April 22, 2026विकास कार्यों की गुणवत्ता और समयसीमा पर सख्त निर्देशदेहरादून । मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बद्रीनाथ धाम पहुंचकर ग्राउंड जीरो पर उतरते हुए मास्टर प्लान के अंतर्गत संचालित विभिन्न विकास कार्यों का व्यापक एवं गहन स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने निर्माण कार्यों की प्रगति, गुणवत्ता, समयबद्धता तथा व्यवस्थाओं की वास्तविक स्थिति का बारीकी से जायजा लिया। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों के साथ विभिन्न स्थलों का भ्रमण करते हुए मौके पर ही आवश्यक दिशा-निर्देश दिए और कार्यों की वर्तमान स्थिति पर संतोष व्यक्त करने के साथ-साथ उन्हें और अधिक प्रभावी एवं तीव्र गति से आगे बढ़ाने पर जोर दिया।मुख्यमंत्री ने स्पष्ट रूप से निर्देशित किया कि बद्रीनाथ धाम से जुड़े सभी विकास कार्य जिलाधिकारी की प्रत्यक्ष निगरानी में तय समयसीमा के भीतर उच्च गुणवत्ता के साथ पूर्ण किए जाएं। उन्होंने कहा कि यह परियोजना केवल एक निर्माण कार्य नहीं, बल्कि आस्था, श्रद्धा और उत्तराखंड की सांस्कृतिक पहचान से जुड़ा एक अत्यंत महत्वपूर्ण अभियान है, इसलिए इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही या गुणवत्ता में कमी स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रत्येक कार्य की नियमित मॉनिटरिंग की जाए तथा कार्यों की प्रगति की समीक्षा समय-समय पर की जाए, ताकि किसी भी प्रकार की देरी या बाधा को तुरंत दूर किया जा सके।निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने बीआरओ बाईपास रोड, लूप रोड, लेक, आईएसबीटी, सिविक एमिनिटी भवन, टीआईसीसी एवं अराइवल प्लाजा जैसे पूर्ण हो चुके महत्वपूर्ण कार्यों का भी जायजा लिया। उन्होंने इन परियोजनाओं के शीघ्र हस्तांतरण हेतु अग्रिम कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश देते हुए कहा कि इन सुविधाओं का लाभ तीर्थयात्रियों और स्थानीय लोगों को जल्द से जल्द मिलना चाहिए। मुख्यमंत्री ने यह भी निर्देश दिए कि हस्तांतरण की प्रक्रिया को सरल, पारदर्शी और समयबद्ध बनाया जाए, ताकि किसी प्रकार की प्रशासनिक देरी न हो।मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों से इन सभी परियोजनाओं के संचालन एवं रखरखाव की ठोस कार्ययोजना तैयार करने को कहा, जिससे दीर्घकालिक रूप से इन परिसंपत्तियों की गुणवत्ता और उपयोगिता बनी रहे। उन्होंने कहा कि बद्रीनाथ धाम में किए जा रहे विकास कार्यों का उद्देश्य केवल आधारभूत ढांचे का निर्माण नहीं, बल्कि श्रद्धालुओं को एक सुव्यवस्थित, सुरक्षित और आधुनिक सुविधाओं से युक्त तीर्थ अनुभव प्रदान करना है।इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से यह भी जोर दिया कि सभी कार्यों में पर्यावरणीय संतुलन और स्थानीय पारिस्थितिकी का संरक्षण प्राथमिकता में रखा जाए। उन्होंने निर्माण एजेंसियों को निर्देशित किया कि कार्य करते समय स्वच्छता, हरित मानकों और सतत विकास के सिद्धांतों का पालन सुनिश्चित किया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि बद्रीनाथ धाम की पवित्रता और प्राकृतिक सौंदर्य को अक्षुण्ण रखते हुए विकास कार्यों को आगे बढ़ाना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि सभी संबंधित विभागों के समन्वित प्रयासों और सतत निगरानी से बद्रीनाथ धाम मास्टर प्लान के अंतर्गत संचालित कार्य समय पर पूर्ण होंगे और आने वाले समय में यह धाम देश-विदेश के श्रद्धालुओं के लिए एक आदर्श, भव्य और सुविधासंपन्न तीर्थस्थल के रूप में स्थापित होगा।
April 22, 2026देहरादून। मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को भारत के प्रथम सीमांत गांव माणा पहुंचकर क्षेत्र का भ्रमण किया तथा वहां आए श्रद्धालुओं एवं स्थानीय जनता से आत्मीय संवाद किया। इस अवसर पर उन्होंने चारधाम यात्रा को सुरक्षित, सुखद एवं प्लास्टिक मुक्त हरित यात्रा बनाने की अपील करते हुए सभी से पर्यावरण संरक्षण में सहयोग देने का आग्रह किया। मुख्यमंत्री के आगमन पर माणा गांव की महिलाओं ने पारंपरिक मांगलगीत गाकर एवं स्थानीय उत्पाद भेंट कर उनका भव्य स्वागत किया। मुख्यमंत्री ने इस आत्मीय स्वागत के लिए ग्रामीण महिलाओं का आभार व्यक्त किया और उनकी परंपराओं एवं संस्कृति की सराहना की।इस दौरान मुख्यमंत्री ने गांव की शत-प्रतिशत “लखपति दीदियों” से मुलाकात कर उनके कार्यों की सराहना की। उन्होंने महिलाओं द्वारा तैयार किए जा रहे स्थानीय उत्पादों को गुणवत्तापूर्ण बताते हुए कहा कि ये उत्पाद न केवल स्थानीय आजीविका को सशक्त कर रहे हैं, बल्कि उत्तराखंड की पहचान को भी मजबूत कर रहे हैं। उन्होंने चारधाम यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं से अपील की कि वे स्थानीय उत्पादों की खरीद कर क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान करें। मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत के यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में सीमांत गांवों के विकास को नई दिशा मिली है और जो गांव पहले “अंतिम गांव” कहे जाते थे, उन्हें अब “प्रथम गांव” की संज्ञा देकर उनके समग्र विकास पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।उन्होंने आगे कहा कि वाइब्रेंट विलेज योजना के तहत उत्तराखंड के सीमांत गांवों में आधारभूत सुविधाओं का तेजी से विस्तार किया जा रहा है, जिससे इन क्षेत्रों में रोजगार, पर्यटन और आजीविका के नए अवसर सृजित हो रहे हैं। माणा गांव सहित अन्य सीमांत क्षेत्रों में हो रहे विकास कार्य प्रदेश के संतुलित और समावेशी विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं। मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि राज्य सरकार के निरंतर प्रयासों और केंद्र सरकार के सहयोग से सीमांत गांव विकास की नई ऊंचाइयों को प्राप्त करेंगे और आत्मनिर्भर उत्तराखंड के निर्माण में अहम भूमिका निभाएंगे।