लखनऊ। अयोध्या के राम मंदिर में कथित चढ़ावा गबन मामले को लेकर विवाद तेजी से गंभीर होता नज़र आ रहा है। इस बीच फैजाबाद बार एसोसिएशन की एक अहम बैठक में कई बड़े फैसले लिए गए हैं। अधिवक्ता संघ ने ऐलान किया है कि राम मंदिर चढ़ावा गबन मामले के आरोपियों की पैरवी संघ का कोई भी वकील नहीं करेगा। इसके साथ ही चंपत राय, गोपाल राव और अनिल मिश्रा को लेकर भी बेहद सख्त रुख अपनाते हुए 3 दिनों के अंदर अयोध्या छोड़ने की बड़ी चेतावनी दी गई है।
बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने कहा कि अगर निर्धारित समय के अंदर उनकी मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई तो बड़े स्तर पर आंदोलन किया जाएगा। उन्होंने चेतावनी दी कि आवश्यकता पड़ने पर पूरे अयोध्या शहर को जाम कर दिया जाएगा और बाहरी लोगों के प्रवेश का विरोध किया जाएगा।
बैठक में यह भी फैसला लिया गया कि अगर कोई अधिवक्ता इस मामले के किसी आरोपी की ओर से पैरवी करना चाहता है, तो उसे पहले बार एसोसिएशन से अनुमति लेनी होगी। साथ ही प्रति आरोपी 5 लाख रुपये सहयोग राशि जमा करनी होगी। बार एसोसिएशन के मुताबिक, इस राशि का प्रयोग अभियोजन पक्ष की कानूनी मदद के लिए किया जाएगा। संघ ने यह भी साफ़ कर दिया है कि यह फैसला सरकारी, नामित और निजी सभी अधिवक्ताओं पर समान रूप से लागू होगा। नियमों का उल्लंघन करने वाले अधिवक्ताओं के खिलाफ संगठनात्मक कार्रवाई भी की जा सकती है।




