December 9, 2025आपदा को भी अवसर में तब्दील करने का हुनर रखने वाले भाजपा के नेता और सरकार आज अपने इस फैसले पर अपना सर जरूर धुन रहे होंगे जिन्होंने पश्चिम बंगाल के चुनाव से ऐन पूर्व संसद में वंदे मातरम पर चर्चा का प्रस्ताव रखा था। 10 घंटे की इस चर्चा के लिए तमाम तैयारियां की गई थी, प्रधानमंत्री की संसद में एंट्री से लेकर उनके लगभग 1 घंटे के भाषण तक जिसमें उन्होंने हर संभव इस बात का प्रयास किया कि वह कांग्रेस को मुस्लिम लीग और देश की विभाजनकारी नीतियों का पोषक साबित करें। राष्ट्रीय गीत को दो हिस्सों में विभाजित करने के लिए नेहरू और कांग्रेस को जिम्मेदार ठहराने वाले प्रधानमंत्री मोदी ने इसकी कल्पना भी नहीं की होगी कि उनकी यह गलती उन पर ही नहीं संघ पर इतनी भारी पड़ जाएगी कि भाजपा और संघ के इतिहास के वह सबसे काले पन्ने संसद में इस तरह से पलटे जाएंगे कि जो भारत की संसदीय कार्यवाही में आजादी के 75 साल बाद दर्ज हो जाएंगे जिन्हें आमतौर पर देश के लोगों द्वारा भुला दिया गया था। संसद में बैठे प्रधानमंत्री मोदी ने यह कभी सोचा भी नहीं होगा कि उन्हें वह सब कुछ सुनना पड़ेगा और वह कर कुछ नहीं पाएंगे। बिहार की जीत के मद में पश्चिम बंगाल चुनाव के लिए एजेंडा सेट करने का दांव उन पर इस कदर भारी पड़ जाएगा जो उनके लिए अकल्पनीय ही होगा। देश के हर एक नागरिक को आज इस संसदीय चर्चा को जरूर सुनना चाहिए। पीएम मोदी तथा प्रियंका गांधी के भाषण को सुनकर कोई भी अंदाजा लगा सकता है कि किसकी सोच राष्ट्रवादी है और किसकी विभाजनकारी। प्रियंका ने अपनी बात कहते हुए सदन में सिर्फ पूछा नहीं कि 150 साल बाद हम राष्ट्रीय गीत पर चर्चा क्यों कर रहे हैं यह बताया भी कि इसके पीछे क्या कारण है। उन्होंने सांफ कहा कि आपकी राजनीति सिर्फ चुनाव के लिए है और हमारे देश के लिए। हम सौ बार हार कर भी इस देश के लिए और देश की मिटृी के लिए आपसे सवाल पूछते रहेंगे और लड़ते रहेंगे। उन्होंने साफ कहा कि प्रधानमंत्री अगर राष्ट्रीय गीत पर सवाल उठा रहे हैं तो देश की उस संविधान सभा के सदस्यों का अपमान कर रहे हैं जिसमें सिर्फ नेहरु अकेले नहीं थे महात्मा गांधी, सुभाष चंद्र बोस, रविंद्र नाथ टैगोर, मौलाना आजाद, डा. अंबेडकर जैसे महानायक शामिल थे, यह देश के महापुरुषों का ही नहीं संविधान का अपमान है। प्रियंका गांधी ने भरे सदन में पीएम मोदी के बारे में यह कहकर कि वह भाषण तो बहुत लाजवाब करते हैं मगर उनके भाषणों में तथ्यों के समावेश की बड़ी कमी होती है, मोदी को लाजवाब कर दिया। उन्होंने पीएम के भाषण की तथ्यात्मक खामियों को बिंदुवार गिनाकर ऐसी स्थिति में लाकर खड़ा कर दिया कि जो अत्यंत ही अपमानजनक होती है। संसद में पीएम के प्रवेश पर वंदे मातरम—वंदे मातरम का शोर मचा कर मेज थपथपाने वाले भाजपा के सांसदों को तो मानो कोई सांप ही सूंघ गया हो। हालात इतनी विकराल हो गए कि आपदा में अवसर तलाशनें वालों को भागने का भी कोई रास्ता नहीं मिला और प्रियंका मोदी के 12 साल और अपने 12 महीने संसदीय अनुभव की दुहाई देकर बोलते—बोलते वहां तक पहुंच गई कि हम एक सर्व मान्य सत्य वंदे मातरम पर चर्चा की बजाय बेरोजगारी, महंगाई और पीएमओ में जो कांड हुआ है उस पर चर्चा क्यों नहीं करते? इस चर्चा में विपक्ष ने भाजपा और संघ से पूछा कि वह बताएं उन्होंने कब—कब कहां—कहां राष्ट्रीय गीत गया संघ की शाखाओं में तिरंगा न फहराने और स्वतंत्रता आंदोलन के समय देश की मुखबरी करने तक के सवाल आज संसद में न सिर्फ उठे बल्कि 75 साल का कच्चा चिट्ठा इस चर्चा के जरिए संसदीय इतिहास में दर्ज हो गया। इस चर्चा को पीएम ही नहीं बीजेपी के नेता अब क्या कभी भूल पाएंगे? भाजपा का सारा राष्ट्रवाद आज विपक्ष ने तार—तार कर डाला।