ग्राम पंचायत माणा, विकासखण्ड ज्योतिर्मठ, जनपद चमोली, आज स्वयं सहायता समूहों और “लखपति दीदी” पहल के माध्यम से एक आदर्श मॉडल के रूप में उभर कर सामने आया है। यहां कुल 12 स्वयं सहायता समूह सक्रिय हैं, जिनसे 82 महिलाएं जुड़ी हुई हैं। ग्राम में एक ग्राम संगठन “घुंघटी महिला ग्राम संगठन” तथा एक क्लस्टर स्तरीय संगठन “योगबंदी क्लस्टर स्तरीय संगठन” कार्यरत है और विशेष बात यह है कि यहां सभी 82 महिलाएं “लखपति दीदी” के रूप में स्थापित हो चुकी हैं, जिससे माणा उत्तराखंड का प्रथम शत-प्रतिशत लखपति दीदी गांव बन गया है।ग्राम की महिलाएं स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से पारंपरिक एवं गैर-कृषि कार्यों को बढ़ावा देते हुए आजीविका संवर्धन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। वे ऊनी वस्त्र, हैंडलूम, हैंडीक्राफ्ट उत्पाद, फर्नीचर, टोकरी निर्माण, दाल, कालीन, पापड़, मसाले तथा भोजनालय संचालन जैसे विविध कार्यों में संलग्न हैं और इन उत्पादों का विपणन कर अपनी आय में निरंतर वृद्धि कर रही हैं। इसके अतिरिक्त कृषि, पशुपालन, डेयरी, होमस्टे, मत्स्य पालन, मुर्गी पालन, मशरूम उत्पादन, खाद्य प्रसंस्करण तथा लघु एवं कुटीर उद्योगों के माध्यम से भी महिलाएं स्वरोजगार के अवसर विकसित कर रही हैं। स्थानीय उत्पादों को सरस मॉल एवं विभिन्न स्टॉलों के माध्यम से बाजार उपलब्ध कराया जा रहा है, जिससे महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनने में सहायता मिल रही है और वे “लखपति दीदी” योजना से लाभान्वित हो रही हैं।माणा गांव आज महिला सशक्तिकरण, आत्मनिर्भरता और सीमांत क्षेत्र के समग्र विकास का एक उत्कृष्ट उदाहरण बनकर उभरा है, जहां सरकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और स्थानीय महिलाओं के परिश्रम ने विकास की एक नई मिसाल प्रस्तुत की है।
April 22, 2026देहरादून। शहर के प्रमुख व्यवसायियों और विभिन्न क्षेत्रों के प्रतिनिधियों ने कानून—व्यवस्था की स्थिति पर गंभीर चिंता जताई है। ‘स्थानीय व्यवसाय और कानून—प्रवर्तन—देहरादून परिप्रेक्ष्य’ विषय पर आयोजित एक महत्वपूर्ण बैठक में सभी ने एक स्वर में कहा कि अब समय आ गया है कि स्पष्ट नीतियों और ठोस कदमों के साथ सुधार किये जाए।बैठक का आयोजन सामाजिक कार्यकर्ता अनूप नौटियाल और रेस्टोरेंट व्यवसायी आनंद कांती द्वारा किया गया। बैठक में होटल, रेस्टोरेंट, शिक्षा, परिवहन, रिटेल और अन्य क्षेत्रों से जुड़े प्रतिनिधियों ने भाग लिया, जिनमें प्रमुख रूप से अनूपमा जोशी, एला गर्ग, कुनाल शमशेर मल्ला, रणधीर अरोड़ा, नवनीत ओबेरॉय, रसिक भाटिया, अविनाश तिवारी, माधव डालवी और हेमंत कूरिच शामिल रहे। बैठक में चर्चा के दौरान यह स्पष्ट हुआ कि कानूनों का पालन एक समान तरीके से नहीं हो रहा, साथ ही प्रशासन और व्यापारियों के बीच भी संवाद की कमी है, कई नियम अस्पष्ट हैं, जिससे भ्रम पैदा होता है। इसका असर व्यापार और आम नागरिकों की सुरक्षा दोनों पर पड़ रहा है। बैठक में व्यवसाईयों ने प्रशासन को सुझाव दिये कि रेस्टोरेंट के सर्विंग टाइम पर स्पष्टता होनी चाहिए। यदि अंतिम ऑर्डर का समय रात 11 बजे