- हरिद्वार में उमड़ा शिव भक्तों का सैलाब
- पुलिस—प्रशासन सतर्क, चप्पे—चप्पे पर नजर
- कांवड़ियों से नियमों का पालन करने की अपील
हरिद्वार। आज सावन के पहले दिन की शुरुआत के साथ ही कांवड़ यात्रा का आगाज हो चुका है। कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच आज शुरू हुई कांवड़ यात्रा के पहले दिन भारी संख्या में शिव भक्तों की भीड़ हरिद्वार के गंगा घाटों पर दिखाई दी। आज से कावड़ यात्रा के लिए तैयार किया गया रूट डायवर्सन भी लागू हो गया है। हरिद्वार पहुंचे डीजीपी दीपम सेठ ने इन सभी शिव भक्तों से नियम कानूनों का पालन करने की अपील की तथा उनकी यात्रा मंगलमय रहे इसकी शुभकामनाएं भी दी गई है।
वर्तमान कावड़ यात्रा को समय के हिसाब से दो चरणों में बांटा गया है पहला चरण 17 जुलाई तक होगा तथा दूसरा चरण 18 जुलाई से 23 जुलाई तक चलेगा। पहले चरण में दूर दराज के राज्यों के कांवड़ियों की संख्या अधिक रहती है जिन्हें अपने गंतव्य तक पहुंचने में लंबा समय लगता है दूसरे चरण में आसपास के राज्यों व सीमावर्ती जिलों के कांवड़िया अधिक आते हैं जिससे भीड़ भी अधिक रहती है। भले ही आज से रूट डायवर्जन लागू हो गया लेकिन मुख्य मार्गों पर भारी वाहन ही प्रतिबंधित हैं आज पहले ही दिन कांवड़ियों की भारी भीड़ के कारण हरिद्वार—दिल्ली हाईवे पर भी कांवड़ियों का पूर्ण कब्जा दिखा। इस दौरान कई जगहों से रेस्टोरेंट व ढाबो में कांवड़ियों द्वारा उत्पात की खबरें भी आई है।
कांवड़ मेला क्षेत्र में पुलिस प्रशासन द्वारा कड़े सुरक्षा प्रबंध किए गए हैं। मेला क्षेत्र की निगरानी में ड्रोन व सीसीटीवी कैमरों की मदद ली जा रही है जल पुलिस से लेकर एटीएस तक की तैनाती की गई है। आज हरिद्वार में कांगड़ा घाट पर छह कांवड़िये गंगा के तेज बहाव में बह गए जिन्हें रेस्क्यूं कर किसी तरह उनकी जान बचा ली गई। पुलिस द्वारा कांवड़ियों से अनुरोध किया गया है कि वह किसी तरह का नशा न करें तथा किसी अनजान व्यक्ति द्वारा दी गई चीज न खाएं और गहरे पानी में जाने का प्रयास न करें तथा छोटी—छोटी बातों को लेकर झगड़े में न उलझे तथा घाटों पर गंदगी न फैलाएं व खुले में शौच न जाए 17 जुलाई के बाद पुलिस—प्रशासन द्वारा नियमों को और अधिक सख्त करने की बात भी कही गई। कावड़ यात्रा के दौरान हरिद्वार के स्कूल—कॉलेजों को बंद रखने की व्यवस्था की गई। कांवड़ यात्रा मार्गों पर होटल ढाबों के लिए अलग से एसओपी भी जारी की गई है। तमाम सख्त इंतजामों के बीच भी क्राउड कंट्रोल पुलिस के लिए बड़ी चुनौती है।