December 9, 2025पिथौरागढ़। चार घरों में अचानक आग लग जाने से लाखों के नुकसान की आंशका जताई जा रही है। वहीं इस अग्निकांड के चलते चारों परिवार इस ठंड के मौसम मेंं बेघर हो गये है। वहीं सूचना मिलने पर जिला प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची है जिनका कहना है कि पीड़ित परिवारो को हरसंभव मदद उपलब्ध करायी जायेगी।मामला देवलथल तहसील क्षेत्र के ग्राम धुरौली का है। बताया जा रहा है कि बीती देर शाम अचानक लगी भीषण आग ने चार मकानों को पूरी तरह राख में बदल दिया, जिससे प्रभावित परिवारों के पास अब सिर ढकने तक की जगह नहीं बची है। जानकारी के अनुसार आग सबसे पहले ललित सिंह के मकान से भड़की जिसके बाद वह इतनी विकराल हो गयी कि उसने समीप स्थित गंभीर सिंह, चंदर सिंह और सुरेंद्र सिंह के घरों को भी अपनी चपेट में ले लिया।आग से सबसे ज्यादा नुकसार ललित सिंह के परिवार को हुआ है। बताया जा रहा है कि उनके घर में रखा राशन, नगदी सहित सोने—चांदी के कीमती आभूषण पूरी तरह जलकर नष्ट हो गए। परिजन अब सिर्फ पहने हुए कपड़ों के सहारे रह गए हैं। आग से हुआ नुकसान लाखों में आँका जा रहा है। आग लगने के कारणों की फिलहाल पुष्टि नहीं हो पाई है। वहीं सूचना मिलने पर फायर सर्विस क्षेत्र में तो पहुंची लेकिन घटना स्थल तक नहीं पहुंच पायी। जिस पर ग्रामीणों ने बाल्टियों से पानी डालकर आग को नियंत्रित करने की कोशिश की, लेकिन लपटों ने मिनटों में चारों घरों को अपनी गिरफ्त में ले लिया। देर रात तक ग्रामीण अंधेरे में आग बुझाने का प्रयास करते रहे। अग्निकांड की सूचना पर राजस्व उपनिरीक्षक को मौके पर भेज दिया गया है। एसडीएम डीडीहाट खुशबू पांडे ने बताया कि नुकसान का आंकलन किया जा रहा है और पीड़ित परिवारों को हरसंभव मदद उपलब्ध कराई जाएगी।
December 8, 2025देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज उत्तराखंड बोर्ड परीक्षा 2025 में हाईस्कूल परीक्षा के टॉपर 240 छात्र—छात्राओं के दल को ‘भारत दर्शन शैक्षिक भ्रमण’ के लिए हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। उक्त छात्र— छात्राएं अलग— अलग दलों में विभिन्न राज्यों का भ्रमण करेंगे।एससीईआरटी ननूरखेड़ा में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि ‘भारत दर्शन शैक्षिक भ्रमण’ के जरिए प्रतिभाशाली छात्र—छात्राओं को भारत की प्रगति, विज्ञान, तकनीक, इतिहास और संस्कृति को प्रत्यक्ष रूप से देखने—समझने का अवसर मिल रहा है। मुख्यमंत्री ने छात्र—छात्राओं से अपील करते हुए कहा कि वो अपनी डायरी में यात्रा अनुभव लिखने के साथ उत्तराखंड में पहली बार हुए नवाचारों और उपलब्धियों को भी दर्ज करें। मुख्यमंत्री ने उदाहरण देते हुए कहा कि उत्तराखंड ने देश में पहली बार यूसीसी लागू कर अन्य राज्यों के लिए एक मॉडल प्रस्तुत किया है। इसी तरह राज्य में पहली बार सख्त नकल विरोधी कानून लागू किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड को पहली बार सतत विकास लक्ष्यों की प्राप्ति में प्रथम स्थान मिला, इसी तरह, 2023 में कर्तव्य पथ पर आयोजित परेड में उत्तराखंड की झांकी को प्रथम स्थान मिला, राज्य में पहली बार 27 हजार युवाओं को सरकारी नौकरी प्रदान की गई है, उत्तराखंड में पहली बार राष्ट्रीय खेलों का भी आयोजन किया गया।मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में पहली बार भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़े पैमाने पर कार्रवाई हुई। राज्य में पहली बार 10 हजार एकड़ जमीन अतिक्रमण से मुक्त कराई गई, साथ ही साथ मदरसा बोर्ड को समाप्त किया गया, इसी तरह उत्तराखंड को मोस्ट फिल्म फ्रेंडली स्टेट का पुरस्कार प्राप्त हुआ है। मुख्यमंत्री ने कहा कि शैक्षिक भ्रमण से लौटने बाद इस डायरी के आधार पर प्रत्येक जनपद से दो—दो छात्र—छात्राओं को पुरस्कृत किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2024—25 से प्रारम्भ इस कार्यक्रम के प्रथम चरण में 156 छात्रों ने देश के महत्वपूर्ण वैज्ञानिक व तकनीकी संस्थानों का भ्रमण किया, इस वर्ष प्रतिभागियों की संख्या बढ़कर 240 हो गई है। ये प्रतिभान छात्र— छात्राएं इसरो, श्रीहरिकोटा स्थित सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र, प्रोफेसर यूआर राव उपग्रह केंद्र, और विक्रम साराभाई अंतरिक्ष केंद्र जैसे संस्थानों का दौरा करेंगे।इस अवसर पर शिक्षा मंत्री डॉ धन सिंह रावत ने कहा कि मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में शिक्षा विभाग ने इस बार वंदेमातरम के डेढ़ सौ वर्ष पूरे होने के अवसर संविधान दिवस के दिन, 23 हजार स्कूलों में वंदेमातरम गायन किया, जिसमें रिकॉर्ड 21 लाख लोगों ने प्रतिभाग किया। कार्यक्रम में रायपुर विधायक उमेश शर्मा काऊ, सचिव रविनाथ रामन, अपर सचिव श्रीमती रंजना राजगुरु, शिक्षा महानिदेशक सुश्री दीप्ति सिंह सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
December 8, 2025देहरादून। सिडकुल आईटी पार्क देेहरादून में 98.5 एकड़ सरकारी भूमि के आवंटन में कथित गड़बड़ियों और चार हजार करोड़ के मुल्य की जमीन से जुड़े दस्तावेज गायब है।पत्रकारों से वार्ता करते हुए यह बात वरिष्ठ कांग्रेस नेता व अधिवक्ता अभिनव थापर द्वारा कही गयी। उन्होने इस मामले को उत्तराखण्ड के इतिहास के सबसे बड़े संभावित भूमि घोटालो में से एक बताते हुए कहा है कि इस पर तत्काल मुकदमा दर्ज कर इसकी जांच स्वतंत्र ऐजेंसी से कराने की मांग की है। उन्होने बताया कि बीते 27 नवम्बर को कांग्रेस मुख्यालय में हुई उनकी पत्रकार वार्ता के अगले ही दिन सिडकुल प्रबन्धन ने दस्तावेज उपलब्ध कराने के नाम पर सिर्फ दो पन्नो की नोटशील उपलब्ध करायी वह भी वर्ष 2002 तक की है। उन्होने कहा कि वर्ष 2002 से 2025 तक के सभी दस्तावेज गायब है।
