उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा गुरु पूर्णिमा के अवसर पर भगवा वेश धारी उन ढोंगी साधुओं के खिलाफ एक पुलिस अभियान की शुरुआत की गई जिस नाम दिया गया है कालनेमि। पहले ही दो दिनों में इस अभियान के तहत पुलिस द्वारा 600 से अधिक फर्जी बाबाओं को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया, इस बात का साक्ष्य है कि देवभूमि में बड़ी संख्या में साधुओं का चोला पहनकर ऐसे लोग घूम रहे हैं जिनका सनातन धर्म और आस्था या भक्ति से कोई सरोकार नहीं है। यह छदम भगवा वेश धारी बाबा लोगों को तरह—तरह से अपने माया जाल में फंसा कर उनसे धन लूटने का काम कर रहे हैं या फिर शातिर किस्म के बदमाश हैं और अपनी पहचान छुपाने के लिए भगवा वेश धारण किए हुए हैं। इनमें कुछ बांग्लादेश से अवैध घुसपैठ करने वालों से लेकर तंत्र—मंत्र करने वाले भी शामिल हैं। निश्चित तौर पर ऐसे फर्जी बाबा सनातन धर्म और आस्था के लिए एक गंभीर खतरा है साथ ही समाज की आंतरिक सुरक्षा के लिए भी बड़ी चुनौती है उत्तराखंड जहां पूरे साल धार्मिक यात्राओं और आयोजनों का सिलसिला जारी रहता है तथा इनमें साधु—संतों की बड़ी संख्या में मौजूदगी भी रहती है। ऐसे ढोंगी बाबाओं को पहचानना कठिन काम है। वैसे भी सनातन धर्म के अनुयायी जाति न पूछो साधु की, परंपरा को तव्जोह देने वाले होते हैं। हिंदू समाज में बच्चों को यह होश संभालते ही बताया सिखाया जाता है कि भूल से भी किसी साधु का अपमान न करो क्योंकि हमारे धर्म शास्त्रों में लिखा है कि कहीं भी किसी भी वेश में आपको भगवान मिल सकते हैं। यही कारण है कि सभी सनातनी साधु संतों का सदैव सम्मान करते हैं नर सेवा नारायण सेवा में विश्वास करते हैं। तथा अतिथि देवो भवः की भावना से अपने घर आए अजनबियों का सम्मान करते हैं। लेकिन इन ढोंगी बाबाओ के कारण वह कई बार अनेक गंभीर समस्याओं में फंस जाते हैं ऐसे बाबा अपनी सम्मोहन शक्ति से उनका सब कुछ लूट ले जाते हैं तथा नरबलियों तक अपराधों पर विवश कर देते हैं। यह बाबा कभी संतान प्राप्ति का झांसा देकर या फिर धन को दोगुना करने का झांसा देकर रफू चक्कर हो जाते हैं। महिलाओं और कम उम्र की बच्चियों को अपने झांसे में लेकर उनका शारीरिक शोषण तक करने से नहीं चूकते हैं। ऐसे बाबाओ से आम आदमी को तो सतर्क रहने की जरूरत है ही इसके साथ ही पुलिस प्रशासन को भी उन पर नजर रखना जरूरी है। क्योंकि कुछ लोग बड़े—बड़े अपराधों को अंजाम देने के बाद अपने पकड़े जाने के डर से भगवा वेश धारण कर अपनी दाढ़ी और बाल बढ़ा कर तथा गले में कई तरह की मालायें धारण कर भीड़भाड़ के बीच घुस जाते हैं। मुख्यमंत्री धामी के इस कालनेमि अभियान की हरिद्वार के साधु संतों और अखाड़ों ने सराहना की है तथा कहा है कि इस तरह के बाबाओ के खिलाफ कार्रवाई होनी ही चाहिए और उन्हें जेल में जाना ही चाहिए।




