लखनऊ। धार्मिक पुस्तकों का प्रकाशन करने वाली विश्व प्रसिद्ध संस्था गीता प्रेस के नाम कई बड़ी उपलब्धियां जुड़ने जा रही हैं। सात जुलाई को देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का गीता प्रेस शताब्दी समापन समारोह में आगमन हो रहा है। गीता प्रेस के सौ साल के इतिहास में यह पहली बार होगा जब कोई प्रधानमंत्री यहां आएंगे। इससे पहले दो राष्टपति का आगमन यहां हो चुका है। प्रधानमंत्री मोदी गीताप्रेस से पहली बार आर्ट पेपर पर प्रकाशित चित्रमय शिवपुराण का विमोचन करने के साथ लीला चित्र मंदिर का दर्शन कर सकते हैं। जहां पहली बार यहां किसी प्रधानमंत्री का आगमन हो रहा है वहीं इससे पहले देश के राष्ट्रपति रह चुके राम नाथ कोविंद व डॉक्टर राजेन्द्र प्रसाद यहां आ चुके हैं। गीता प्रेस प्रधानमंत्री के आगमन से बेहद उत्साहित है। प्रशासन ने गुरुवार को प्रधानमंत्री के कार्यक्रम की पुष्टि होने के बाद तैयारी तेज कर दी है। डीएम कृष्णा करुणेश ने अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दे दिए हैं। कुछ गणमान्य लोगों के अतिरिक्त इस कार्यक्रम में बाहरी व्यक्तियों का प्रवेश वर्जित रहने की संभावना है। जिलाधिकारी कृष्णा करुणेश ने एसएसपी डा. गौरव ग्रोवर, नगर आयुक्त गौरव सिंह सोगरवाल और एसपी सिटी कृष्ण कुमार विश्नोई के गीताप्रेस का निरीक्षण किया है।
पीएम मोदी अपनी इस यात्रा के दौरान गोरखपुर से शुरु होने वाली वंदेभारत ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर इसकी शुरुआत करेंगे। इसके साथ ही पीएम कुशीनगर के बुद्ध कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय की आधारशिला रखेंगे। कुशीनगर बरवाफार्म में जर्मन हैंगर लगाने के साथ हैलीपैड बनाने का काम शुरू हो गया।



