- रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर में बादल फटने से भारी तबाही
- तीन लोगों की मौत, दर्जनों लापता
- अगस्त माह में सबसे ज्यादा नुकसान
देहरादून। देवभूमि में मानसून आपदा का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है। बादल फटने की घटनाओं से जहंा भारी जान माल का नुकसान हो रहा है वहीं सड़कों के बाधित होने से रेस्क्यू टीमेेंं भी आपदा ग्रस्त क्षेत्र तक नहीं पहुंच पा रही हैं। बीती रात राज्य में रुद्रप्रयाग, चमोली और बागेश्वर सहित कई जिलों में बादल फटने से भारी नुकसान होने की खबर है। तीन लोगों की मौत होने तथा कुछ लोगों और मवेशियों के मलवे में दबे होने की बात सामने आई है, दर्जनों घरों को भी नुकसान हुआ है। जिला प्रशासन तथा आपदा राहत टीमें रेस्क्यू के काम में जुटी हुई है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार रुद्रप्रयाग के बसु केदार तथा चमोली के देवाल क्षेत्र और बागेश्वर के कपकोट क्षेत्र में बादल फटने की घटनाओं से इन क्षेत्रों के कई गांवों में भारी तबाही हुई है। चमोली के मोपाटा गांव में दो लोगों की मौत हो गई तथा रुद्रप्रयाग में भी एक व्यक्ति की मौत होने की खबर है। रुद्रप्रयाग के बांसवाड़ा में भूस्खलन के कारण बचाव राहत के लिए जाने वाली टीमें भी फंसी हुई है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का कहना है कि वह राज्य में आई आपदा की घटनाओं से दुखी है तथा अधिकारियों से संपर्क बनाए हुए हैं। रुद्रप्रयाग के तालजामण से 150 लोगों को रेस्क्यू कर निकाला जा चुका है।
बताया जा रहा है कि मोपाटा गांव में बादल फटने की घटना में दो लोग तारा सिंह और उनकी पत्नी लापता हैं। जबकि विक्रम सिंह और उनकी पत्नी घायल बताए जा रहे हैं। चमोली जिले के ज्योर्तिमठ, देवाल, नारायणबगड़, थराली, नंदा नगर, कर्णप्रयाग, गैरसैंण और दशोली क्षेत्रों में मूसलाधार बारिश से नदियां और नाले उफान पर हैं। रुद्रप्रयाग में भी भारी बारिश से जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। लगातार हो रही बारिश के कारण ऋषिकेश—बद्रीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग, गौरीकुंड—रुद्रप्रयाग मार्ग समेत कई मुख्य मार्ग मलबा आने से बंद हो गए हैं। जगह—जगह लैंडस्लाइड की घटनाओं के कारण सड़कें अवरुद्ध हैं और कई वाहन फंसे हुए हैं। एनएच खोलने के लिए संबंधित टीमें मौके पर काम कर रही हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्टएक्स’ (पूर्व में ट्विटर) पर प्रतिक्रिया देते हुए लिखा, जनपद रुद्रप्रयाग और चमोली में बादल फटने से कुछ परिवारों के फंसे होने का दुःखद समाचार प्राप्त हुआ है। राहत और बचाव कार्य युद्धस्तर पर जारी हैं। संबंधित अधिकारियों से लगातार संपर्क में हूं। बाबा केदार से सभी के सकुशल होने की प्रार्थना करता हूं।” स्थानीय प्रशासन और आपदा प्रबंधन की टीमें जेसीबी और अन्य उपकरणों के माध्यम से मलबा हटाने का प्रयास कर रही हैं। प्रभावित क्षेत्रों में राहत सामग्री पहुंचाई जा रही है और फंसे हुए लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है।




