April 16, 2026चेन्नई। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन ने बृहस्पतिवार को परिसीमन विधेयक की एक प्रति जलाकर उसे ”काला कानून” करार दिया और आरोप लगाया कि यह विधेयक तमिल लोगों को उनकी अपनी ही भूमि में ”शरणार्थी” बनाने का प्रयास है। महिला आरक्षण संशोधन अधिनियम पर संसद के बजट सत्र की विशेष बैठक से कुछ घंटे पहले स्टालिन ने काला झंडा दिखाया, केंद्र सरकार द्वारा उपलब्ध कराई गई परिसीमन विधेयक की एक प्रति जलाई और नारे लगाए। मुख्यमंत्री चुनाव प्रचार के सिलसिले में पश्चिमी तमिलनाडु के नामक्कल में हैं और वहां उन्होंने विधेयक की प्रति जलाई। स्टालिन और काले वस्त्र पहने अन्य लोगों ने इस बीच नारे लगाए। उन्होंने ”पोराडावोम, वेलवोम ओन्द्रगा” (आइए हम मिलकर संघर्ष करें, साथ मिलकर जीतें) का नारा भी लगाया।एक बयान में स्टालिन ने कहा, ”विरोध की ज्वाला पूरे तमिलनाडु में फैले। फासीवादी भाजपा का घमंड चकनाचूर हो। तब, तमिलनाडु से उठी हिंदी थोपने के खिलाफ प्रतिरोध की आग ने दिल्ली को झुलसा दिया था। वह तभी शांत हुई जब उसने दिल्ली को झुकने पर मजबूर कर दिया। उनका इशारा स्पष्ट रूप से राज्य में 1960 के दशक में हुए हिंदी विरोधी आंदोलन की ओर था। उन्होंने कहा, ”आज मैंने इस काले कानून की प्रति जलाकर और काला झंडा दिखाकर उस आग को फिर से प्रज्वलित कर दिया है, जो तमिलों को हमारी ही धरती पर शरणार्थी बनाने का प्रयास करता है। यह आग अब पूरी द्रविड़ भूमि में फैलेगी। यह भड़केगी, यह प्रचंड होगी और यह बीजेपी के अहंकार को घुटने टेकने पर मजबूर कर देगी।” जैसे ही स्टालिन ने काला झंडा दिखाया, समूचे तमिलनाडु में उनके पार्टी पदाधिकारियों, मंत्रियों और कार्यकर्ताओं ने अपने-अपने घरों में, पार्टी कार्यालयों में और सार्वजनिक स्थानों पर भी काले झंडे लगाए।
April 16, 2026नई दिल्ली। संसद में महिला आरक्षण बिल के साथ परिसीमन बिल को लाए जाने विरोधी दलों की ओर से तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिल रही हैं। शिवसेना (उद्धव ठाकरे) पार्टी नेता संजय राउत ने महिला आरक्षण की आड़ में परिसीमन बिल लाए जाने पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी इसके पीछे जो खेल कर रही है हम उसका विरोध करेंगे।संजय राउत ने कहा कि आप लगभग 800 सीटें लोकसभा की बढ़ाएंगे। महाराष्ट्र विधानसभा की 400 सीटें होंगी, तो इसकी क्या जरूरत है? महिलाओं को अगर 33 फ़ीसद आरक्षण देना है तो अभी जो 543 संख्या है उस पर दीजिए। अभी का जो आंकड़ा है आप उस पर भी दे सकते हो, हम इसे मानेंगे। लेकिन, आपको अपने हिसाब से आंकड़ा बढ़ाना है। परिसीमन करना है। आपके हिसाब से राजनीति करनी है। तो फिर ‘नारी शक्ति बिल’ का नाम बदल दो और इसकी जगह ‘भाजपा शक्ति बिल’ लाइए। ये भाजपा शक्ति बिल है।संजय राउत ने कहा कि “कल विपक्षी दलों की महत्वपूर्ण बैठक नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के आवास पर हुई, वहां राहुल गांधी भी उपस्थित थे, वहां वीडियो कॉन्फ़्रेंसिंग के द्वारा उद्धव ठाकरे भी शामिल हुए। हम सब लोग थे, हमारी पार्टी का महिला आरक्षण का कोई विरोध नहीं है।” उन्होंने कहा कि 2023 में पहले ही ये बिल मंजूर हो चुका है। उस वक्त भी हमने महिला आरक्षण बिल को सपोर्ट किया था। लेकिन, अब जिस तरह से इस बिल की आड़ में भारतीय जनता पार्टी अपना राजनीति फायदा और खेल कर रही है उसका हमारा विरोध है।शिवसेना नेता ने इस दौरान पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस पार्टी का अध्यक्ष ममता बनर्जी से भी अपील की कि उनके सभी सांसद लोकसभा में आकर सरकार के खिलाफ वोट करें और इस सरकार से बदला ले। संजय राउत ने कहा कि उद्धव ठाकरे को ममता बनर्जी से बात करने की जिम्मेदारी दी गई है। दोनों के बीच पहले से अच्छा कोअर्डिनेशन है। बता दें कि आज संसद के विशेष सत्र में महिलाओं को 33 फीसद आरक्षण दिए जाने के लिए संशोधन विधेयक आना है। लेकिन, इसे लेकर अब विपक्ष आर-पार के मूड में दिखाई दे रहाहै। विरोधी दल इसकी आड़ में सरकार पर मनमर्जी से परिसीमन कराने का आरोप लगा रहे हैं। विरोधी दलों के तेवर से साफ है ये सत्र काफी हंगामेदार रह सकता है।
