- अन्ना हजारे की अनशन की चेतावनी के बाद झुके सीएम देवेंद्र फडणवीस
मुंबई। महाराष्ट्र सरकार के नए सूचना का अधिकार (आरटीआई) नियमों को लेकर उठे विवाद के बीच मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बड़ा फैसला लिया है। सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे की भूख हड़ताल की चेतावनी के बाद सरकार ने इन नियमों को तत्काल प्रभाव से स्थगित करने का आदेश दिया है। नए नियमों में आरटीआई आवेदन शुल्क बढ़ाने, आवेदक से पहचान पत्र अनिवार्य करने और एक आवेदन में केवल एक ही विषय रखने जैसी शर्तें शामिल थीं। इन बदलावों को लेकर विपक्ष और सामाजिक संगठनों ने सरकार पर पारदर्शिता कमजोर करने का आरोप लगाया था। अब मुख्यमंत्री के इस कदम को सरकार के बैकफुट पर आने के तौर पर देखा जा रहा है।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़ावीस द्वारा राज्य सूचना आयोग को भेजे गए पत्र पर संज्ञान लेते हुए मुख्य सूचना आयुत्तQ ने इन बदलावों को स्थगित करने का निर्णय लिया है। इस फैसले को सूचना के अधिकार के क्षेत्र में कार्यरत कार्यकर्ताओं और अन्ना हजारे के आंदोलन की बड़ी सफलता माना जा रहा है।
राज्य सरकार ने 12 जून को सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 के संबंध में संशोधित अधिसूचना जारी की थी, जिसका सामाजिक संगठनों ने विरोध किया था।
अब तक सूचना का अधिकार अधिनियम के तहत सूचना मांगने के लिए आवेदन शुल्क 10 रुपये था, जिसे बढ़ाकर 30 रुपये कर दिया गया था। इसके साथ ही प्रथम अपील के लिए 50 रुपये तथा द्वितीय अपील के लिए 100 रुपये शुल्क निर्धारित किया गया था। वरिष्ठ समाजसेवी अन्ना हजारे ने भी फडणवीस सरकार को अनशन की चेतावनी दी थी।
सूचना प्राप्त जानकारी की प्रति के लिए शुल्क भी 2 रुपये प्रति पृष्ठ से बढ़ाकर 5 रुपये प्रति पृष्ठ कर दिया गया था। इन बदलावों सहित कुल 12 नए नियम लागू किए गए थे।




