शिमला । हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला के संजौली में स्थित मस्जिद का विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। कुछ हिंदू संगठनों के सदस्य बुधवार को शिमला के ढली क्षेत्र में एकत्र होकर संजौली क्षेत्र में एक मस्जिद के कथित अवैध निर्माण के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। हाथों में तिरंगा लिए प्रदर्शनकारी “हिमाचल ने ठाना है, देवभूमि को बचाना है”, “भारत माता की जय” जैसे नारे लगा रहे थे। इस दौरान प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए पुलिस ने जो बैरिकेड्स लगाए थे उन्हें भी हिंदू संगठन के कार्यकर्ताओं ने तोड़ दिये हैं और मस्जिद की तरफ बढ़ने की कोशिश की। बता दें कि शिमला के संजौली क्षेत्र में मस्जिद विवाद के चलते जिला प्रशासन ने धारा 163 लागू की है।
हिमाचल प्रदेश विधानसभा में विपक्ष के नेता जयराम ठाकुर ने सुखू सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि राज्य सरकार कथित अवैध निर्माण के खिलाफ कार्रवाई में देरी कर रही है। हिमाचल प्रदेश एक शांतिपूर्ण राज्य है। यहां शायद ही कभी कोई सामुदायिक संघर्ष हुआ हो। लेकिन, अब जो स्थिति सामने आई है, सरकार को इसके खिलाफ सक्रिय कदम उठाने चाहिए थे, और देरी के कारण लोग आक्रोशित हैं। हिंदुओं और स्थानीय लोगों की भावनाओं का सम्मान किया जाना चाहिए। जयराम ठाकुर ने कहा, मेरा सरकार से आग्रह है कि अगर यह अवैध निर्माण है, तो इस समस्या का जल्द समाधान किया जाना चाहिए।
वहीं हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार नरेश चौहान ने कहा कि जितने लोग इकट्ठा हुए हैं, मैं उन्हें व्यक्तिगत रूप से जानता हूं। ये 20-25 लोग भाजपा के कार्यकर्ता हैं और भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ चुके हैं भाजपा इसे राष्ट्रीय मुद्दा बनाना चाहती है, लेकिन हकीकत यह है कि यह हिंदू-मुस्लिम का मुद्दा नहीं है। यह कानून-व्यवस्था की समस्या है और कानून अपना काम करेगा।



