- धर्म गंगा में बही फोकलैंड मशीन
- जगह—जगह फंसे हैं हजारों श्रद्धालु
देहरादून। पहाड़ पर मानसूनी आपदा का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है बीती रात से राज्य के कई हिस्सों में हो रही भारी बारिश और भूस्खलन से केदारनाथ तथा बदरीनाथ हाईवे पर कई स्थानों पर भूस्खलन से रास्ते बंद हो जाने से जगह—जगह यात्री फंसे हुए हैं वहीं नदी—नाले भी एक बार फिर उफान पर आ गए हैं। धर्म गंगा के उफान पर आने से एक फोकलैंड मशीन बह गई है।
दो दिनों की थोड़ी राहत के बाद एक बार फिर से राज्य में मानसून की सक्रियता बढ़ने से पहाड़ की मुश्किलें बढ़ गई है। बीती 24 जुलाई को केदारनाथ हाईवे और पैदल मार्ग को भारी नुकसान हुआ था। जिसके कारण यात्रा बाधित रही जैसे तैसे स्थिति थोड़ी सामान्य होती दिख रही थी कि एक बार फिर रुद्रप्रयाग और टिहरी क्षेत्र में भारी बारिश तथा भूस्खलन से मुश्किलें बढ़ गई हैं। धर्म गंगा में आए उफान में एक फैाकलैंड मशीन बह गई वहीं बूढ़ा केदार से चिनास्वाड जाने वाली सड़क भी भारी बारिश के कारण टूट गई है।
उधर चमोली से प्राप्त समाचार के अनुसार नंदप्रयाग, नरकोटा और चटवा पीपल तथा छिनका में भूस्खलन से बद्रीनाथ हाईवे कई स्थानों पर बंद हो गया है। बदरीनाथ हाईवे पर जगह—जगह हजारों की संख्या में यात्री बीते 8 घंटो से फंसे हुए हैं। कई स्थानों पर पहाड़ से पत्थर बरसने और मलवा आने से यातायात रोका गया है। पहाड़ पर लगातार हो रही बारिश के कारण टनकपुर, पिथौरागढ़ हाईवे भी बंद पड़ा है तथा बागेश्वर में भारी बारिश से सरयू सहित तमाम नदी नाले उफान पर है। हरिद्वार में बारिश के कारण जगह—जगह जल भराव की स्थिति पैदा हो गई है तथा लक्सर में तेज हवाओं के साथ भारी बारिश से तैयार खड़ी धान की फसल बर्बाद होने की खबर है।
इधर दून और मसूरी में भी कई क्षेत्रों में भारी बारिश से मुश्किलें बढ़ी हैं। केंपटी फॉल मार्ग बंद हो गया वहीं कालसी—चकराता मार्ग भी बीते 8—10 घंटो से बंद है तथा सैकड़ो वाहन फंसे हुए हैं। मौसम विभाग द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार अभी आने वाले दो—तीन अक्टूबर तक राज्य में मानसून की सक्रियता बनी रहेगी यही नहीं अगले 24 घंटो में राज्य के कई हिस्सों में भारी बारिश होने की संभावना है।