December 8, 2025होमगार्ड्स स्वंयसेवकों को वर्दी भत्ता अनुमन्य किया जाएगा देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज ननूरखेड़ा, देहरादून में होमगार्ड्स स्थापना दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में प्रतिभाग कर रैतिक परेड का निरीक्षण किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने होमगार्ड्स एवं नागरिक सुरक्षा विभाग की स्मारिका 2025 और विभागीय कैलेंडर 2026 का विमोचन किया। मुख्यमंत्री ने सेवा प्रदत्त एवं दिवंगत होमगार्ड के आश्रितों को चेक भी वितरित किए।मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि होमगार्ड्स स्वंयसेवकों को वर्दी भत्ता अनुमन्य किया जाएगा। राज्य में अर्न्तजनपदीय ड्यूटीयों में तैनात होने वाले होमगार्डस स्वयंसेवकों को मिलने वाले भोजन भत्ते को 100 रूपये से बढ़ाकर 150 रुपए प्रतिदिन किया जाएगा। नागरिक सुरक्षा संगठन के स्वयंसेवकों को मिलने वाले प्रशिक्षण भत्ते को 50 रुपए से बढ़ाकर 140 रुपए प्रतिदिन किया जाएगा।मुख्यमंत्री ने 63वें होमगार्ड्स एवं नागरिक सुरक्षा स्थापना दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि प्रस्तुत की गई रैतिक परेड अत्यंत गौरवशील है। परेड में राष्ट्रसेवा के प्रति जवानों के समर्पण, साहस और उत्कृष्टता की शानदार झलक देखने को मिली। मुख्यमंत्री ने कहा होमगार्ड जवान कठिन परिस्थितियों में भी धैर्य, समर्पण और अदम्य इच्छाशक्ति के साथ प्रदेश की सुरक्षा व्यवस्था और जनसेवा के दायित्वों को निभाते हैं। उन्होंने कहा राज्य सरकार ने होम गार्ड्स जवानों के कल्याण और संगठन के उत्थान के लिए अनेकों महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं।मुख्यमंत्री ने कहा राज्य सरकार ने पहली बार होमगार्ड्स जवानों को 12 आकस्मिक अवकाश प्रदान करने का निर्णय लिया। महिला होमगार्ड्स को प्रसूति अवकाश प्रदान करने की सुविधा भी प्रारंभ की गई है। पुलिस कर्मियों और एनडीआरएफ की भांति 9 हजार फीट से अधिक ऊँचाई पर ड्यूटी करने वाले होमगार्ड्स स्वयंसेवकों को 200 रुपए प्रतिदिन प्रोत्साहन राशि देने का निर्णय भी लिया गया है। एसडीआरएफ के जवानों के साथ प्रशिक्षित हुए होमगार्ड्स के जवानों को 100 रुपए प्रतिदिन प्रोत्साहन राशि भी प्रदान की जा रही है।मुख्यमंत्री ने कहा कि होमगार्ड्स जवान बरसात, ठंड, गर्मी जैसी हर परिस्थितियों में अपने कर्तव्यों का निर्वहन पूरी निष्ठा और समर्पण से करते हैं। होमगार्ड्स जवान, यातायात प्रबंधन, कानून व्यवस्था बनाए रखने के साथ कुंभ और कांवड़ यात्रा जैसे विशाल धार्मिक आयोजनों को सफलतापूर्वक संपन्न कराने में अपनी भूमिका निभा रहे हैं। चारों धामों के साथ—साथ हरिद्वार में स्थापित होमगार्ड्स हेल्प डेस्क देश—विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों को हर संभव मदद उपलब्ध करा रहा है।इस अवसर पर विधायक उमेश शर्मा काऊ, खजान दास, श्रीमती सविता कपूर, मेयर देहरादून सौरभ थपलियाल, मेयर ऋषिकेश शंभू पासवान, कैलाश पंत, श्रीमती मधु भटृ, श्यामवीर सैनी, सचिव श्ौलेश बगोली, डीजीपी दीपम सेठ, डी.जी होमगार्ड पी.वी.के. प्रसाद एवं अन्य लोग मौजूद रहे।
December 8, 2025केंद्र सरकार बीते एक दशक से इस देश के शासन—प्रशासन को कैसे चला रही है? अभी—अभी पीएमओ ऑफिस के कुछ अधिकारियों को हटाने या उनके इस्तीफो की घटना तथा इंडिगो की उड़ानों पर लगे ब्रेक की घटना की रोशनी में आसानी से समझा जा सकता है। इन दोनों घटनाओं ने न सिर्फ सरकार की कार्य प्रणाली का सारा सच सामने ला दिया है बल्कि देश के राजनीतिक और सामाजिक हालात क्या है? इसकी हकीकत को बेपर्दा कर दिया है। देश ही नहीं पूरे विश्व में इंडिगो