April 15, 2026ओहो रेडियो के मंच से राष्ट्र निर्माण का मजबूत संकल्प तीन नए रेडियो चैनलों का शुभारंभ, संचार के क्षेत्र में नई क्रांति देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गढ़ी कैंट स्थित हिमालयन सांस्कृतिक केंद्र में ओहो रेडियो एवं ड्रीमर्स एड्यु हब के सौजन्य से आयोजित “राष्ट्र निर्माण उत्सव” कार्यक्रम में प्रतिभाग करते हुए तीन नए रेडियो चैनलों का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि वे इस प्रेरणादायी आयोजन में उपस्थित सभी अतिथियों एवं युवा साथियों का स्वागत और अभिनंदन करते हैं तथा ओहो रेडियो के इस सराहनीय प्रयास की प्रशंसा करते हैं। उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि एक मजबूत, समृद्ध, आत्मनिर्भर और विकसित भारत के निर्माण का संकल्प है। उन्होंने कहा कि एक समय था जब रेडियो घरों में एक महत्वपूर्ण स्थान रखता था और इसकी उपस्थिति से अधिक उस पर प्रसारित होने वाली सूचनाएं महत्वपूर्ण होती थीं। गांवों में सीमित घरों में रेडियो होने के बावजूद लोग एकत्र होकर समाचार सुनते और गीतों का आनंद लेते थे। उन्होंने अपने व्यक्तिगत अनुभव साझा करते हुए कहा कि उनके पास भी एक छोटा रेडियो था, जो उनके लिए किसी खजाने से कम नहीं था।मुख्यमंत्री ने कहा कि समय के साथ तकनीक में परिवर्तन आया है, लेकिन रेडियो की आत्मीयता और विश्वसनीयता आज भी बनी हुई है। उन्होंने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा “मन की बात” कार्यक्रम के माध्यम से रेडियो को पुनः मुख्यधारा में स्थापित करने के प्रयासों की सराहना की और कहा कि ओहो रेडियो भी उत्तराखंड में इस परंपरा को जीवंत बनाए रखने का महत्वपूर्ण कार्य कर रहा है। मुख्यमंत्री ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि उनके बीच उपस्थित होकर उन्हें अत्यंत प्रसन्नता हो रही है। उन्होंने कहा कि विभिन्न राज्यों से आए युवा अपनी सांस्कृतिक विरासत के साथ देवभूमि उत्तराखंड को गौरवान्वित कर रहे हैं।मुख्यमंत्री ने स्वामी विवेकानंद के विचारों का उल्लेख करते हुए कहा कि स्वामी विवेकानंद युवाओं को राष्ट्र के पुनर्जागरण का सबसे सशक्त माध्यम मानते थे और उनका आह्वान था कि लक्ष्य की प्राप्ति तक निरंतर प्रयासरत रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि आज भी अनेक युवा उनके विचारों से प्रेरणा लेकर राष्ट्र निर्माण में अपनी भागीदारी सुनिश्चित कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि कोई भी राष्ट्र तब तक पूर्ण रूप से विकसित नहीं हो सकता जब तक उसकी युवाशक्ति संगठित, आत्मनिर्भर और राष्ट्रवाद की भावना से प्रेरित न हो। उन्होंने युवाओं की ऊर्जा, समर्पण और सृजनात्मकता को राष्ट्र की प्रगति का आधार बताते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रम युवाओं में राष्ट्र के प्रति निष्ठा और समर्पण की भावना को सशक्त करते हैं।मुख्यमंत्री ने कहा कि राष्ट्र निर्माण एक सतत प्रक्रिया है, जिसमें समाज के सभी वर्गों—युवा, किसान, महिलाएं, श्रमिक, उद्यमी और बुद्धिजीवी—की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। जब प्रत्येक नागरिक अपने कर्तव्यों का ईमानदारी से पालन करता है, तभी एक सशक्त राष्ट्र का निर्माण संभव होता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत विश्व का सबसे युवा देश है और यही युवा शक्ति उसकी सबसे बड़ी पूंजी है। यदि इस ऊर्जा को सही दिशा मिले, तो भारत न केवल आर्थिक महाशक्ति बनेगा, बल्कि पुनः विश्व गुरु के रूप में स्थापित होगा।उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में स्टार्टअप इंडिया, स्किल इंडिया, डिजिटल इंडिया और मेक इन इंडिया जैसी योजनाओं के माध्यम से युवाओं को आगे बढ़ने के अवसर मिल रहे हैं। राज्य सरकार भी युवाओं को सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने के लिए विभिन्न योजनाओं को प्रभावी रूप से लागू कर रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में स्टार्टअप संस्कृति को बढ़ावा देने, कौशल विकास को प्राथमिकता देने और स्वरोजगार योजनाओं के माध्यम से युवाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि आज के युवाओं को नौकरी तलाशने के बजाय रोजगार सृजित करने की दिशा में आगे बढ़ना होगा।उन्होंने कहा कि बदलते वैश्विक परिदृश्य में रोजगार के स्वरूप में तेजी से बदलाव आ रहा है, इसलिए युवाओं को फ्यूचर-रेडी बनाना आवश्यक है। इसी दिशा में राज्य सरकार डिमांड-बेस्ड स्किल ट्रेनिंग पर विशेष ध्यान दे रही है। मुख्यमंत्री ने उत्तराखंड की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत का उल्लेख करते हुए कहा कि देवभूमि का राष्ट्र निर्माण में योगदान सदैव महत्वपूर्ण रहा है। उन्होंने “स्वामी विवेकानंद कॉरिडोर” के निर्माण और दून विश्वविद्यालय में “सेंटर फॉर हिन्दू स्टडीज” की स्थापना को इस दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया। मुख्यमंत्री ने सीडीएस परीक्षा उत्तीर्ण करने वाले विद्यार्थियों को बधाई देते हुए उन्हें राष्ट्र का भावी प्रहरी बताया और युवाओं से आह्वान किया कि वे अपने जीवन में राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखें। मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि युवाशक्ति के समर्पण, नवाचार और संकल्प से वर्ष 2047 तक भारत को विकसित, आत्मनिर्भर और समृद्ध राष्ट्र बनाने का लक्ष्य अवश्य प्राप्त होगा।कार्यक्रम में फिल्म अभिनेता राकेश बेदी , मेजर प्राजुक्ता देसाई, आरजे काव्या सहित बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
April 15, 2026देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को परेड ग्राउंड, देहरादून स्थित बहुद्देशीय क्रीड़ा हॉल में 87वें इंटर स्टेट जूनियर एवं यूथ नेशनल टेबल टेनिस चैंपियनशिप का शुभारंभ किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने टेबल टेनिस खेलकर खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन भी किया मुख्यमंत्री ने देश के विभिन्न राज्यों से आए खिलाड़ियों का स्वागत करते हुए कहा कि उत्तराखंड के लिए यह अत्यंत गर्व का विषय है कि राज्य को पहली बार इस राष्ट्रीय स्तर की प्रतिष्ठित प्रतियोगिता की मेजबानी का अवसर प्राप्त हुआ है। उन्होंने इसके लिए भारतीय टेबल टेनिस महासंघ का भी आभार व्यक्त किया।मुख्यमंत्री ने सभी प्रतिभागियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि खेल केवल प्रतिस्पर्धा का माध्यम नहीं, बल्कि व्यक्तित्व निर्माण का सशक्त आधार है। खेलों के माध्यम से अनुशासन, धैर्य, टीम भावना और लक्ष्य के प्रति समर्पण जैसे जीवन-मूल्य विकसित होते हैं, जो युवाओं को जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में उत्कृष्टता प्राप्त करने के लिए प्रेरित करते हैं। उन्होंने युवा खिलाड़ियों का आह्वान करते हुए कहा कि वे न केवल अपने-अपने राज्यों का बल्कि देश के उज्ज्वल भविष्य का भी प्रतिनिधित्व करते हैं। उनकी मेहनत, अनुशासन और संकल्प ही भारत को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।