है, तो ग्राहकों को कम से कम 30—45 मिनट का अतिरिक्त समय दिया जाए, ताकि वे आराम से भोजन कर सकें। इससे अनावश्यक विवाद कम होंगे। जबकि पुलिस—व्यापारी समन्वय के लिए व्हाट्सएप ग्रुप बनाये जाने चाहिए। हर थाना स्तर पर एक आधिकारिक व्हाट्सएप ग्रुप बनाया जाए, जिसमें रोजाना बार/रेस्टोरेंट बंद होने के बाद क्लोजिंग स्टेटस के साथ फोटो या वीडियो साझा किए जाएं। इससे पारदर्शिता और भरोसा बढ़ेगा। उन्होने यह भी सुझाव दिया कि लाइसेंसिंग में लोकल डोमिसाइल को प्राथमिकता दी जाए। गोवा मॉडल की तरह, बार/लाइसेंस केवल उत्तराखंड के मूल निवासियों (डोमिसाइल होल्डर्स) को दिए जाएँ। इससे स्थानीय लोगों की जवाबदेही बढ़ेगी। बाहरी तत्वों द्वारा नियमों के उल्लंघन (लेट नाइट, अवैध गतिविधियाँ) पर नियंत्रण होगा। बैठक में इस बात पर भी चर्चा हुई कि सड़क दुर्घटनाओं को केवल लेट नाइट बार से जोड़ना सही नहीं है। ट्रैफिक नियम, ड्राइविंग व्यवहार और सार्वजनिक अनुशासनहीनतों पर एक साथ काम करने की आवश्यकता है। उन्होने चंडीगढ़ का उदाहरण देते हुए कहा गया कि वहां देर रात तक गतिविधियां होने के बावजूद सख्त कानून—प्रवर्तन और जिम्मेदार नागरिक व्यवहार के कारण बेहतर व्यवस्था बनी रहती है। बैठके दौरान इस बात पर भी चर्चा हुई कि सामाजिक सुरक्षा हेतू. स्कूल स्तर से सुधार की शुरुआत प्रशासन को करनी चाहिए। छात्रों के बीच बिना लाइसेंस वाहन चलाने और बिना हेलमेट स्कूल आने जैसी समस्याओं पर चिंता जताई गई। सुझाव दिया गया कि स्कूलों में सख्त नियम लागू हों और अभिभावकों की जिम्मेदारी तय की जाए। बैठक में अन्य महत्वपूर्ण बिन्दुओं पर भी चर्चा की गयी। जिनमें पीजी और हॉस्टलों में रहने वाले छात्रों का सत्यापन अनिवार्य किया जाए, युवाओं में बढ़ती आक्रामकता और नशे की प्रवृत्ति पर नियंत्रण के लिए जागरूकता और सख्ती दोनों जरूरी हैं बैठक में सभी प्रतिभागियों ने इस बात पर जोर दिया कि शहर में बेहतर कानून—व्यवस्था के लिए केवल बार या रेस्टोरेंट को जिम्मेदार ठहराना पर्याप्त नहीं है। प्रशासन, पुलिस, श्ौक्षणिक संस्थान, व्यापारी और आम नागरिकख्नसभी के संयुक्त प्रयास और स्पष्ट नीतियां ही देहरादून में सुरक्षित, व्यवस्थित और भरोसेमंद वातावरण सुनिश्चित कर सकती हैं।
April 22, 2026हरिद्वार। साधु की डंडे—पत्थर से हत्या करने वाले आरोपी को पुलिस ने मात्र 12 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर लिया है। हत्या की यह वारदात रात को सोने की जगह को लेकर अंजाम दी गयी थी। मृतक साधु अज्ञात है जिसकी शिनाख्त के प्रयास किये जा रहे है।