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सरकार ने खोली दायित्वों की ‘पोटली’

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  • धामी सरकार ने कई पार्टी कार्यकर्ताओं को दिया तोहफा
  • 14 वरिष्ठ नेताओं को दी गई जिम्मेदारी, आदेश जारी
  • कुलदीप सुटोला राज्य स्तरीय खेल परिषद में अध्यक्ष बने
  • ध्रुव रौतेला को बनाया मीडिया सलाहकार समिति का उपाध्यक्ष

देहरादून। चुनावी साल में सरकार पार्टी के कार्यकर्ताओं को नाखुश नहीं करना चाहती है। इसके साथ ही चुनावी साल में टिकाटों को लेकर कार्यकर्ताओं के ‘असंतुष्ट’ होने के खेल पर भी चुनाव से पहले विराम लगाना चाहती है। इसीलिए उत्तराखंड में धामी सरकार ने पार्टी कार्यकर्ताओं के लिए दायित्वों की ‘पोटली’ खोली है। सरकार ने पार्टी कार्यकर्ताओं को विभिन्न विभागों का दायित्व देकर जिम्मेदारियां सौंपी है।
बता दें कि उत्तराखंड में कैबिनेट विस्तार के बाद सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। सरकार ने पार्टी कार्यकर्ताओं को तोहफा दिया है। सरकार ने प्रदेश के विभिन्न बोर्ड, परिषदों और समितियों में पार्टी कार्यकर्ताओं को अहम जिम्मेदारियां सौंपी है। सरकार ने कार्यकर्ताओं को अलग-अलग संस्थाओं में अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पदों पर बैठाया है। सरकार ने विभिन्न आयोगों, परिषदों और समितियों में 14 लोगों को नियुक्त किया है। गृह एवं गोपन सचिव शैलेश बगौली की ओर से इस बाबत आदेश जारी किए गए हैं।
आदेश के अनुसार देहरादून से कुलदीप सुटोला को राज्य स्तरीय खेल परिषद में अध्यक्ष, नैनीताल से ध्रुव रौतेला को मीडिया सलाहकार समिति का उपाध्यक्ष, चंपावत से हरिप्रिया जोशी को राज्य महिला आयोग में, टिहरी से विनोद सुयाल को राज्य युवा कल्याण सलाहकार परिषद में, चंपावत से मुकेश महराना को चाय विकास सलाहकार परिषद, देहरादून से चारु कोठारी को राज्य निर्माण आंदोलनकारी सम्मान परिषद में, चमोली से प्रेम सिंह राणा को जनजाति आयोग में, टिहरी से खेम सिंह चौहान को ओबीसी आयोग कल्याण परिषद में, टिहरी से ही सोना सजवाण को जड़ी-बूटी सलाहकार समिति में, अल्मोड़ा से गोविंद पिलखवात को हथकरघा एवं हस्तशिल्प विकास परिषाद में, देहरादून से बलजीत सोनी को अल्पसंख्यक आयोग, काशीपुर की सीमा चौहान को मत्स्य विकास प्राधिकरण में उपाध्यक्ष, वरिष्ठ भाजपा नेता भावना मेहरा और अशोक वर्मा को भी जिम्मेदारी सौंपी गई है।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह कदम पार्टी संगठन और सरकार के बीच संतुलन बनाए रखने के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर सरकार और संगठन कोई भी चूक नहीं चाहती है। वैसे भी सरकार और संगठन के जुडे़ लोगों में मनमुटाव की खबरें प्रतिदिन सामने आ रही है। सरकार और संगठन यह चाहती है कि चुनाव से पूर्व सब मैनेज हो जाए, ताकि चुनाव के समय जनता के बीच यह संदेश न जाए कि सरकार से लोग नाराज है।

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