May 12, 2026हरिद्वार। 2.5 लाख रूपये व वाहन लूट की फर्जी सूचना पुलिस को देना पांच लोगों को भारी पड़ गया है। पुलिस ने उन्हे गिरफ्तार कर अग्रिम कार्यवाही शुरू कर दी है।जानकारी के अनुसार कोतवाली भगवानपुर को सलीम पुत्र अलीहसन निवासी 62 फुटा रोड मौहल्ला खाताखेडी थाना मण्डी जिला सहारनपुर उ.प्र. द्वारा सूचना दी गयी कि कुछ लोग मुझसे ग्राम खेड़ी शिकोहपुर से जबरदस्ती मेरी गाड़ी व गाड़ी में रखे करीब ढाई लाख रूपये छीनकर भाग गए है। मामले में पुलिस ने तत्काल मुकदमा दर्ज कर जांच शूरू कर दी गयी। जांच के दौरान पुलिस ने घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरो को खंगालते हुए अपराधियों की तलाश शुरू की जिसके पश्चात नबीर पुत्र जमील उम्र 19 वर्ष, शौकिन पुत्र बाबू उम्र 23 वर्ष निवासी ग्राम मानक माजरा कोतवाली भगवानपुर जनपद हरिद्वार और साहिब पुत्र आलीम उम्र 32 वर्ष निवासी डाडाजलालपुर कोतवाली भगवानपुर जनपद हरिद्वार द्वारा जबरदस्ती वाहन को अपने साथ लेकर जाना पाया गया। जिस पर पुलिस ने तीनो व्यक्तियो को पूछताछ हेतु थाना लाया गया। पूछताछ में आपसी पैसो के लेन देने के सम्बन्ध में प्रकाश में आया। सूचना देने वाले ने एक प्लानिंग के तहत पुलिस को गुमराह करने की नीयत से पुलिस को झूठी सूचना दी गई थी जिस कारण पुलिस ने कार्यवाही करते हुए उपरोक्त तीनों व्यक्तियो जिनके द्वारा मोटरसाइकिल ले जाई थी व सूचना देने वाले अन्य दो व्यक्तियो सलीम पुत्र अलीहसन निवासी 62 फुटा रोड मौहल्ला खाताखेडी थाना मण्डी जिला सहारनपुर उ.प्र. उम्र 48 वर्ष, नौशाद पुत्र शमशाद निवासी सम्राट कालोनी मण्डी समिती रोड थाना मण्डी जिला सहारनपुर उ0प्र0 उम्र 55 वर्ष के विरूद्व अन्तर्गत धारा 172 बीएनएसएस के तहत कार्यवाही की गयी है।
May 12, 2026नैनीताल। मंडी क्षेत्र में एक दर्दनाक हादसे में दो साल की मासूम बच्ची की मौत हो गई। घर के बाहर खेल रही बच्ची पिकअप वाहन के पिछले टायर की चपेट में आ गई। हादसे के बाद परिवार में कोहराम मच गया, जबकि क्षेत्र में भी शोक का माहौल है।जानकारी के अनुसार कुंदन सिंह अपनी पत्नी गीतांजली और इकलौती बेटी काव्या के साथ बरेली रोड स्थित मंडी क्षेत्र के पास किराए के मकान में रहते हैं। उनके पड़ोस में पिकअप चालक सुरेश चिलवाल रहता है, जिसके साथ मासूम काव्या अक्सर खेलती थी। बताया जा रहा है कि बीते रोज काव्या घर के बाहर खेल रही थी। इसी दौरान सुरेश काम पर जाने के लिए अपनी पिकअप गाड़ी बैक कर रहा था। वाहन पीछे करते समय उसकी नजर बच्ची पर नहीं पड़ी और काव्या पिछले टायर की चपेट में आ गई। हादसे के तुरंत बाद परिजन और स्थानीय लोग गंभीर रूप से घायल बच्ची को अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।घटना की सूचना मिलने पर बनभूलपुरा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का मुआयना किया। मासूम की मौत के बाद माता—पिता का रो—रोकर बुरा हाल है। थानाध्यक्ष डीएस फर्त्याल ने बताया कि मामले में अभी तक चालक के खिलाफ कोई तहरीर नहीं मिली है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।
