Home News Posts उत्तराखंड आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर पार्टियों की रणनीति तय

आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर पार्टियों की रणनीति तय

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  • टिकट बंटवारे का ‘फार्मूला’ फिलहाल फाइनल
  • भाजपा और कांग्रेस के बडे़ नेता स्थानीय नेताओं की खंगाल रहे कुंडली
    पार्टी हाईकमान प्रदेश में जिताउ और टिकाउ प्रत्याशी की कर रही खोज
  • भाजपा संगठन संभावित प्रत्याशियों के ग्राउंड जीरों की ले रही है टोह
  • कांग्रेस के केंद्रीय नेतृत्व का दल भी प्रदेश के दौरों में हो गया है व्यस्त

देहरादून। चुनावी साल में राजनैतिक दलों की तैयारियां दिन-प्रतिदिन तेज हो रही है। राजनैतिक दल अपनी रणनीति तय करने के लिए स्थानीय और हाईकमान स्तर पर बैठकों में तैयारियों को अंतिम रूप देने में लगे है। राजनैतिक विशेषज्ञों की मानें तो पार्टियों के लिए सबसे बड़ी समस्या टिकट बंटवारा होता है। इसके लिए दलों ने अपना फार्मूला तय कर दिया है। कांग्रेस और भाजपा के सूत्रों की माने तो टिकट को लेकर फाइनल गाइडलाइन जारी कर दी गई है।
बता दें कि सूबे में 2027 में विधानसभा चुनाव होने हैं। हालांकि अभी चुनाव आयोग ने इसकी घोषणा तो नहीं की है, लेकिन राजनैतिक दलों ने अभी से अपनी तैयारियों को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है। क्योंकि टिकट बटवारे को लेकर भाजपा और कांग्रेस में घमासान मच जाता है। शायद इसी कारण पार्टियों ने अपना फार्मूला तय कर दिया है। हालांकि चुनाव की घोषणा होते-होते इसमें कई बदलाव देखने को मिलते है, लेकिन राजनैतिक दलों की पहली प्राथमिकता रहती है कि टिकट बंटवारे को लेकर घमासान कम मचे। इसलिए सभी दल पहले से यह तय कर लेते हैं कि किस मापदंड के हिसाब से टिकटों का बंटवारा करना है। सूत्र बताते हैं कि भाजपा और कांग्रेस में अंदरखाने चल रही बैठकों में यह तय हो गया है और इसके लिए भाजपा और कांग्रेस के बडे़ नेताओं को संभावित प्रत्याशियों की कुंडली खंगालने के काम पर लगा दिया गया है।
राजनैतिक सूत्र बताते हैं कि पार्टी हाईकमान मैदान में उन्हीं नेताओं को उतारेगी, जो जिताउ हो और सीट पक्की हो। इसके लिए दल सभी बिंदूओं पर कार्य कर रही है। क्षेत्र में जिस नेता की जितनी पकड़ उतनी उस नेता के जीतने के चांस ज्यादा रहते है। भाजपा की बात करें तो भाजपा की वर्तमान में सरकार है और भाजपा में ही सबसे अधिक टिकट को लेकर घमासान मचने की संभावना है। इसी को देखते हुए भाजपा ने अपनी टीम को सक्रिय कर दिया है। भाजपा की टीम अंदरखाने संभावित प्रत्याशियों की कुंडली खंगालने का कार्य कर रही है। दूसरी ओर कांग्रेस के बडे़ नेताओं की उत्तराखंड दौरे भी इसी कारण लग रहे है। कांग्रेस भी चाहती है कि उनका संभावित प्रत्याशी वह हो जो जीत दर्ज कर सके। इसके लिए कांग्रेस भी हर एंगिल से जांच करने में जुटी है।
ज्ञात हो कि विधानसभा चुनाव के समय टिकट बंटवारों को लेकर दलों में घमासान मचता है। इसको कम करने के लिए दल अभी से तैयारी में लग जाते है। वर्तमान एआई के युग में हालांकि यह सब बहुत सरल हो गया है, लेकिन जमीनी हकीकत के लिए जमीन पर जाना आवश्यक है। इसी रणनीति के तहत दल कार्य कर रहे है। प्रदेश में भाजपा और कांग्रेस के बडे़ नेताओं के दौरों को लेकर राजनैतिक विशेषज्ञ कहते हैं कि दोनों दल अपनी जीत को पक्की करने के लिए सभी हथकंडे अपना रहे हैं। प्रत्याशियों की खोज जमीन पर जाकर ही पूरी हो सकती है। इसके लिए पार्टी जिताउ और टिकाउ संभावित प्रत्याशी की खोज कर रही है। भाजपा संगठन और कांग्रेस संगठन ग्राउंड जीरों का कार्यकर्ताओं की टोह लेने में लगी है। इसके लिए दोनों दलों के नेताओं और संगठन के पदाधिकारियों के प्रदेश में दौरे शुरू हो गए है।

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