April 25, 2026देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने घंटाघर के निकट एमडीडीए कॉम्प्लेक्स में उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय हेमवती नंदन बहुगुणा की 107वीं जयंती के अवसर पर उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की।आज यहां मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने घंटाघर के निकट एमडीडीए कॉम्प्लेक्स में उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय हेमवती नंदन बहुगुणा की 107वीं जयंती के अवसर पर उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने बहुगुणा के व्यक्तित्व एवं कृतित्व को स्मरण करते हुए कहा कि उन्होंने भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में सक्रिय भूमिका निभाई और अपने दूरदर्शी नेतृत्व से देश एवं समाज को नई दिशा प्रदान की। उन्होंने कहा कि बहुगुणा केवल एक कुशल राजनेता ही नहीं, बल्कि जनसेवा के प्रति समर्पित एक प्रेरणादायी व्यक्तित्व थे, जिन्होंने विशेष रूप से पर्वतीय अंचलों के विकास के लिए महत्वपूर्ण कार्य किए। मुख्यमंत्री ने कहा कि बहुगुणा ने पर्वतीय क्षेत्रों की समस्याओं के समाधान के लिए प्रभावी पहल की। उनके प्रयासों से क्षेत्रीय विकास को नई गति मिली। उन्होंने कहा कि बहुगुणा का संपूर्ण जीवन जनकल्याण, सामाजिक समरसता और समावेशी विकास के मूल्यों के प्रति समर्पित रहा। उनके आदर्श और विचार आज भी समाज को प्रेरित करते हैं और हमें जनहित में कार्य करने की दिशा में मार्गदर्शन प्रदान करते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वर्गीय बहुगुणा का योगदान सदैव अविस्मरणीय रहेगा। इस अवसर पर पूर्व मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा, कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल, सौरभ बहुगुणा, खजान दास, विधायक दुर्गेश्वर लाल एवं अन्य जनप्रतिनिधि मौजूद थे।
April 25, 2026समाजसेवी अन्ना हजारे के भ्रष्टाचार के खिलाफ आंदोलन की कोख से जन्मी आम आदमी पार्टी जितनी तेजी से देश के राजनीतिक फलक पर उभरी थी उससे भी अधिक तेजी से अब रसातल में जाती दिख रही है। देश में व्याप्त भयंकर भ्रष्टाचार को मिटाने का उद्देश्य लेकर पैदा होने वाली आदमी पार्टी के संयोजक और संस्थापक अरविंद केजरीवाल ने जब इस पार्टी के गठन की मंशा जाहिर की थी तब अन्ना हजारे ने उन्हें यह कहकर रोकने का प्रयास किया था कि वह कीचड़ के दलदल से दूर रहे लेकिन उन्होंने यह दलील देकर की कीचड़ को अगर साफ करना है तो कीचड़ में उतरना ही पड़ेगा उनकी बात को खारिज कर दिया था। इस पार्टी को लेकर देश के बुद्धिजीवियों व कुछ युवाओं में इस कदर उत्साह देखा गया कि अनेक बड़े चेहरे इस पार्टी का हिस्सा तो बने लेकिन बाद में वह उतनी ही जल्दी चले भी गए और जो पार्टी में बने भी रहे वह अब पार्टी से पल्ला झाड़ झाड़ कर जा रहे हैं इसका ताजा उदाहरण है राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा और उनके साथ 6 अन्य सांसद जिन्होंने कल विधि— विधिवत भाजपा का दामन थाम लिया है। पार्टी के 10 में से अगर 7 संासद चले गए हो तथा संजय सिंह को छोड़कर बाकी भी