मुख्यमंत्री ने कहा कि टेबल टेनिस ऐसा खेल है जिसमें गति, संतुलन, तकनीक और मानसिक दृढ़ता का समन्वय आवश्यक होता है। यह खेल खिलाड़ियों को त्वरित निर्णय क्षमता, रणनीतिक सोच और आत्मविश्वास के साथ चुनौतियों का सामना करना सिखाता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में देश में खेल संस्कृति को नई दिशा मिली है। ‘खेलो इंडिया’ एवं ‘फिट इंडिया मूवमेंट’ जैसे अभियानों के माध्यम से भारत ने खेलों के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है और आज देश वैश्विक मंचों पर अपनी अलग पहचान बना रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि ओलंपिक, पैरालंपिक, एशियाई खेलों एवं कॉमनवेल्थ खेलों में भारतीय खिलाड़ियों द्वारा किए जा रहे उत्कृष्ट प्रदर्शन देश के लिए गर्व का विषय है। यह सफलता प्रधानमंत्री के खिलाड़ियों के प्रति विश्वास, प्रोत्साहन और बेहतर संसाधनों की उपलब्धता का परिणाम है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार भी खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने और खेलों को प्रोत्साहित करने के लिए प्रतिबद्ध है। इसी दिशा में 38वें राष्ट्रीय खेलों के सफल आयोजन के माध्यम से उत्तराखंड को देवभूमि के साथ-साथ खेलभूमि के रूप में स्थापित किया गया है, जिसमें राज्य के खिलाड़ियों ने 103 पदक जीतकर नया कीर्तिमान स्थापित किया।मुख्यमंत्री ने कहा कि खेलों में हार और जीत महत्वपूर्ण नहीं, बल्कि खिलाड़ियों का जज्बा, अनुशासन और आत्मविश्वास ही उन्हें सच्चा विजेता बनाता है।इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री खजान दास, राज्यसभा सांसद नरेश बंसल, अध्यक्ष राज्य स्तरीय खेल परिषद कुलदीप बुटोला, उपाध्यक्ष राज्य स्तरीय खेल परिषद हेमराज बिष्ट, विशेष प्रमुख सचिव खेल अमित सिन्हा और उत्तराखंड टेबल टेनिस एसोसिएशन के अध्यक्ष चेतन गुरुंग मौजूद थे।
April 15, 2026देहरादून। लोक भवन में हिमाचल प्रदेश का स्थापना दिवस मनाया गया।आज यहां लोक भवन में हिमाचल प्रदेश का स्थापना दिवस मनाया गया। कार्यक्रम में हिमाचल राज्य के देहरादून स्थित संस्थानों में अध्ययनरत छात्र—छात्राओं सहित अन्य लोग उपस्थित रहे। इस दौरान छात्र—छात्राओं ने पारंपरिक वेशभूषा में मनमोहक सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए जिसमें हिमाचल की समृद्ध लोक संस्कृति की झलक देखने को मिली। राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से.नि.) ने कार्यक्रम में प्रतिभाग करते हुए सभी उपस्थित जनों को हिमाचल प्रदेश स्थापना दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं दीं। उन्होंने हिमाचल प्रदेश के गौरवशाली इतिहास और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत की सराहना करते हुए कहा कि हिमाचल प्रदेश और उत्तराखण्ड के बीच केवल भौगोलिक निकटता ही नहीं, बल्कि सांस्कृतिक, आध्यात्मिक और प्राकृतिक स्तर पर भी गहरा और आत्मीय संबंध है। उन्होंने कहा कि दोनों ही राज्यों को ट्टदेवभूमि’ के रूप में जाना जाता है, जहां की पवित्रता, लोक परंपराएं, आस्था, सरल जीवनश्ौली और प्रकृति के प्रति सम्मान की भावना एक समान रूप से परिलक्षित होती है।राज्यपाल ने कहा कि विभिन्न राज्यों के स्थापना दिवस का आयोजन केवल कार्यक्रम नहीं, बल्कि देश की विविधता को समझने और उसे आत्मसात करने का एक सशक्त माध्यम है। ऐसे आयोजन हमें एक—दूसरे की भाषा, वेशभूषा, खान—पान, लोक कला और परंपराओं को जानने का अवसर प्रदान करते हैं, जिससे राज्यों के बीच आपसी सद्भाव, संवाद और सांस्कृतिक समन्वय को बढ़ावा मिलता है। उन्होंने कहा कि “एक भारत—श्रेष्ठ भारत” कार्यक्रम राष्ट्रीय एकता और अखंडता को मजबूत करने में अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इस कार्यक्रम में सचिव राज्यपाल रविनाथ रामन, अपर सचिव रीना जोशी, साईं इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, देहरादून की उपाध्यक्ष रानी अरोरा, जनसंपर्क अधिकारी श्रुति अग्रवाल, कामिनी शर्मा, अर्चना कंडारी, आशा पाल एवं छात्र —छात्राएं उपस्थित रहे।