May 11, 2026देहरादून। मसूरी में पिता की वर्दी का रौब झाड़ना एक युवक का भारी पड़ गया। युवक अपने पिता की पुलिस वर्दी और पी—कैप का इस्तेमाल कर टोल टैक्स, पार्किंग और अन्य जगहों पर फायदा उठाने की कोशिश कर रहा था। युवक शराब के नशे में वाहन चलाता भी मिला, जिसके बाद पुलिस ने सख्त कार्रवाई करते हुए उसकी कार सीज कर दी है।चारधाम यात्रा और पर्यटन सीजन के बीच मसूरी पुलिस का विशेष चेकिंग अभियान लगातार जारी है। इसी अभियान के दौरान यह मामला सामने आया है। पुलिस के अनुसार,यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए शहर में विशेष चेकिंग अभियान चलाया जा रहा था। इसी दौरान लाइब्रेरी चौक पर यूपी नंबर की एक वैगनआर कार पुलिस को संदिग्ध लगी। कार के डैशबोर्ड पर उत्तर प्रदेश पुलिस की पी—कैप रखी हुई थी, जबकि पीछे की सीट पर उपनिरीक्षक की वर्दी टंगी हुई थी। पुलिस ने वाहन रोककर जांच की तो चालक की पहचान विनय सिंह निवासी मेरठ, उत्तर प्रदेश के रूप में हुई। पूछताछ के दौरान युवक ने बताया कि उसके पिता उत्तर प्रदेश पुलिस में उपनिरीक्षक हैं। युवक ने स्वीकार किया कि वह टोल टैक्स, पार्किंग और अन्य स्थानों पर पुलिसकर्मी होने का प्रभाव दिखाने के लिए अपने साथ पुलिस वर्दी और पी—कैप लेकर चलता था। जांच में युवक शराब के नशे में वाहन चलाता हुआ पाया गया। कार में उसके तीन अन्य साथी भी मौजूद थे। युवक ने पुलिस से माफी मांगी, लेकिन पुलिस ने नियमों के उल्लंघन और ड्रिंक एंड ड्राइव मामले में कार्रवाई करते हुए वाहन सीज कर दिया है।
May 11, 2026सेना के सहास के कारण दुश्मन भारत की ओर आंख उठाने की हिम्मत नहीं कर सकताःधामी देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि सेना के साहस, समर्पण और त्याग के कारण दुश्मन कभी भी भारत की ओर आँख उठाने की हिम्मत नहीं कर सकता।आज यहां मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दून सैनिक इंस्टीट्यूट, गढ़ी कैंट, देहरादून में ऑपरेशन सिंदूर—शौर्य, सम्मान और वीरता का एक वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व एवं सेना के शौर्य के कारण आतंकवाद के विरुद्ध ऑपरेशन सिंदूर को सफलतापूर्वक अंजाम दिया गया। मुख्यमंत्री ने सेना के साहस और शौर्य के प्रति अपनी कृतज्ञता व्यक्त करते हुए कहा कि सेना के साहस, समर्पण और त्याग के कारण दुश्मन कभी भी भारत की ओर आँख उठाने की हिम्मत नहीं कर सकता। मुख्यमंत्री ने कहा ऑपरेशन सिंदूर, आने वाली पीढ़ियों को भी प्रेरणा देता रहेगा। उन्होंने कहा जब पूरा देश सो रहा था, तब सेनाओं ने 22 मिनट में पाकिस्तान में चल रहे आतंकी ठिकानों को निशाना बनाते हुए ध्वस्त कर दिया। मुख्यमंत्री ने कहा देश की अत्याधुनिक वायु सुरक्षा प्रणाली ने भारत की ओर होने वाले हमलों को नाकाम