जाने को तैयार बैठे हो उसका सीधा मतलब यही है कि आधी आम आदमी पार्टी का विलय भाजपा में हो चुका है। चर्चा यह भी है कि भाजपा का अगला टारगेट अब पंजाब और वहां की मानं सरकार है। खैर यह भविष्य की बात है इस पर बात ही क्या करनी है ? राघव चड्ढा का कहना है कि इस पार्टी का जो मूल उद्देश्य था उससे पार्टी भटक चुकी है बड़ी सीधी सी बात है कि अब देश में वैसा मीडिया भी नहीं रहा है जो उनसे सवाल कर पाता कि जिस भाजपा का पटका आपने आज पहना क्या उसमें अब वह सब गुण नजर आ रहे हैं जो आम आदमी पार्टी में नहीं थे या जिन अवगुणों के कारण आपको इस पार्टी को छोड़ना पड़ा है उसका यही कारण था या फिर कुछ और? आप को छोड़ने वाले एक राज्यसभा सांसद के ठिकानों पर अभी पड़े छापे भी तो इसका कारण हो सकते हैं। संजय सिंह तो कह रहे हैं कि इन नेताओं ने पार्टी के साथ गद्दारी की है तथा ईडी और सीबीआई के डर से उन्होंने पार्टी छोड़ी है। इस बड़ी टूट—फूट और भविष्य में इससे भी बड़ी भगदड़ की संभावनाओं के बीच अब आम आदमी पार्टी का क्या वजूद शेष बच पाएगा यह तो आने वाला समय ही बतायेगा लेकिन बीते एक दशक में राजनीति का चाल चरित्र और चेहरा जिस तरह से बदला है और बदल रहा है उसमें अब किसी सुचिता और सिद्धांतों की बात भी नहीं की जा सकती है। संसद से लेकर सड़कों तक राजनीतिक लाभ और सत्ता के लिए नेताओं के बीच जिस तरह की कुर्ता घसीटन चल रही है षड्यंत्र रचे जा रहे हैं वहां कुछ भी कह पाना संभव नहीं है। शराब घोटाले में भले ही अरविंद केजरीवाल जीत गए हो लेकिन क्या जेल की हवा खाने से स्वयं को बचा पाए अब कैसे राजनीतिक कीचड़ साफ करो या मरो इसी राजनीति के कीचड़ में डूब कर। आम आदमी पार्टी कि अगर सबसे बड़ी उपलब्धि कुछ है तो वह मुफ्त की रेवडिं़या राजनीतिक सौगात जो उन्होंने देश को दी। जिसका खामियाजा अब पूरा देश भुगत रहा है।
April 25, 2026देहरादून। ट्रक के खाई में गिरने से चालक की मौत हो गयी। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।आज प्रातः ग्राम चौकीदार अटाल से थाना त्यूणी को अटाल से आगे ग्राम फेडीज के पास एक ट्रक वाहन दुर्घटनाग्रस्त होकर खाई में गिर जाने की सूचना प्राप्त हुई। प्राप्त सूचना पर थानाध्यक्ष त्यूणी पुलिस फोर्स व राहत बचाव उपकरण लेकर तत्काल घटनास्थल के लिए रवाना हुए तथा एसडीआरएफ टीम को घटनास्थल पर पहुंचने के लिए अवगत कराया गया। मौके पर वाहन ट्रक दुर्घटनाग्रस्त होकर सड़क से लगभग 200 मीटर गहरी खाई में गिरा हुआ था तथा मौके पर एक व्यक्ति ट्रक वाहन के केविन में मृत अवस्था में मिला, स्थानीय लोगों व एसडीआरएफ की मदद से रेस्क्यू कर पंचायतनामा की कार्यवाही हेतु प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र त्यूणी लाया जा रहा है। अन्य सवारियों के बारे में वाहन स्वामी से संपर्क कर जानकारी प्राप्त की गई, तो वाहन स्वामी द्वारा बताया गया कि चालक विपिन कुमार पुत्र सोविंदर लाल निवासी ग्राम भद्रासु (खरसाड़ी) पोस्ट ऑफिस गड़ूगाढ़ थाना मोरी जिला उत्तरकाशी, विकास नगर से मोरी फाइबर इंट लेकर आ रहा था तथा वाहन चालक के अतरिक्त अन्य कोई व्यक्ति वाहन में मौजूद नहीं था। घटनास्थल वाहन के आसपास वाहन में कोई व्यक्ति मौजूद नहीं है मिला। घटना के सम्बन्ध में जानकारी की जा रही है।
