- भाजपा पूरे जोश-खरोस के साथ उतरेगी चुनावी रण में का संदेश
- दो माह में भाजपा ने उत्तराखंड में आयोजित की तीसरी बड़ी सभा
- सभी नेताओं को एक मंच पर खड़ा कर अपनी एकजुटता दिखाई
देहरादून। चुनावी साल में राजनीतिक गलियारे में उमड़ा जनसैलाब भाजपा के लिए संजीवनी का काम करेगा। यह हम नहीं राजनैतिक विशेषज्ञ कह रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि राजनीतिक दल किसी न किसी बहाने अपनी ताकत दिखाने में लगे रहते हैं और इसमें भाजपा ने हाथ मार लिया है। दून में आयोजित पीएम के कार्यक्रम के बहाने भाजपा ने प्रमुख विपक्षी कांग्रेस को यह संदेश दे दिया है कि भाजपा पूरे जोश-खरोस के साथ चुनावी रण में उतरेगी।
बता दें कि चुनावी साल में भाजपा विधानसभा चुनाव से पहले प्रदेश में अपने पक्ष में माहौल बनाना चाहती है। इसके लिए पार्टियों में कंपटीशन लंबे समय से शुरू हो जाता है। भाजपा ने भी इसी रणनीति के तहत अपनी राजनैतिक चाल चलनी शुरू कर दी है।
यही कारण है कि भाजपा ने दो माह में उत्तराखंड में तीसरी बड़ी सभा कर बड़ा संदेश दिया है। भाजपा ने प्रदेश में अभी तक हरिद्वार में गृह मंत्री अमित शाह की जनसभा फिर हल्द्वानी में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की सभा आयोजित कर कांग्रेस को स्पष्ट संदेश दे दिया है कि प्रदेश में भाजपा के पक्ष में आम जनमानस खड़ा है। चुनावी साल में भाजपा के लिए प्रदेश में बडे़ नेताओं की सभाओं का सिलसिला शुरू हो गया है और यह चुनावी घोषणा तक लगातारी जारी रहने की संभावना है।
भाजपा प्रदेश में डबल इंजन की सरकार को लंबे समय से प्रचारित करती रही है और इसके लिए केंद्र से बार-बार प्रदेश के लिए बजट मिलना डबल इंजन की सरकार को दिखाता है। भाजपा चुनावी साल में कोई कोर कसर छोड़ना नहीं चाहती है और इसके लिए अभी से बड़ी सभाओं का आयोजन करने के साथ-साथ भले ही पार्टी के अंदर जो भी मनमुटाव हो उसे सार्वजनिक करने से बच रही है। शायद यही कारण रहा कि भाजपा ने पीएम की रैली में एकजुटता का संदेश देने के लिए अपने नेताओं को एक मंच पर खड़ा कर अपनी एकजुटता दिखाई।
भाजपा का स्पष्ट संदेश था कि पार्टी में कोई भेदभाव नहीं है और सभी एकजुट है। दून में पीएम के कार्यक्रम में मंच पर बड़ी संख्या में पूर्व मुख्यमंत्रियों, वर्तमान सांसदों, कैबिनेट मंत्रियों के साथ-साथ राज्य के सभी छोट-बडे़े नेताओं को खड़ा कर संदेश दिया है कि भाजपा की ताकत एकजुटता के साथ आगामी विधानसभा चुनाव में कूदेगी।
वही राजनैतिक विशेषज्ञों की माने तो दून में पीएम मोदी के कार्यक्रम के बहाने भाजपा ने अपनी ताकत भी दिखाई है। राजधानी के चप्पे-चप्पे पर भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं की मौजूदगी से पीएम भी खुश नजर आये। यह कहे कि पीएम मोदी भी राजधानी में 12 किलोमीटर लंबे राजनीतिक गलियारे में उमड़े जनसैलाब से राज्य की राजनीति के साथ ही जनता का मिजाज भी भांप गए। उन्होंने मंच से देरी का जिक्र करते हुए इसकी तस्दीक भी की। इससे एक ओर जहां कांग्रेस धरासायी नजर आ रही है। दूसरी ओर भाजपा गदगद दिख रही है।