जानकारी के अनुसार कल एक व्यक्ति द्वारा चौकी रोडीबेलवाला में सूचना दी गयी कि दीनदयाल पार्किंग के अण्डर पास के ऊपर दोनो हाईवे के बीच पीपल पेड के पास एक बाबा काफी समय से निवास करता है। रात उसके साथ एक नेपाली मूल के व्यक्ति ने मारपीट के दौरान डन्डे व पत्थर से गम्भीर चोट मार रखी है। सूचना पर चौकी पुलिस तुरंत घटनास्थल पर पहुंची तो मोके पर एक बाबा नाम पता अज्ञात पुरुष उम्र करीब 40—45 वर्ष के सिर व माथे पर काफी गम्भीर चोट लगी थी। घायल व्यक्ति को प्राथमिक उपचार हेतु जिला अस्पताल हरिद्वार ले जाया गया जहाँ पर डॉक्टर द्वारा उसे मृत घोषित किया गया। घटना के खुलासे के लिए गठित पुलिस टीमों द्वारा डिजिटल एवं मैनुअल पुलिसिंग की मदद से घटना से जुड़े तथ्य जुटाए तथा सूचनाकर्ता द्वारा बताये गये हुलिये के अनुसार हत्यारोपी की तलाश के लिए संभावित स्थलों पर तलाशी अभियान शुरु किया। पूछताछ में श्रद्धालुओ एवं यात्रियो ने बताया कि हुलिया से मिलता जुलता व्यक्ति थोडी देर पहले गंगा सभा की अस्थायी पार्किंग की तरफ जाते हुये देखा है। सूचना पर कार्यवाही करते हुए पुलिस ने तत्काल मौके पर पहुंच कर देखा तो वहंा पार्किंग के अन्दर एक पेड के नीचे एक व्यक्ति सोता हुआ दिखाया दिया। उठाने पर उक्त व्यक्ति पुलिस को देखकर सकपका गया और रोते हुए माफी मांगने लगा। व्यक्ति ने अपना नाम दीपक थापा बताते हुए जानकारी दी कि वह कुछ दिन पहले चण्डीगढ से हरिद्वार आया था और रहने का कोई ठिकाना न होने पर पार्किंग में ही सो रहा था। कुछ दिन पहले सोने को लेकर हुए विवाद में चोट लगने पर वह बदला लेने की सोचने लगा। बीती रात वह कनखल में एक शादी का काम करने के लिये गया था जहां नशा करने के बाद वह सोने के लिये पुल के नीचे सडक पर आया जहां मारपीट करने वाले व्यक्ति ने फिर गाली—गलौच शुरु कर दी। गुस्से में दीपक ने पहले बांस के डण्डे से और फिर जब डंडा टूट गया तो पास पडे एक पत्थर से उसके मुंह पर मारकर उसे मौत के घाट उतार दिया। बहरहाल पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया जहंा से उसे जेल भेज दिया गया है।
April 22, 2026एक युवक घायल, हायर सेंटर रैफर हरिद्वार। रानीपुर क्षेत्र में बीती देर उस समय अफरा—तफरी मच गये जब रंजिश के चलते दो गुटों में खूनी टकराव हो गया। घटना में एक युवक के हाथ में गोली लगी है। जिसे हायर सेंटर रैफर कर दिया गया है। वहीं सूचना मिलने पर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।यह घटना रानीपुर क्षेत्र के फांउड्रीं गेट के पास की है। यहंा बीती रात दो गुटों के बीच चली आ रही रंजिश खूनी टकराव में बदल गई। दोनों पक्षों के आमने—सामने आते ही एक गुट ने दूसरे पर फायरिंग कर दी, जिससे पूरे इलाके में अफरा—तफरी और दहशत का माहौल बन गया। घटना में ज्वालापुर के पीठ बाजार निवासी वासु के हाथ में गोली लग गई, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। घायल युवक को अस्पताल पहुंचाया, जहां से उसकी हालत नाजुक देखते हुए हायर सेंटर रेफर कर दिया गया। घटना में शामिल कुछ युवक पिल्ला गैंग से जुड़े बताए जा रहे है।