आप ने भाजपा से छीनी एमसीडी की सत्ता

0
101

134 सीटें जीतकर उखाड़ी भाजपा की 15 साल पुरानी सत्ता
भाजपा 104 सीटों पर सिमटी, कांग्रेस को मिली 9 सीटें

नई दिल्ली। देश की राजधानी दिल्ली से पहले कांग्रेस की 15 साल पुरानी सरकार को उखाड़ फेंकने वाली आम आदमी पार्टी ने अब एमसीडी (यानी दिल्ली की छोटी सरकार) से भी भाजपा की सरकार को उखाड़ फेंकने में सफलता हासिल कर ली है। 250 सदस्यीय एमसीडी के चुनाव में पूर्ण बहुमत के साथ आम आदमी पार्टी सत्ता पर काबिज हो चुकी है।
आम आदमी पार्टी के लिए इस जीत को महत्वपूर्ण इसलिए भी माना जा रहा है क्योंकि दिल्ली के चुनाव को मिनी इंडिया का चुनाव कहा जाता है। दिल्ली के विधानसभा चुनाव में रिकॉर्ड बहुमत के साथ सत्ता पर काबिज हो चुकी आम आदमी पार्टी ने दिल्ली नगर निगम से भी अब भाजपा के 15 साल पुराने कब्जे को समाप्त कर दिया है। भाजपा के लिए एमसीडी का यह चुनाव नाक का सवाल बना हुआ था। दिल्ली एमसीडी के इस चुनाव के प्रचार में भाजपा ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी थी। इस चुनाव में भाजपा ने अपने 70 सांसदों 17 केंद्रीय मंत्रियों और 7 राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ प्रवक्ताओं की पूरी फौज को उतारा गया था जिसने आप के घपले घोटालों के दर्जनों ऑडियो वीडियो का भी सहारा लिया गया था। जबकि आम आदमी पार्टी के चंद नेता और प्रवक्ता ही चुनाव प्रचार मैदान में थे। एमसीडी के चुनाव के साथ गुजरात, हिमाचल के चुनाव भी होने के कारण आप के नेताओं द्वारा प्रचार का पूरा फोकस नहीं किया जा सका। लेकिन इस चुनाव में आम आदमी पार्टी 250 में से 134 सीटों पर जीत के साथ एमसीडी की सत्ता पर पूर्ण बहुमत के साथ काबिज हो चुकी है। आम आदमी पार्टी ने इस बहुमत के लिए जरूरी 125 से भी 8 सीटें अधिक जीतकर दिल्ली में अपना मेयर बनाने का रास्ता साफ कर लिया है।
अंतिम चुनाव परिणाम आने के बाद आप को 134 सीटें तथा भाजपा को 104 सीटों पर वह कांग्रेस को 9 सीटों पर व 3 सीटों पर निर्दलीय प्रत्याशियों को जीत मिली है। आज सुबह जब मतगणना शुरू हुई थी तो आम आदमी पार्टी ने शुरू से ही बढ़त बना ली थी जो अंत तक कायम रही। खास बात यह है कि इन एमसीडी के नतीजों में भाजपा को बड़ा झटका लगा है क्योंकि इस चुनाव को 2024 के आम चुनाव के लिए भी बड़े संदेश के रूप में देखा जा रहा है।


पार्टी — सीटें
आम आदमी पार्टी — 134
भाजपा — 104
कांग्रेस — 9
अन्य — 3

कुल सीटें — 250

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here