April 15, 2026देहरादून। मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने गर्मियों के मौसम को ध्यान में रखते हुए राज्य के हर स्कूल में वॉटर बेल बजाने के निर्देश दिये।आज यहां मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने सभी विघालयों में नियमित अंतराल पर वॉटर बेल बजाने के निर्देश दिए हैं, ताकि प्रत्येक छात्र—छात्राएं गर्मियों के मौसम में नियमित अंतराल पर पानी पी सकें और डिहाइड्रेशन से बचाव सुनिश्चित हो। मुख्य सचिव ने बुधवार को ग्रीष्मकाल में हीटवेव की तैयारियों को लेकर शासन के उच्चाधिकारियों के साथ बैठक ली। उन्होंने विघालय के समय में आवश्यकतानुसार परिवर्तन करने, कक्षाओं में पर्याप्त वेंटिलेशन, ओआरएस एवं आवश्यक दवाओं का भंडारण किए जाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि विघार्थियों को हीट वेव से बचाव सम्बन्धी व्यवहारिक जानकारी देना सुनिश्चित किया जाए। राज्य में बढ़ते तापमान एवं संभावित हीट वेव की स्थिति को देखते हुए सभी स्कूलों में विघार्थियों के स्वास्थ्य की सुरक्षा सर्वाेच्च प्राथमिकता पर रखी जाए। साथ ही उन्होंने जिलाधिकारियों को गर्मियों के मौसम में जिन भी क्षेत्रों में पानी की किल्लत हो, वहां सभी निर्माण कार्यों पर अस्थायी रोक लगाए जाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने बसों, स्टेशन, बाजार में शुद्ध पेयजल की व्यवस्था सुनिश्चित किए जाने के भी निर्देश दिए। मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि हीट वेव की चुनौती से निपटने के लिए राज्य से लेकर ग्राम स्तर तक सभी विभाग समन्वित एवं सक्रिय रूप से कार्य करें। प्रत्येक जनपद में हीट वेव एक्शन प्लान तैयार करते हुए संवेदनशील (हॉटस्पॉट) क्षेत्रों की पहचान की जाए तथा वहां विशेष निगरानी एवं राहत व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएं। इसके साथ ही 24ञ्7 कंट्रोल रूम संचालित कर किसी भी आपात स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया व्यवस्था सुदृढ़ रखी जाए। मुख्य सचिव ने हीटवेव के दौरान श्रमिकों एवं खुले में कार्य करने वाले लोगों की सुरक्षा पर विशेष बल देते हुए निर्देश दिए कि कार्य समय में आवश्यकतानुसार परिवर्तन किया जाए, विशेषकर दोपहर के समय भारी कार्य से बचा जाए। कार्यस्थलों पर छायादार विश्राम स्थल, आइस पैक, स्वच्छ पेयजल, ओआरएस तथा प्राथमिक उपचार की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। साथ ही श्रमिकों को हीट वेव से बचाव के उपायों के प्रति जागरूक किया जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में सार्वजनिक स्थानों पर अस्थायी आश्रय (कूलिंग स्पेस), पानी के प्याऊ/वॉटर कियोस्क स्थापित किए जाएं तथा जरूरतमंद लोगों तक पानी की आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। पार्कों को अधिक समय तक खोलने, गरीब एवं संवेदनशील वर्गों तक राहत पहुंचाने तथा पशुओं के लिए भी पानी एवं शेल्टर की समुचित व्यवस्था करने पर विशेष जोर दिया गया। इस अवसर पर सचिव दिलीप जावलकर, डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय, सीसीएफ सुशांत कुमार पटनायक, डॉ. पराग मधुकर धकाते, सी. रविशंकर, विनोद कुमार सुमन एवं रणवीर सिंह चौहान सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी एवं जनपदों से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जिलाधिकारी उपस्थित थे।