सांसदों के निलंबन पर कांग्रेस का हल्ला बोल

0
192

  • भाजपा लोकतंत्र की हत्या पर आमादाः माहरा
  • राजभवन घेरने निकले कांग्रेसी, पुलिस ने रोका
  • पुलिस के साथ धक्का—मुक्की, तीखी झड़पें हुई

देहरादून। सांसदों के निलंबन के विरोध में आज प्रदेश कांग्रेस ने सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन किया। कांग्रेस मुख्यालय से राजभवन का घेराव करने निकले कांग्रेसी नेताओं को राजभवन तो नहीं पहुंचने दिया गया लेकिन रोके जाने पर उन्होंने जबर्दस्त हंगामा व नारेबाजी जरूर की तथा पुलिस कर्मियों के साथ उनकी धक्का—मुक्की और खींचतान भी हुई।
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष करन माहरा का कहना है कि केंद्र की भाजपा सरकार देश से लोकतंत्र को खत्म करने पर आमादा है। 146 सांसदों का निलम्बन यह बताने के लिए काफी है कि सत्ता में बैठे लोग चाहते क्या हैं? सरकार विपक्ष की कोई बात सुनना नहीं चाहती है। चाहे विपक्ष के नेताओं की बात हो या फिर पत्रकारों की, जो सरकार के खिलाफ कुछ कहने या बोलने की कोशिश करता है सरकार उसके खिलाफ तानाशाही पर उतर आती है। उन्होंने कहा कि जिस भाजपा सांसद ने संसद में घुसपैठ करने वालों को पास दिलवाये उसके खिलाफ तो सरकार ने कोई कार्यवाही नहीं की और जो संसद की सुरक्षा को लेकर सवाल पूछना चाहते हैं उन्हें संसद से निलंबित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह लोकतंत्र की हत्या का प्रयास है उन्होंने इसके साथ ही कहा कि कांग्रेस लोकतंत्र की रक्षा के लिए सड़कों पर उतरी है। उनका कहना था कि अगर 2024 में फिर से भाजपा सत्ता में आ गई तो देश से लोकतंत्र खत्म हो जाएगा भविष्य में क्या होने वाला है इसके संकेत अभी से मिलने शुरू हो गए हैं।


विरोध प्रदर्शन में शामिल नेता विपक्ष यशपाल आर्य ने कहा कि संसद जहां राष्ट्रीय और सामाजिक हितों के लिए कानून बिना विपक्ष से चर्चा किये और उन्हें सदन से निलंबित करके बनाये जा रहे हो उसे लोकतंत्र नहीं कहा जा सकता है। सांसदों का इतनी बड़ी संख्या में निलंबन मोदी सरकार की मंशा को बताने के लिए काफी है। सरकार चाहती है कि सदन में विपक्ष रहे ही नहीं और विपक्ष के न रहने पर वह अपनी मनमानी करती रहे। उन्होंने कहा कि किसी भी लोकतंत्र के इतिहास में न कभी ऐसा हुआ है और न हो सकता है। कांग्रेस इसका पुरजोर विरोध करती है और करती रहेगी। कांग्रेस नेता और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह का कहना है कि देश संविधान और लोकतंत्र से ही चलेगा। तानाशाही यहां किसी की भी नहीं चल सकती है। सत्ता में बैठे लोग विपक्ष की आवाज को जिस तरह से दबाने का प्रयास कर रहे हैं उससे विरोध के स्वर और अधिक मुखर होंगे।
सांसदों के निलंबन के विरोध में आज कांग्रेसियों ने देशव्यापी आंदोलन और प्रदर्शन किए हैं। इस क्रम में राजधानी दून में भी भारी संख्या में कांग्रेसी नेता और कार्यकर्ता आज सुबह कांग्रेस मुख्यालय राजीव गांधी भवन में जमा हुए जहां से हाथों में तख्तियंा लेकर नारेबाजी करते हुए वह राजभवन घेराव को निकले लेकिन पुलिस ने बैरिकेडिंग लगाकर उन्हें हाथी बड़कला पुलिस चौकी पर रोक लिया, जहां उनकी पुलिस के साथ धक्का—मुक्की और तीखी नोंक झोंक भी हुई लेकिन पुलिस ने उन्हें आगे नहीं जाने दिया। इस प्रदर्शन में कांग्रेस के लगभग सभी बड़े नेता और पदाधिकारी मौजूद थे तथा बड़ी संख्या में महिलाएं भी शामिल थी। कांग्रेसी नेताओं ने वंही सड़क पर बैठकर भाजपा व केंद्र सरकार के खिलाफ जबरदस्त प्रदर्शन और नारेबाजी की। इस प्रदर्शन के जरिए कांग्रेस अपने शक्ति प्रदर्शन में सफल जरूर दिखी।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here