April 25, 2026देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तराखंड विघालयी शिक्षा परिषद की हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट परीक्षा में सफल हुए सभी विघार्थियों को शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्जवल भविष्य की कामना की है।आज यहां मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तराखंड विघालयी शिक्षा परिषद की हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट परीक्षा में सफल हुए सभी विघार्थियों को शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्जवल भविष्य की कामना की है। मुख्यमंत्री ने कहा यह सफलता विघार्थियों के निरंतर परिश्रम, अनुशासन और अटूट संकल्प का प्रमाण है। मुख्यमंत्री ने विश्वास जताते हुए कहा कि इसी लगन और आत्मविश्वास के साथ सभी विघार्थी अपने सपनों को साकार करते हुए जीवन में नई ऊंचाइयों को प्राप्त करेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन विघार्थियों को इस बार अपेक्षित परिणाम नहीं मिल सका है, वे हतोत्साहित न हों। धैर्य, सकारात्मक सोच और सतत प्रयास के साथ आप निश्चित रूप से सफलता हासिल करेंगे। मुख्यमंत्री ने परीक्षा में सफल विघार्थियों के परिजनों को भी शुभकामनाएं प्रेषित की हैं।
April 24, 20263 दिनों में कुल 6733 यात्रियों को ओपीडी एवं इमरजेंसी सेवाएं प्रदान की गईदेहरादून। उच्च हिमालयी क्षेत्र में संचालित श्री केदारनाथ धाम यात्रा 2026 के दौरान जिला प्रशासन द्वारा स्वास्थ्य सेवाओं को श्रद्धालुओं हेतु प्रभावी एवं व्यवस्थित ढंग से संचालित किया जा रहा है। संपूर्ण यात्रा मार्ग से लेकर धाम क्षेत्र तक स्थापित चिकित्सा इकाइयों, मेडिकल रिलीफ पोस्ट (MRP), बेस कैंप चिकित्सालयों तथा हेली एवं एम्बुलेंस रेस्क्यू सेवाओं के माध्यम से श्रद्धालुओं को त्वरित उपचार उपलब्ध कराया जा रहा है।प्राप्त आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, यात्रा प्रारम्भ से अब तक 3 दिनों में धाम स्थित चिकित्सालयों में कुल 6733 यात्रियों को ओपीडी एवं इमरजेंसी सेवाएं प्रदान की गई हैं। दिनांक 24 अप्रैल को 4993 श्रद्धालुओं का उपचार किया गया। इसी प्रकार अब तक 2869 यात्रियों की स्वास्थ्य जांच/स्क्रीनिंग की जा चुकी है, जिनमें से आज 1311 जांचें एक ही दिन में की गईं। स्वास्थ्य विभाग द्वारा यात्रा से पहले और यात्रा के दौरान नियमित परीक्षण की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है, जिससे संभावित जोखिम वाले यात्रियों की समय रहते पहचान हो सके।रेस्क्यू व्यवस्था की बात करें तो अब तक 4 यात्रियों को हेली सेवा के माध्यम से उच्च चिकित्सा संस्थान में रेफर किया गया है, 13 यात्रियों को एम्बुलेंस के माध्यम से जबकि 07 श्रद्धालुओ को डंडी कंडी के माध्यम से सुरक्षित नजदीकी अस्पताल पहुंचाया गया है, जो प्रशासन की त्वरित प्रतिक्रिया को दर्शाता है।स्वास्थ्य परीक्षण के दौरान अब तक 11 यात्री अस्वस्थ अथवा यात्रा हेतु अयोग्य पाए गए हैं, जिनमें 2 मामले आज के दिन के हैं। ऐसे यात्रियों को यात्रा न करने अथवा चिकित्सकीय सलाह के अनुरूप आगे बढ़ने की सलाह दी गई है।