देहरादून। अभिभावकों को भ्रमित कर ठगी का प्रयास करने वाले तीन साइबर ठगों को एसटीएफ ने बरेली से गिरफ्तार किया।
आज यहां वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, एसटीएफ, नवनीत सिंह द्वारा जानकारी देते हुये बताया कि एक प्रकरण दून इंटरनेशनल स्कूल सिटी कैंपस, देहरादून, द्वारा माह जुलाई 2025 में दर्ज कराया गया जिसमें शिकायतकर्ता द्वारा बताया कि उनके विघालय के छात्र—संबंधित ऐप में गंभीर साइबर बुलीइंग/हैकिंग हुई व विघार्थियों को भ्रामक संदेश भेजे जाने लगे। विघालय का ऑनलाइन प्लेटफॉर्म ‘स्कूल पेड’ है जिसका उपयोग विघार्थी और अभिभावक प्रतिदिन स्कूल अपडेट देखने, समय सारिणी जानने तथा विघालय शुल्क जमा करने आदि के लिए करते हैं। शिकायतकर्ता द्वारा बताया कि अज्ञात व्यक्ति ने बिना अनुमति प्रवेश किया व विघार्थियों के नाम, संपर्क विवरण और लॉगिन डेटा जैसी जानकारी लीक किया व हैकर उनके विघालय की तीनों शाखाओं डीआईएस सिटी कैंपस, डीआईएस रिवरसाइड और डीआईएस मोहाली के छात्र डेटा तक पहुँच बना ली और उन्होंने स्कूल पेड प्रणाली के माध्यम से विघार्थियों और अभिभावकों को एक फर्जी संदेश भेजा, जिसमें 4990 रूपये की राशि एआई सक्षम रोबोटिक्स लैब के लिए जमा करने को कहा गया और यह संदेश अधिकारिक प्रतीत भी हो रहा था। अभिभावकों को धोखे से निजी जानकारी देने या शुल्क गलत खाते में जमा करने के लिए मजबूर किया जा रहा था। प्रकरण की गम्भीरता के दृष्टिगत वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, एसटीएफ उत्तराखण्ड के दिशा निर्देशन में मामले का प्रवेक्षण अपर पुलिस अधीक्षक स्वप्न किशोर, पुलिस उपाधीक्षक, अंकुश मिश्रा एवं विवेचना निरीक्षक विकास भारद्वाज साईबर क्राईम पुलिस स्टेशन, देहरादून के सुपुर्द कर अभियोग के शीघ्र अनावरण हेतु आवश्यक दिशा निर्देश दिये गये । साईबर क्राईम पुलिस द्वारा घटना में प्रयुक्त विघालय का ऑनलाइन प्लेटफॉर्म स्कूल पेड, बैंक खातों/ रजिस्टर्ड मोबाइल नम्बरों / व्हाट्सअप की जानकारी हेतु सम्बन्धित सर्विस प्रदाता ऑनलाइन प्लेटफॉर्म, बैंकों, सर्विस प्रदाता कम्पनियों, मेटा कम्पनी से पत्राचाकर कर डेटा प्राप्त किया गया। प्राप्त डेटा के विश्लेषण से जानकारी मे आया कि साईबर अपराधियो द्वारा घटना में विघालय का ऑनलाइन प्लेटफॉर्म स्कूल पेड द्वारा विघालय शुल्क प्रणाली से पीड़ित से लाभ कमाने के नाम पर विभिन्न बैंक खातों में धनराशि स्थानान्तरित करवायी गयी। जांच के दौरान साईबर थाना पुलिस टीम द्वारा मुकदमें में प्रकाश में आए विघालय का ऑनलाइन प्लेटफॉर्म ,बैंक खातों तथा मोबाइल नम्बरों का सत्यापन किया गया। पुलिस टीम द्वारा तकनीकी / डिजिटल साक्ष्य एकत्र कर घटना के बैक के लाभार्थी खाताधारक मोहम्मद रिजवान पुत्र बालम खघन निवासी ग्राम मुल्लापुर पोस्ट रिठौरा जिला बरेली उत्तर प्रदेश, सुदामा दिवाकर पुत्र ओम प्रकाश निवासी आकाश पुरम आरके यूनिवर्सिटी, बरेली,नजदीक बब्बू स्किराना स्टोर टोर और मोहम्मद फराज पुत्र सरताज निवासी बनखाना गुलाबनगर बरेली उत्तरप्रदेश को चिन्ह्ति करते हुये आरोपियों की तलाश जारी की। साईबर टीम द्वारा बीएनएसएस के अन्तर्गत प्रकाश में आये मोहम्मद रिजवान पुत्र बालम खघन , सुदामा दिवाकर पुत्र ओम प्रकाश व मोहम्मद फराज पुत्र सरताज की तलाश बरेली उप्र जाकर की गयी व अग्रिम जांच कार्यवाही बीएनएसएस के अन्तर्गत की गई।
प्रारम्भिक पूछताछ में उन्होंने साईबर अपराध हेतु जिस बैंक खातों का प्रयोग किया गया है उसमें मात्र कुछ माह में ही करोडो रूपयों का लेन—देन होना प्रकाश में आया है। जाँच में यह भी प्रकाश में आया है कि आरोपियों के विरुद्ध देश के कई राज्यों में साईबर अपराधों में एफआईआर व अन्य शिकायतें दर्ज हैं। जिसके सम्बन्ध में जानकारी हेतु अन्य राज्यों की पुलिस के साथ संपर्क किया जा रहा है।




