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चुनावी मोड में भाजपा और कांग्रेस

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  • बीजेपी बना रही है हैट्रिक लगाकर तीसरी बार सत्ता पर काबिज होने का प्लान
  • कांग्रेस अपनी खोयी हुई जमीन तलाशने और सत्ता वापसी की बना रही रणनीति
  • कांग्रेस चुनावी तैयारियों में जुटी, बीजेपी नजर रही पूरी तरह से चुनावी मोड में

देहरादून। विधानसभा चुनाव 2027 की हालांकि अभी घोषणा नहीं हुई है, लेकिन प्रदेश में भाजपा और कांग्रेस अभी से मैदान में कूद गए है। 2027 का विधानसभा चुनाव बीजेपी और कांग्रेस के लिए अहम है। बीजेपी 2027 में हैट्रिक लगाकर तीसरी बार सत्ता पर काबिज होने का प्लान कर रही है, तो वहीं कांग्रेस अपनी खोयी हुई जमीन तलाशने में लगी हुई है, ताकि उसे भी सत्ता वापस मिल सके।
चुनावी साल में कोई कोर-कसर बाकी न रहे इसके लिए राजनैतिक दल समय से पहले ही अपनी तैयारियों में लग जाते है। प्रदेश में कांग्रेस भले ही अभी चुनावी तैयारियों जुटी हो, लेकिन बीजेपी पूरी तरह से चुनावी मोड में नजर आ रही है। भाजपा सत्ता को अपने पास रखने की रणनीति पर काम कर रही है और कांग्रेस खोई जमीन तलाशने के लिए जंग के मैदान में कूद गई है। हालांकि दोनों दलों के अंदर सब कुछ ठीक-ठाक नहीं है। इसके बाद भी दोनों दल चुनावी मोड में दिख रहे है। कांग्रेस के साथ भाजपा अपने बडे़ नेताओं का दौरा करवाने में लगे है।
अकेले भाजपा की बात करें तो चुनाव से पहले सरकार की उपलब्धियों को व्यवस्थित तरीके से प्रस्तुत करने की भाजपा और सरकार तैयारी कर रही है। प्रदेश सरकार लगातार यह दावा करती रही है कि राज्य में बुनियादी ढांचे, पर्यटन, सड़क, स्वास्थ्य और शिक्षा से जुड़ी योजनाओं को गति दी गई है और कई परियोजनाएं अब जमीन पर दिखाई देने लगी हैं। चुनावी साल में भाजपा को जनता के बीच जाना है और इसके लिए रणनीति पहले से अगर पक्की नहीं होगी तो भाजपा को इसके दुष्परिणाम देखने को मिल सकते है। इसके लिए भाजपा सरकार की उपलब्धियों को अपना चुनावी हथियार बनाने की दिशा में कार्य कर रही है।
दूसरी ओर सरकार की इस कवायद पर विपक्षी दल कांग्रेस ने सवाल खड़े किए हैं। कांग्रेस का कहना है कि सरकार केवल दावे कर रही है, जबकि धरातल पर विकास कार्यों की स्थिति उतनी मजबूत नहीं है। कांग्रेस ने सरकार से मांग की है कि वह अब तक किए गए कामों का पूरा लेखा-जोखा जनता के सामने रखने के लिए श्वेत पत्र जारी करे। कांग्रेस की इस मांग को हालांकि भाजपा सिरे से खारिज कर रही है, लेकिन कांग्रेस के आक्रामक रूख के चलते भाजपा के लिए यह समस्या बड़ी हो सकती है।
प्रदेश में विधानसभा चुनाव कब होंगे इसकी अभी घोषणा नहीं हुई है, लेकिन लगभग एक साल का समय अभी है और इसी के चलते भाजपा और कांग्रेस अभी से चुनावी मोड में आ गए है। प्रदेश में भाजपा की सरकार है और भाजपा सरकार के कामों को लेकर जनता के बीच जाएगा और चुनावी रण में जीत के लिए दाव खेलेगी। वही कांग्रेस सरकार के कामों को नाकामी बताते हुए मैदान में कूदेगी। आने वाले समय में चुनावी रण में भाजपा और कांग्रेस की रणनीति देखने को मिलेगी और विधानसभा चुनाव की घोषणा तक यह जंग के रूप में बदल जाएगी।

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