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चार धाम यात्रा की सुस्त रफ्तार 

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  • अब तक 26 फ़ीसदी कम रही यात्री संख्या 
  • शासन प्रशासन सुधार की कोशिशो में जुटा

देहरादून। चार धाम यात्रा को लेकर प्रारंभिक दौर में भारी उत्साह की संभावनाएं जताई जा रही थी लेकिन खराब मौसम और भारत पाक के बीच तनाव ने इन सभी उम्मीदों पर पानी फेर दिया है ।अब तक चार धाम यात्रियों की संख्या में बीते साल की तुलना में 26 फ़ीसदी की कमी बताई जा रही है। सरकारी स्तर पर अब इस उदासीनता को कम करने के प्रयास किये जा रहे हैं। एक तरफ धार्मो में यात्री सुविधाओं को बेहतर बनाने की बात कही जा रही है तो दूसरी ओर अब यात्रियों को पंजीकरण की सुविधा होटल और धर्मशालाओं में ही प्रदान करने की बात कही जा रही है। 
जानकारी के मुताबिक अब ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन करने के लिए खुद टीम होटल वह धर्मशालाओं तक जाएगी तथा यात्रियों को पंजीकरण कैंपों में लाइनों में लगने से मुक्ति मिल सकेगी। 25 से अधिक यात्री अगर कहीं किसी होटल या धर्मशालाओं में होंगे तो पर्यटन विभाग की टीम वहीं जाकर आधार कार्ड के आधार पर उनका पंजीकरण करेगी। 
अब तक लगभग 28 लाख लोगों द्वारा ऑनलाइन वीडियो ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन कराए गए हैं। तथा कुल 8 लाख के आसपास यात्री सभी चारों धामों में दर्शन कर चुके हैं जिसमें सबसे अधिक केदार धाम में 2.5 लाख, बद्रीनाथ में 1.70 लाख तथा गंगोत्री यमुनोत्री में 2 लाख के आसपास यात्री दर्शन कर चुके हैं जो बीते साल की तुलना में 26 फ़ीसदी कम है। इसका कारण बे मौसम बारिश व भारत पाक के बीच तनाव तथा धामो में सुविधाओं का अभाव माना जा रहा है। 
उधर मौसम विभाग द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार इस साल मानसून भी उत्तराखंड में चार-पांच दिन पहले दस्तक देने वाला है। पहले ही दौर में मानसून से प्रभावित हो चुकी चार धाम यात्रा पर जल्दी मानसून आने का भी असर पढ़ना तय है। इसलिए आशंकाएं जताई जा रही है कि बीते साल से कम यात्री इस साल चार धाम यात्रा पर आ पाएंगे जो राज्य की अर्थव्यवस्था के लिए अच्छी खबर नहीं है।

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