कर दिया और एक भी मिसाइल भारतीय जमीन पर नहीं गिरने दी। भारतीय सेनाओं ने चार दिनों के भीतर अपने पराक्रम से पाकिस्तान को युद्धविराम के लिए भारत के सामने झुका दिया। मुख्यमंत्री ने कहा उत्तराखंड के प्रत्येक परिवार से कोई न कोई सदस्य सेना में होता है, इसलिए हमारा सेना और सैनिकों के साथ भावनात्मक लगाव है। मुख्यमंत्री ने कहा यह नया भारत है, जो दुश्मनों की हर नापाक हरकत का मुंहतोड़ जवाब देता है। उन्होंने कहा प्रधानमंत्री के नेतृत्व में सैनिकों के हितों में भी कई महत्वपूर्ण फैसले लिए जा रहे हैं। वन रैंक वन पेंशन योजना, नेशनल वॉर मेमोरियल का निर्माण, रक्षा बजट में वृद्धि, बॉर्डर पर इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत बनाने जैसे कई कार्य किए गए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा राज्य सरकार ने शहीदों के परिजनों को दी जाने वाली अनुग्रह राशि में पाँच गुना तक की वृद्धि की है। पूर्व सैनिकों को विभिन्न सुविधाएँ उपलब्ध कराई जा रही है। सेना में परमवीर चक्र से लेकर मेंशन इन डिस्पैच तक सभी वीरता पुरस्कारों से अलंकृत सैनिकों को दी जाने वाली एकमुश्त एवं वार्षिक सम्मान राशि में बढ़ोतरी की गई है। सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि ऑपरेशन सिन्दूर केवल एक सैन्य अभियान का नाम नहीं है, बल्कि यह भारत की उस अटल प्रतिज्ञा का प्रतीक है कि हमारी माताओं—बहनों के सम्मान, राष्ट्र की संप्रभुता और नागरिकों की सुरक्षा के साथ कोई भी खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सैनिक कल्याण मंत्री ने कहा कि सिन्दूर भारतीय संस्कृति में नारी सम्मान, सौभाग्य और शक्ति का प्रतीक है। इस अवसर पर सचिव सैनिक कल्याण युगल किशोर पंत, सेवानिवृत्त सैन्य अधिकारी मेजर जनरल शमी सभरवाल, मेजर जनरल डी अग्निहोत्री, मेजर जनरल पीएस राणा, उपनल के एमडी ब्रिगेडियर जेएनएस बिष्ट, ब्रिगेडियर केजी बहल, सैनिक कल्याण निदेशक श्याम सिंह, मेजर जनरल गुलाब सिंह रावत, वाइस एडमिरल अनुराग थपलियाल एवं अन्य लोग मौजूद रहे।
May 11, 2026खाली आंगन, सूने खेत और लौटते कदमों का इंतजार करता पहाड़ पहाड़ के गांवों से शहरों की ओर बहता जीवन, पीछे छूट गया घर-आंगन देहरादून। पहाड़ की सुबह आज भी उतनी ही खूबसूरत है। सूरज की पहली किरण जब सीढ़ीनुमा खेतों पर पड़ती है, तो लगता है मानो प्रकृति ने सोने की चादर बिछा दी हो। लेकिन आज इस चमक के पीछे एक गहरा सन्नाटा छिपा हैकृवीरान पगडंडियों का सन्नाटा, बंजर खेतों का सन्नाटा और खाली होते गांवों का सन्नाटा। समय का पहिया ऐसा घूमा कि जो रास्ते कभी घर की ओर ले जाते थे, आज वही पलायन की गवाही दे रहे हैं।