दून में पकडी गयी नशीली दवा की फैक्ट्री

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पुलिस बेखबर, पंजाब पुलिस उठा ले गयी फैक्ट्री मालिक को
उत्तराखण्ड में बनाकर पंजाब में सप्लाई, 4 हजार गोलियां बरामद
2022 में फैक्ट्री का लाइसेंस रद्द, फिर भी कारोबार जारी

देहरादून। उत्तराखण्ड पुलिस नशे के खिलाफ अभियान का दावा ठोकने से पीछे हटती दिखायी नहीं दे रही जबकि उनकी नाक के नीचे से पंजाब पुलिस नशीली दवायें बनाने वाली फैक्ट्री के मालिक को यहां से उठा ले गयी जिसका लाइसेंस 2022 में रद्द कर दिया गया और दून पुलिस को इसकी खबर तक नहीं लग सकी।
गौरतलब है कि उत्तराखण्ड पुलिस के अधिकारी दावे कर रहे हैं कि वह 2025 तक प्रदेश को नशा मुक्त कर देंगे और इसके बडे—बडे दावे भी किये जा रहे हैं। लेकिन इनके दावे मात्र बयानबाजी ही साबित होते दिखायी दे रहे हैं। जबकि पंजाब पुलिस इनके दावों की पोल खोलते हुए यहां से एक नशीली दवायें बनाने की फैक्ट्री के मालिक उस्मान राजपूत को उठाकर ले गयी है और इनको खबर तक नहीं लगी। इससे बडा मजाक और क्या हो सकता है कि यहां पुलिस नशे के खिलाफ अभियान के दावे कर रही है और इनको इस बात का ही पता नहीं कि उनके यहां पर नशीली दवाएं बनाने की फैक्ट्री चल रही है।
पंजाब पुलिस ने प्रेसवार्ता कर इसका खुलासा किया कि पंजाब में बिक रही नशीली दवाओं का नेटवर्क उत्तराखंड से चल रहा था। उत्तराखंड के देहरादून में अनिधिकृत रूप से चल रही दवा फैक्ट्री से नशीली दवाओं की सप्लाई पंजाब में हो रही थी। इन तथ्यों का खुलासा कमिश्नरेट अमृतसर द्वारा अरेस्ट किए गए नशीली दवाओं की तस्करों से पूछताछ में हुआ है। डीसीपी डिटेक्टिव मुखविंदर भुल्लर के नेतृत्व में पुलिस टीम ने देहरादून से दवा फैक्ट्री के मालिक के बेटे को अरेस्ट करके भारी मात्रा में नशीली गोलियां बरामद की हैं। कमिश्नरेट अमृतसर के पुलिस कमिश्नर जसकरण सिंह ने बताया कि कुछ दिन पहले पुलिस ने निशान शर्मा और राजीव कुमार को अरेस्ट करके उनसे 29,200 नशीली गोलियां तथा 29 हजार रूपए की ड्रग मनी बरामद की थी। पुलिस कमिश्नर ने बताया कि मामले की जांच डीसीपी डिटेक्टिव मुखविंदर भुल्लर के नेतृत्व में की जा रही थी। गिरफ्तार आरोपी निशान सिंह से पूछताछ में खुलासा हुआ कि पंजाब में नशीली गोलियाें की सप्लाई उत्तराखंड के देहरादून में चल रही फैक्ट्री से हो रही थी। पुलिस कमिश्नर जसकरण सिंह ने बताया कि पुलिस टीम ने देहरादून मे रेड करके फैक्ट्री मालिक उस्मान राजपूत निवासी देहरादून को अरेस्ट करके उसके पास से 4,05,000 नशीली गोलियां बरामद की। मामले की जांच में पता चला कि दवा फैक्ट्री का लाइसैंस संबंधित अर्थारिटी द्वारा अक्टूबर 2022 में कैंसिल किया जा चुका है। पुलिस कमिश्नर ने बताया कि पुलिस ने आरोपी उस्मान को अरेस्ट करके पुलिस रिमांड लिया है। पूछताछ की जाएगी कि वे लोग और किन तस्करों को जरिए पंजाब में नशीली दवाओं की सप्लाई कर रहे थे। अब देखने वाली बात है कि यहां पर पुलिस अधिकारियों को इस बात का पता तक नहीं चल सका और पंजाब पुलिस अपनी कामयाबी को प्रेस को बता रही है। यहां पर पुलिस अधिकारी फोन उठाने तक को तैयार नहीं है। एसपी देहात कमलेश उपाध्याय व सीओ विकासनगर संदीप नेगी से जब फोन पर सम्पर्क करने का प्रयास किया तो उन्होंने फोन नहीं उठाया।

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