उत्तराखंड के 160 छात्र यूक्रेन से घर लौटे

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50 से अधिक अभी भी यूक्रेन में फंसे हैं
50 से अधिक यूक्रेन के सीमावर्ती देशों में पहुंचे
सीएम धामी ने वापस लौटे छात्रों से की बात

नई दिल्ली/देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज यूक्रेन से वापस लौटे कुछ उत्तराखंड के छात्रों से दिल्ली स्थित उत्तराखंड सदन में मुलाकात की और उनका हालचाल पूछा। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि उत्तराखंड के 207 छात्रों में से 160 छात्र वापस आ चुके हैं तथा चार अन्य छात्र रास्ते में हैं जो आज देर शाम तक दिल्ली पहुंच जाएंगे।
मुख्यमंत्री ने पीएम मोदी द्वारा चलाए जा रहे अभियान गंगा की तारीफ करते हुए कहा कि हम सभी छात्रों की सकुशल वापसी के लिए प्रयासरत है। उन्होंने बताया कि राज्य के कुल 287 छात्र—छात्राओं के यूक्रेन में होने की जानकारी मिली थी जिनमें से आज शाम तक 164 छात्र वापस पहुंच जाएंगे साथ ही उन्होंने कहा कि कुछ छात्र जिनकी संख्या 23 के आस पास है यूक्रेन के सीमावर्ती देशों में पहुंच चुके हैं। जो जल्द वापस आ जाएंगे। वही 50 से अधिक ऐसे छात्र बताए जा रहे हैं जो अभी यूक्रेन के युद्ध ग्रस्त क्षेत्रों में फंसे हुए हैं। जिनसे संपर्क कर उनकी सकुशल वापसी के प्रयास किए जा रहे हैं।
सीएम धामी ने बताया कि उनके द्वारा मुंबई व दिल्ली में हवाई अड्डों पर अपने अधिकारी तैनात किए गए हैं जो वापस आने वाले सभी छात्रों से समन्वय में बनाने का काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सभी छात्रों को उनके घर तक पहुंचाने की व्यवस्था की गई है जिसका खर्च सरकार वहन करेगी। राज्य के अभी 100 के आस पास छात्र ऐसे हैं जिनकी वापसी होनी है इनमें से कितने यूक्रेन की सीमा से बाहर निकल चुके हैं और कितने अभी यूक्रेन में फंसे हैं इसका कोई सटीक आंकड़ा या संख्या नहीं है। इस बीच आज रूस द्वारा दो शहरों में सीजफायर की घोषणा कर ग्रीन कॉरिडोर भी बनाया गया है जिससे इन क्षेत्रों में फंसे विदेशी नागरिकों को बाहर जाने का मौका मिल सके। जिन दो शहरों में सीजफायर किया गया है। यह दोनों शहर रूस के सीमावर्ती शहर है। जबकि जिन शहरों में सबसे अधिक भारतीय फंसे हैं उनमें खारकीव और सुमी शहर है जहां भीषण युद्ध चल रहा है। जानकारी के अनुसार खारकीव में एक हजार तथा सुमी में 700 बच्चों के फंसे होने की बात कही जा रही है। जहां हालात इतने खराब हैं कि इन छात्रों को खाना व पानी भी नहीं मिल पा रहा है और भीषण गोलाबारी के कारण इनकी जान का संकट बना हुआ है।

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