकी है। अगर ऐसा न होता तो हत्यारोपी भरे बाजार में दिन दहाड़े ऐसे हत्याकांड को अंजाम देने में सफल नहीं हो सकता था।

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