यात्रा के दौरान स्वास्थ्य निगरानी के चलते गंभीर मामलों में भी तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है। हेली रेस्क्यू के माध्यम से अब तक 04 मरीजों को उच्च चिकित्सा केंद्र में भेजा गया।23 अप्रैल को दो गंभीर मरीजों को हेली रेस्क्यू के माध्यम से उच्च चिकित्सा केंद्र में भेजा गया। इनमें गुजरात के मेहसाणा निवासी 55 वर्षीय धनजी भाई को सांस लेने में तकलीफ और शरीर के दाहिने हिस्से में कमजोरी की स्थिति में केदारनाथ क्षेत्र से बेस कैंप चिकित्सालय लाया गया। जांच में उनका ऑक्सीजन स्तर अत्यंत कम पाया गया, जिसके बाद प्राथमिक उपचार देकर उन्हें जिला चिकित्सालय रुद्रप्रयाग के लिए हेली सेवा से रेफर किया गया।दूसरे मामले में नागपुर (महाराष्ट्र) निवासी 19 वर्षीय मंदार मधुकर को पिछले दो दिनों से सांस लेने में कठिनाई, चक्कर एवं कमजोरी की शिकायत थी। केदारनाथ स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में जांच के दौरान उनका ऑक्सीजन स्तर कम पाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें हेली सेवा से जिला चिकित्सालय रुद्रप्रयाग भेजा गया, जहां से एम्बुलेंस द्वारा अस्पताल में भर्ती कराया गया।वहीं आज 24 अप्रैल 2026 को भी 02 गंभीर मरीजों को हेली रेस्क्यू के माध्यम से उच्च चिकित्सा केंद्र में भेजा गया।जिला प्रशासन द्वारा यात्रा मार्ग पर चिकित्सा सेवाओं को 24×7 सक्रिय रखा गया है। विभिन्न स्थानों पर ऑक्सीजन सुविधा, प्रशिक्षित चिकित्सक, नर्सिंग स्टाफ, एम्बुलेंस और हेली सेवाएं तैनात हैं, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत सहायता उपलब्ध कराई जा सके।जिला प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे यात्रा पर आने से पूर्व अपना स्वास्थ्य परीक्षण अवश्य कराएं, निर्धारित दिशा-निर्देशों का पालन करें तथा किसी भी प्रकार की स्वास्थ्य समस्या होने पर तुरंत नजदीकी चिकित्सा केंद्र से संपर्क करें।कुल मिलाकर, केदारनाथ यात्रा के दौरान स्वास्थ्य सेवाओं की सुदृढ़ व्यवस्था और त्वरित रेस्क्यू प्रणाली के चलते श्रद्धालुओं को सुरक्षित एवं सुगम यात्रा अनुभव प्रदान करने की दिशा में प्रशासन निरंतर सक्रिय है।
April 24, 2026मुख्यमंत्री आवास में हिमालयी राज्यों से समन्वय और नीति निर्धारण परिषद की बैठक सम्पन्नदेहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में शुक्रवार को मुख्यमंत्री आवास में हिमालयी राज्यों के मध्य आपसी समन्वय को सुदृढ़ करने, साझा चुनौतियों के समाधान हिमालयी राज्यों से समन्वय एवं नीति निर्धारण परिषद की प्रथम बैठक आयोजित की गई। बैठक के लिए समेकित रणनीति तैयार करने तथा क्षेत्रीय विकास को गति देने के विभिन्न बिंदुओं पर विस्तृत चर्चा की गई।मुख्यमंत्री ने कहा कि हिमालयी राज्यों की भौगोलिक, पर्यावरणीय एवं सामाजिक परिस्थितियाँ समान होने के कारण आपसी सहयोग और अनुभवों के आदान-प्रदान से प्रभावी नीति निर्माण संभव है। उन्होंने कहा कि जिन हिमालयी राज्यों में विभिन्न क्षेत्रों में अच्छे कार्य हुए हैं, उन कार्यों का विस्तृत अध्ययन बेस्ट प्रैक्टिस के रूप में राज्य में अपनाया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि इकॉनोमी और ईकोलॉजी में समन्वय के साथ मानव जीवन स्तर को बेहतर बनाना हमारा मुख्य उद्देश्य है। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड प्राकृति सम्पन्नता एवं जैव विविधता की दृष्टि से महत्वपूर्ण राज्य है। हिमालय और औषधियों के संरक्षण के क्षेत्र में राज्य में कार्य करने की अपार संभावनाएं हैं।मुख्यमंत्री ने कहा कि जल संरक्षण के दिशा में राज्य सरकार द्वारा निरंतर प्रयास किये जा रहे हैं। जल स्रोंतों के पुनर्जीवीकरण की दिशा में अनेक प्रयास किये जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि हिमालय और पर्यावरण सरंक्षण के क्षेत्र में जो संस्थान अच्छा कार्य कर रहे हैं, उनका भी निरंतर सहयोग लिया जाए। हिमालयी राज्यों की विभिन्न चुनौतियों के समाधान के लिए हिमालयी राज्यों के विशेषज्ञों के साथ बैठक समय-समय पर बैठकों और विचार गोष्ठियों का आयोजन भी किया जाए। बैठक के दौरान जलवायु परिवर्तन, आपदा प्रबंधन, पर्यटन, जैव विविधता संरक्षण, जल स्रोतों के संरक्षण तथा सीमावर्ती क्षेत्रों के विकास जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विचार-विमर्श किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज बैठक में जो भी सुझाव प्राप्त हुए हैं, उस दिशा में तेजी से काम आगे बढ़ाये जायेंगे। मुख्य सचिव श्री आनन्द बर्द्धन ने कहा कि हिमालयी राज्यों की चुनौतियों को दूर करने के लिए हिमालयी राज्य कैसे एकीकृत रूप में कार्य कर सकते हैं, इस दिशा में प्रयास किये जायेंगे। उन्होंने कहा कि देश की बड़ी आबादी को हिमालय से फायदा होगा। हिमालय के संरक्षण और संवर्द्धन की दिशा में कार्य करने के लिए हमें इस क्षेत्र में कार्य करने वाले राष्ट्रीय संस्थानों का भी नियमित सहयोग लेना होगा। हिमालयी राज्यों से समन्वय एवं नीति निर्धारण परिषद के सदस्य एवं विधायक श्री किशोर उपाध्याय ने कहा कि हिमालय एवं मध्य हिमालय क्षेत्र की अद्यतन वैज्ञानिक एवं पारिस्थितिकि स्थिति का अध्ययन होना चाहिए। हिमालयी नदियों के जल स्तर और प्रवाह का आंकलन करना भी जरूरी है। सदस्य एवं पूर्व डीजीपी श्री अनिल रतूड़ी ने कहा कि हिमालयी राज्यों को संगठित रूप से कार्य कर हिमालयी से संबंधित सभी सम्पदाओं और लोगों की आजीविका को बढ़ाने की दिशा में प्रयास करने होंगे। आचार्य डॉ. प्रशांत ने कहा कि हिमालयी राज्यों के लिए ज्वाइंट टास्क फोर्स बननी चाहिए। हिमालयी राज्यों की चुनौतियां लगभग एक जैसे होती हैं, इनके लिए मिलकर बेहमर नीति निर्धारण की दिशा में कार्य होने चाहिए। डॉ. जी.एस. रावत ने कहा कि प्रकृति और संस्कृति के संरक्षण की दिशा में निरंतर कार्य होने चाहिए। पद्मश्री श्री कल्याण सिंह रावत ने कहा कि बुग्यालों का संरक्षण बहुत जरूरी है। जड़ी-बूटियों के क्षेत्र में राज्य में अनेक संभावनाएं हैं। इस अवसर पर प्रमुख सचिव डॉ. आर.मीनाक्षी सुदंरम, सचिव श्री शैलेश बगौली, यूकॉस्ट के महानिदेशक प्रो. दुर्गेश पंत एवं संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।