देहरादून। जहां एक तरफ राज्य में आयुक्त खाघ नागरिक आपूर्ति द्वारा बयान जारी कर यह बताया जा रहा है कि राज्य में घरेलू गैस की पर्याप्त उपलब्धता है जिसके चलते, उपभोक्ताओं को चिंता करने की आवश्यकता नहीं है। वहीं दूसरी ओर गैस ऐजेसिंयों द्वारा उपभोक्ताओं का या तो फोन नहीं उठाये जा रहे है या फिर उन्होने ऐसा सिस्टम कर दिया है कि फोन जा ही नहीं रहे हंै। ऐसे में सवाल उठना लाजमी है कि झूठ कौन बोल रहा है?
अमेरिका, इजराइल और ईरान युद्ध के बीच उपजे हालात से जिले में पहले घरेलू और कामर्शियल सिलेंडरों के दामों मे बढ़ोत्तरी हुई वहीं अब पिछले 48 घंटो से गैस की आपूर्ति प्रभावित होने के कारण जिले में दो दिन का बैकलाग खड़ा हो गया। जिससे आम उपभोक्ताओं में बेचैनी देखी जा रही है।
इस बीच आयुक्त खाघ, नागरिक आपूर्ति ने बताया गया है कि वर्तमान में प्रदेश में घरेलू गैस की किसी प्रकार की कमी नहीं है, इसलिए उपभोक्ताओं को घरेलू गैस की उपलब्धता को लेकर किसी भी प्रकार की चिंता करने की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने बताया कि भारत सरकार द्वारा मध्य पूर्व एशिया में जारी संघर्ष की स्थिति को ध्यान में रखते हुए आवश्यक वस्तु अधिनियम के अंतर्गत “प्राकृतिक गैस आपूर्ति विनियमन आदेश, 2026” प्रख्यापित किया गया है, जिसके तहत गैस आपूर्ति व्यवस्था पर विशेष निगरानी रखी जा रही है। वहीं दूसरी ओर राजधानी दून सहित प्रदेश के सभी जिलो में जब गैस ऐजसिंयों को इन दिनो जब फोन मिलाया जा रहा है तो या तो वहंा कोई फोन नहीं उठा रहा है या फिर उन्होने अपने सिस्टम में कुछ ऐसा परिवर्तन कर दिया है कि फोन जा ही नही रहा है। ऐसे में सवाल उठना लाजमी है कि जब राज्य में गैस की कमी नहीं है तो फिर उपभोक्ताओं के फोन क्यों नहीं रिसीव किये जा रहे है। ऐसे में यही कहा जा सकता है कि या तो विभाग सच्चाई को नकार रहा है या फिर गैस ऐजेसिंया कुछ झोल झपाटा कर रही है।




