Home News Posts उत्तराखंड बदरीनाथ हाईवे पर भूस्खलन, 3 दिन से मार्ग बंद

बदरीनाथ हाईवे पर भूस्खलन, 3 दिन से मार्ग बंद

0
968

  • कोटद्वार का आमसौड़ गांव पूरी तरह तबाह
  • बद्रीनाथ मार्ग में फंसे हैं हजारों यात्री
  • मार्ग कब खुलेगा इसका कुछ पता नहीं

देहरादून। उत्तराखंड में मानसूनी आपदा का कहर जारी है। भारी बारिश और भूस्खलन से गांव के गांव तबाह हो रहे हैं। पहाड़ दरक रहे हैं, सड़कों पर आवाजाही ठप हो गई है। बदरीनाथ हाईवे 9 जुलाई से बंद है और हजारों यात्री फंसे हुए हैं कब तक यातायात सुचारू होगा पता नहीं। इस बीच आज फिर मौसम विभाग द्वारा राज्य के 5 जिलों के लिए भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी कर दिया गया है। नदी—नाले उफान पर है और लोग अपनी जान गंवा रहे हैं।
बीती 9 जुलाई को जोगीधारा में पहाड़ गिरने से बद्रीनाथ हाईवे बंद हो गया था जिसे खोलने में बीआरओ व पीडब्लूडी के कर्मचारी लगे हुए थे। 30 फीसदी काम हो चुका था लेकिन आज फिर पहाड़ से भारी बोल्डर और मलवा गिरने से एक मशीन इसकी चपेट में आ गई तथा लोगों ने जैसे तैसे भाग कर अपनी जान बचाई। बीते कल ही पातालगंगा के पास एक अन्य भूस्खलन की घटना ने 30 मीटर सड़क को पूरी तरह तबाह कर दिया है। तीन दिनों से बंद बदरीनाथ हाईवे पर हजारों की संख्या में यात्री फंसे हुए हैं, लेकिन आवागमन कब तक सुचारू होगा इसके बारे में कहा जा रहा है कि एक—दो दिन का समय और लग सकता है।
उधर कोटद्वार में राजमार्ग 534 पर बसा आमसौड़ गांव भारी बारिश के बाद पहाड़ से आए मलवा और बोल्डरों के कारण तबाह हो गया है। लोगों के घर मकान ही नहीं खेती—बाड़ी की जमीन भी बर्बाद हो गई है। गांव में 60 परिवार रहते हैं 10 पलायन कर चुके हैं बाकी भी गांव छोड़ने पर विवश है। उधर खटीमा में एक 13 साल की लड़की गौला नदी में बह गई अनुष्का बिष्ट नाम की इस लड़की का शव भी बरामद नहीं हो सका है। भगवानपुर क्षेत्र में डिबरी नदी में 26 वर्षीय एक युवक आकाश की तेज धारा में बह जाने से मौत हो गई।
राज्य की नदियां व नाले उफान पर है अनेक स्थानों पर बाढ़ जैसे हालत बने हुए हैं। उधर मौसम विभाग द्वारा राज्य के पांच जिलों देहरादून, नैनीताल, उधमसिंह नगर, चंपावत तथा चमोली के लिए फिर भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है और लोगों को सावधानी बरतने की अपील की गई है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here