के ब्रेक डाउॅन की घटना को लेकर थू—थू हो रही है। जो सरकार एक एवियशन विभाग को नहीं संभाल सकती वह इस देश को चला रही है इससे बड़ा अजूबा और क्या हो सकता है? बीते तीन—चार दिनों से देश की सबसे बड़ी एवियशन कंपनी की उड़ानों को अचानक रोके जाने से देश भर के हवाई अड्डों पर फसें लाखों यात्रियों को जिनको कंफर्म टिकट दिए गए बिना कारण बताएं उनकी उड़ानों को अगर कैंसिल कर दिया जाए तो आप समझ सकते हैं कि हालात कैसे होंगे। हवाई अड्डे पर यात्रियों के हंगामें और आक्रोश की खबरें देश ही नहीं पूरा विश्व देख रहा है। लोकल यात्रियों ने भले ही कई कई गुना किराए खर्च कर अपने गंतव्य तक पहुंचने का रास्ता तलाश लिया गया हो लेकिन उन विदेश जाने वाले यात्रियों को अब तक भी कोई समाधान नहीं मिला है। भारत के सिविल एविएशन मंत्री राम मोहन नायडू अब भले ही इनके रहने खाने की व्यवस्था करने व नुकसान की भरपाई करने तथा इंडिगो पर सख्त जुर्माना करने की बात कह रहे हो लेकिन विश्व भर में इसे लेकर जो किरकिरी हुई उसकी क्या कोई सरकार भरपाई कर सकेगी। बात अगर इस समस्या के कारणों पर की जाए तो सरकार को इस बात की पूरी जानकारी थी कि डीजीसीए ने बीते 1 नवंबर को नए नियम बनाए थे उनका अनुपालन करने में इंडिगो जैसी बड़ी कंपनी जिसके पास देश के 60 से 65 फीसदी की हिस्सेदारी है जो प्रतिदिन 2000 से अधिक उड़ानों की सेवाएं दे रही है असमर्थ है। इसके बावजूद भी जब इंडिगो द्वारा कुछ समय और दिन की मांग की जा रही थी उसे समय क्यों नहीं दिया गया और अब जब उसने अपनी उड़ानों पर ब्रेक लगा दिया गया तो उसे 10 फरवरी तक का समय क्यों दे दिया गया। क्या सत्ता शीर्ष पर बैठे लोगों के पास इतनी भी समझ नहीं थी कि इसके क्या परिणाम होंगे और समस्या इतनी गंभीर भी हो सकती है जिसका सरकार के पास कोई समाधान नहीं होगा। सब कुछ सत्ता में बैठे लोग जानते थे लेकिन फिर भी इस संकट को पैदा होने दिया गया। वह भी अडानी जैसे बड़े पूंजी पतियों को लाभ दिलाने के लिए। इसके पीछे पायलटो की कमी की समस्या का ढोल बजाना और अडानी की कंपनी एटीओ द्वारा ट्रेंड किए गए हजारों पायलटो को नौकरी दिलाने के लिए। यह ठीक उन तीन काले कृषि कानून जैसा ही है जिसे देश के किसानों के भारी विरोध के सामने सरकार को वापस लेना पड़ा था और अडानी के वह खाघ भंडारण के गोदाम धरे के धरे रह गए थे। सरकार को अब एक एविएशन कंपनी के सामने घुटने टेकने पड़े हैं निश्चित तौर पर सत्ता में बैठे लोग कंपनी की मोनोपोली की बात कहकर उसके सर सिर्फ इसका ठीकरा ही नहीं फोड़ेंगे बल्कि उसे सजा देने और बर्बाद करने की योजना भी बनाएंगे ही। मगर इसे लेकर उनका सारा कच्चा चिट्ठा सार्वजनिक हो चुका है। ना खाऊंगा ना खाने दूंगा की बात करने वालों के पास पीएमओ ऑफिस के बड़े अधिकारियों के पीछे छिपे बड़े भ्रष्टाचार की कहानी के पन्ने भी खुल चुके हैं। एक गेमिंग एप के जरिए भी इतनी बड़ा भ्रष्टाचार हो सकता है इसे लेकर यह अधिकारियों के स्थिति और महादेव ऐप चर्चाओं के केंद्र में है। देश का शासन—प्रशासन कैसा चल रहा है। चुनाव में क्या हो रहा है। संसद में क्या हो रहा है तथा सरकार जो बड़ी बातें करती थी क्यों किसी भी सवाल पर अब खामोशी ओढे़ हुए हैं यह सब जनता की समझ में आ रहा है तो सत्ता में बैठे लोगों की समझ में आ ही रहा होगा।