गांव के ऊपर वाले खेतों में अब हल की गूँज सुनाई नहीं देती। वह सीढ़ीदार खेत, जिन्हें पुरखों ने अपने पसीने से सींचकर सोना उगाने लायक बनाया था, आज बंजर पड़े हैं। वहां अब मंडुवा और झंगोरा नहीं, बल्कि जंगली घास उग आई है। पहाड़ के बंजर खेत सिर्फ खेती का संकट नहीं हैं, वह टूटते रिश्तों की कहानी भी हैं। जब गांव से युवा गए, तो खेत भी अकेले पड़ गए। पहले जिन खेतों में त्योहारों के गीत गूंजते थे, वहां अब बंदरों और जंगली सूअरों का आतंक है। मेहनत से बोई फसल रातों-रात उजड़ जाती है। धीरे-धीरे लोगों ने खेती छोड़ दी। शाम ढलते ही गांव का सन्नाटा और भारी हो जाता है। बंद घरों पर लगे ताले हवा में हिलते हैं। आंगन सूने हैं, चूल्हों का धुआं गायब है। गांव की बूढ़ी आंखें हर मोड़ पर किसी अपने के लौटने की राह देखती हैं।पहाड़ के गांवों की वीरान पगडंडियां सिर्फ रास्ते नहीं हैं, बल्कि उन अधूरे सपनों की गवाह हैं जो रोजगार, शिक्षा और बेहतर जिंदगी की तलाश में शहरों की ओर निकल गए। बरसों पहले जिन खेतों में गेहूं और मंडुवा लहलहाता था, वहां अब झाड़ियां उग आई हैं। बंदरों और जंगली सूअरों ने खेती की बची उम्मीद भी तोड़ दी।उत्तराखंड के पहाड़ों में आज सबसे बड़ा दर्द सिर्फ पलायन नहीं, बल्कि धीरे-धीरे खत्म होती गांव की आत्मा है। वीरान पगडंडियां और बंजर खेत एक खामोश सवाल बनकर आज खड़े हैं। आज भी हर साल गर्मियों में जब शहरों से कुछ लोग अपने गांव लौटते हैं, तो पगडंडियां फिर थोड़ी देर के लिए मुस्कुराती हैं। बच्चों के कदम पड़ते हैं, घरों के आंगन खुलते हैं और बूढ़ी आंखों में चमक लौट आती है। गांव जैसे फिर से जी उठता हैकृकुछ दिनों के लिए ही सही।
May 11, 2026हरिद्वार। कोतवाली श्यामपुर क्षेत्र अंतर्गत चंडी देवी मंदिर रोपवे के पास पैदल मार्ग से लगे जंगल में एक अज्ञात महिला का शव मिलने से क्षेत्र में सनसनी फैल गई। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर शिनाख्त और पोस्टमार्टम की कार्रवाई शुरू कर दी है।जानकारी के अनुसार बीते रोज चौकी चंडीघाट, कोतवाली श्यामपुर पुलिस को वन विभाग के कर्मचारियों द्वारा सूचना दी गई कि चंडी देवी मंदिर जाने वाले पैदल मार्ग के समीप जंगल में एक महिला का शव पड़ा हुआ है। सूचना पर कार्यवाही करते हुए पुलिस मौके पर पहुंची। मौके पर पहुंचने पर पुलिस को लगभग 30 से 35 वर्ष आयु की एक अज्ञात महिला का शव मिला, जो प्रथम दृष्टया करीब 3 से 4 दिन पुराना प्रतीत हो रहा था। शव की स्थिति खराब होने के कारण मृतका का चेहरा स्पष्ट रूप से पहचान में नहीं आ रहा था। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के निर्देशन में घटनास्थल का निरीक्षण किया गया तथा फील्ड यूनिट टीम द्वारा आवश्यक साक्ष्य एकत्र किए गए। पुलिस ने आसपास के क्षेत्र में मृतका की पहचान कराने का प्रयास किया, लेकिन सफलता नहीं मिल सकी। इसके बाद शव को शिनाख्त, पंचायतनामा एवं पोस्टमार्टम की कार्रवाई हेतु राजकीय जिला चिकित्सालय हरिद्वार की मोर्चरी में रखवाया गया है।पुलिस के अनुसार मृतका की लंबाई लगभग 5 फुट, रंग गेहूंआ है। मृतका के शरीर पर कई टैटू बने हुए हैं, जिनके आधार पर पहचान कराने का प्रयास किया जा रहा है।