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सुशासन दिवस पर धीराज सिंह गर्ब्याल को राज्यपाल द्वारा मिला `उत्कृष्ट जिलाधिकारी पुरस्कार’

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देहरादून। बैच 2009 के आईएएस अधिकारी धीराज सिंह गर्ब्याल ने पांच वर्षों तक उत्तराखण्ड कृषि उत्पादन विपणन बोर्ड तथा चार वर्षों तक कुमाऊँ मंडल विकास निगम के प्रबंध निदेशक के रूप में कार्य करते हुए अनेक अभिनव योजनाओं की नींव डाली। पर्वतीय क्षेत्र के कृषक—समुदाय की सुविधा के लिए मोटे अनाज अर्थात मिलेट्स की सीधी खरीद तथा उनके प्रसंस्करण की शुरुआत की। उन्होंने 2016 में उत्तराखंड राज्य में स्थित देश के सुदूरतम गाँव कुटी से समुदाय—आधारित पर्यटन तथा होम—स्टे की शुरुआत की तथा पर्यटन के क्षेत्र में आधुनिक तत्वों का समावेश किया। आगामी वर्षों में इन योजनाओं को इसी सीमान्त क्षेत्र की दारमा एवं व्यांस घाटियों के अन्य गाँवों में भी प्रसारित किया।
पौड़ी जिले का जिलाधिकारी रहते हुए उन्होंने राजकीय उघानों में मिशन एप्पल जैसी अनूठी योजना के माध्यम से औघानिकी के आधुनिकीकरण में अविस्मरणीय योगदान दिया जिससे क्षेत्र के किसानों के जीवनस्तर पर सीधा और सकारात्मक प्रभाव पड़ा। एरोस्पोर्ट्स तथा सामुदायिक सहभागिता पर आधारित होम—स्टे जैसे नूतन प्रयोगों से जोड़कर अनेक रोजगारपरक योजनाएं भी इस अवधि की उपलब्धियां रहीं।
जिला नैनीताल के जिलाधिकारी के रूप में गर्ब्याल ने नैनीताल नगर की पुरानी बाजारों तथा ऐतिहासिक महत्त्व के अनेक स्थलों का नवीनीकरण करने के लिए स्थानीय वास्तुशिल्पियों और विशेषज्ञों की सहायता से पारंपरिक शिल्प का प्रयोग किया। उत्तराखंड राज्य के किसी भी नगर में किया जाने वाला यह एक अभूतपूर्व प्रयोग है। जिले में पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से उनके द्वारा यहाँ भी सामुदायिक सहभागिता पर आधारित एस्ट्रो—पर्यटन तथा औघानिकी पर्यटन को बड़े पैमाने पर प्रोत्साहन दिया जा रहा है। जिला पौड़ी में प्रारम्भ किये गए मिशन एप्पल नैनीताल जिले में भी लागू किया गया है जिसके ऐतिहासिक परिणाम आने लगे हैं।
एक जनप्रिय तथा दूरदर्शी प्रशासक के रूप में अपने श्रम और दृढ़—निश्चय से धीराज सिंह गर्ब्याल ने लगातार एक के बाद एक शानदार उपलब्धियां अर्जित की हैं जिनका महत्त्व तात्कालिक भी है और दीर्घकालिक भी। राज्य के अन्त्योदय के लिए जिस कर्मठता के साथ वे सतत सन्नद्ध रहते हैं वह अत्यंत श्लाघनीय और अनुकरणीय है।

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