हरिद्वार। बाघ शिकार के मामले में फरार चल रहे मुख्य आरोपी आमिर हमजा उर्फ मियां ने वन विभाग को चकमा देकर कोर्ट में सरेंडर कर दिया है। आज सुबह करीब साढ़े दस बजे आरोपी आमिर हमजा कोर्ट में सरेंडर करने मे कामयाब हो गया। हालांकि, वन विभाग की टीम ने उसे वकील के चैंबर में पकड़ने का प्रयास किया लेकिन वकीलों ने उन्हेे रोक दिया। अब वन विभाग के अधिकारी आमिर हमजा को रिमांड लेने की तैयारी में है।
विदित हो कि हरिद्वार वन विभाग की श्यामपुर रेंज स्थित सजनपुर बीट में दो बाघों को जहरीला पदार्थ देकर मारा गया था और जंगल से उनके शव बरामद हुए थे। इस मामले में वन विभाग की टीम ने पूर्व में आलम उर्फ फम्मी पुत्र शमशेर, आशिक पुत्र गामा, जुप्पी पुत्र अल्लू और यूसुफ पुत्र कालू को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। हालांंकि इस मामले मेें मुख्य आरोपी आमिर हमजा उर्फ मियां वन विभाग की पकड़ से फरार होने में कामयाब रहा। जिसके लिए वन विभाग की टीम लगातार छापेमारी कर रही थी। अपनी गिरफ्तारी के डर से हमजा ने अपने वकील सज्जाद अहमद के जरिए सीजेएम कोर्ट में सरेंडर की अर्जी दाखिल की थी। पिछले तीन दिन से वन विभाग की टीम उसकी घेराबंदी में जुटी थी। कोर्ट परिसर में सादे कपड़ों में वनकर्मी तैनात थे। आज न्यायालय में आमिर हमजा पहुंचा और वकील के चैंबर में बैठ गया। इस दौरान वनकर्मियों को उसकी भनक लग गई। वनकर्मियों ने उसे गिरफ्तार करना चाहा लेकिन वकीलों ने ऐसा होने नहीं दिया। जिसके बाद हमजा ने न्यायालय में सरेंडर कर दिया है। वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार आमिर हमजा ही बाघ के शिकार मामले का मुख्य आरोपी है। जिसने मृत भ्ौंस पर जहर छिड़कने की योजना बनाई थी। बाघों की मौत के बाद उसी ने ही उनके पैर काटे थे। आमिर के पास इस मामले के कई राज हैं, जो उसकी गिरफ्तारी के बाद खुल सकते थे। क्योंकि अभी तक पैर और धारदार हथियार भी बरामद नहीं हुआ है। फिलहाल वन विभाग आमिर हमजा को रिमांड पर लेने की तैयारी कर रहा है। डीएफओ स्वप्निल अनिरुद्ध ने बताया कि, वन विभाग की टीमें आमिर हमजा उर्फ मियां की गिरफ्तारी के लिए दबिश दे रहीं थी। आज उसने रोशनाबाद स्थित कोर्ट में सरेंडर कर दिया है। जिसे रिमांड पर लेने की तैयारी की जा रही है।