जानकारी के अनुसार पीठ बाजार और कस्साबान क्षेत्र के युवकों के बीच करीब एक सप्ताह पहले हुए झगड़े के बाद से ही दोनों पक्षों में तनाव बना हुआ था। बीती रात करीब 11 बजे फाउंड्री गेट के पास स्थित बागगोवाली क्षेत्र में दोनों गुटों का आमना—सामना हो गया, जिसके बाद विवाद अचानक हिंसक हो उठा और गोलियां चल गईं। जिसमे वासु पुत्र सुरेंद्र निवासी पीठ बाजार ज्वालापुर घायल हो गया। जिसे अस्पताल में भर्ती कराया गया। सूचना मिलते ही रानीपुर पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची और एक आरोपी युवक को हिरासत में ले लिया, जबकि अन्य हमलावर अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गए। एसएसपी नवनीत सिंह के निर्देश पर फरार आरोपियों की तलाश के लिए पुलिस टीमों का गठन कर दिया गया है। वहीं, कोतवाली प्रभारी मनोहर भंडारी ने बताया कि एक आरोपी को हिरासत में लिया गया है। घटना में करीब पांच आरोपी शामिल थे। जिनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है।
April 22, 2026बद्रीनाथ धाम में गूंजे ट्टजय बदरी विशाल’ के जयकारे चमोली। शीतकालीन प्रवास के उपरांत आज भगवान बदरी विशाल के प्रतिनिधि स्वरूप उद्धव जी एवं देवताओं के खजांची कुबेर जी की पवित्र उत्सव डोलियाँ योगध्यान बदरी मंदिर, पांडुकेश्वर से सकुशल श्री बदरी नाथ धाम पहुँच गईं। इस दिव्य आगमन के साथ ही धाम में कपाट खुलने की तैयारियों को और गति मिल गई है तथा सम्पूर्ण क्षेत्र भक्तिमय माहौल में सराबोर हो उठा।आज प्रातःकाल योगध्यान बदरी मंदिर, पांडुकेश्वर में पारंपरिक पूजा—अर्चना, वैदिक मंत्रोच्चार एवं धार्मिक अनुष्ठानों के पश्चात इस पावन यात्रा का शुभारंभ हुआ। यात्रा में भगवान बदरी विशाल की उत्सव डोली, आदि गुरु शंकराचार्य जी की गद्दी, पवित्र गाडू घड़ा (तिल तेल कलश), रावल जी (मुख्य पुजारी) सहित भगवान के सखा उद्धव जी एवं खजांची कुबेर जी की डोलियाँ भव्यता के साथ बदरी नाथ धाम की ओर रवाना हुईं।पूरे यात्रा मार्ग में अद्भुत आध्यात्मिक वातावरण देखने को मिला। भारतीय सेना के बैंड की मधुर एवं भक्तिपूर्ण धुनों, “जय बदरी विशाल” के गगनभेदी जयकारों और श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के बीच यह पवित्र काफिला आगे बढ़ता रहा। मार्ग में पड़ने वाले प्रमुख पड़ावों विष्णुप्रयाग, लामबगड़ एवं हनुमानचटृी पर स्थानीय लोगों एवं श्रद्धालुओं द्वारा डोलियों का पारंपरिक स्वागत किया गया तथा पूजा—अर्चना कर आशीर्वाद प्राप्त किया गया। यात्रा की सुरक्षा व्यवस्था के दृष्टिगत पुलिस द्वारा पूरे मार्ग पर चाक—चौबंद प्रबंध किए गए थे, जिससे यह संपूर्ण यात्रा शांतिपूर्ण एवं व्यवस्थित ढंग से संपन्न हो सकी।धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, जब शीतकाल में श्री बदरीनाथ धाम के कपाट बंद हो जाते हैं, तब भगवान विष्णु के प्रतिनिधि उद्धव जी एवं कुबेर जी योगध्यान बद्री, पांडुकेश्वर में विराजमान रहते हैं। चारधाम यात्रा के पुनः आरंभ से पूर्व इन दिव्य स्वरूपों का बदरी नाथ धाम लौटना एक अत्यंत महत्वपूर्ण परंपरा है, जो यह दर्शाता है कि भगवान की दिव्य सत्ता और व्यवस्था निरंतर बनी रहती है। उद्धव जी एवं कुबेर जी की इस पावन वापसी के साथ ही अब श्री बदरी नाथ धाम के कपाट खुलने की उल्टी गिनती शुरू हो गई है, जिसका देश—विदेश के लाखों श्रद्धालु बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।