सरकार द्वारा पहलगाम की घटना के जवाब में ऑपरेशन सिंदूर लॉन्च किया गया तो देश की जनता और समूचे विपक्ष ने सरकार और सेनाओं का बिना किसी सवाल के उसका दिल खोलकर स्वागत और समर्थन किया गया। जब तक सेनाओं ने अपनी कार्यवाही जारी रखी हर तरफ भारत की जय जयकार होती रही। लेकिन चार दिन बाद अचानक हुई सीज फायर के फैसले ने सब कुछ एक झटके में पलट कर रख दिया। सीज फायर के फैसले को लेकर सैकड़ो सवाल खड़े हुए तो सरकार को भी समझ नहीं आया कि जवाब क्या दिया जाए? पीएम मोदी के राष्ट्रीय संबोधन को देश की जनता ने गंभीरता से नहीं लिया और रही सही कमी को उस ट्रोल आर्मी ने पूरा कर दिया जो सरकार की वाहवाही में लगी रहती है। इसके बाद भाजपा के नेताओं के पास सिर्फ एक ही विकल्प बचा था कि वह अपने पार्टी कार्यकर्ताओं को जीत के जश्न के लिए सड़कों पर उतारे और राष्ट्रभक्ति के प्रचार का शंखनाद करे।ं अब यही सब कुछ सड़कों पर हो रहा है तिरंगा यात्रा जिसे पहले शौर्य यात्रा का नाम दिया गया था पूरे 10 दिनों तक देश में चलने वाली है। बिहार में तो आज इस तिरंगा यात्रा में पीएम मोदी फौजियों की वर्दी वाले कट आउट में दिखाई दिए। प्रधानमंत्री मोदी ने सीज फायर के बाद अपने राष्ट्रीय संबोधन से ही अपने प्रचार अभियान की शुरुआत ऑपरेशन सिंदूर को देश की आधी आबादी को यह कहकर समर्पित कर दिया गया था कि यह देश की माता बहनों व बेटियों को समर्पित करता हूं। उनका कहना था कि उन्होंने पहलगाम में आतंकियों द्वारा महिलाओं का सिंदूर उजाड़ने का जो काम किया गया था उसका बदला पूरा कर लिया गया है। विपक्ष कांग्रेस के नेता जो अब तक मौन थे अब पूछ रहे हैं कि क्या सरकार ने पहलगाम में नरसंहार करने वाले आतंकियों को पकड़ लिया है या फिर मार गिराया है? कहां गए वह आतंकी। भारतीय सेनाओं के हमले में सरकार 100 से अधिक आतंकियों को मार गिराने की बात कह रही है पाक का कहना है कि कल 51 लोग मारे गए हैं जिनमें 11 सैनिक और 40 सिविलियन है। प्रधानमंत्री ने बीते कल पंजाब के आदमपुर एयरवेज जाकर सैन्य कर्मियों को बधाई दी। लोग पूछ रहे हैं कि तुमने कौन सी जंग जीत ली है। जिसका जश्न मना रहे हो। पाकिस्तान अभी भी सीमा पर गोलाबारी कर रहा है और तुम कह रहे हो कि सीज फायर के दौरान एक भी गोली चली तो हम गोला दागेंगे। जब यह ऑपरेशन सिंदूर पूरा हो चुका है और लक्ष्य को हासिल कर लिया गया है तो ऑपरेशन सिंदूर को जारी रखने की बात क्यों की जा रही है। और अगर अभी पाक के साथ संघर्ष जारी है तो फिर किस जीत का जश्न मनाया जा रहा है विपक्ष का साफ कहना है कि भाजपा इस आपदा में भी राजनीति के अवसर तलाशने में जुटी हुई है। एयर स्ट्राइक की तरह ही इस ऑपरेशन सिंदूर को भाजपा चुनावी मुद्दा बनाना चाहती है। यही नहीं कांग्रेस और अन्य दलों के नेताओं का कहना है कि सरकार उनके सवालों का पहले जवाब दे उसके बाद खूब जश्न मनाएं और शौर्य यात्रा निकाले। अभी न तो सीज फायर पर स्थिति साफ है न ऑपरेशन सिंदूर पर। न अमेरिका की मध्यस्थता पर लेकिन जीत का जश्न मना कर स्वयं को महिमा मंडित करने का काम शुरू हो गया। कांग्रेसियों का कहना है कि भाजपा भय और भ्रम की राजनीति करती है। झूठ की राजनीति करती है और दुखद यह है कि अब यह काम राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर भी किया जा रहा है।




