जोशीमठ आपदा को लेकर मची अफरा—तफरी

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प्रभावितों को राहत देने में जुटा सरकारी अमला
वैज्ञानिकों की टीम में तलाश रही हैं आपदा के कारण
राजनीतिक दलों के नेताओं का जोशीमठ में जमावड़ा

देहरादून। भू—धसाव की जद में आए जोशीमठ शहर के लोग जहां अपने भविष्य की चिंता को लेकर गमगीन हैं वहीं प्रशासनिक अमला प्रभावितों को कैसे मदद पहुंचाई जाए और उन्हें सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया जाए की समस्या से जूझ रहा है तो दूसरी तरफ अनेक विभागों और संस्थानों के विशेषज्ञों की टीमें आपदा के कारणों का पता लगाने में जुटी हुई हैं। इस सब के बीच तमाम दलों के नेता भी आपदा प्रभावितों के बीच जाकर अपना—अपना दृष्टिकोण और मांगे रख रहे हैं। लेकिन मुद्दे की बात यह है कि इस समस्या का कारण क्या है और निवारण क्या है यह किसी की भी समझ नहीं आ रहा है।
देहरादून से लेकर दिल्ली तक जोशीमठ आपदा को लेकर अफरा तफरी मची हुई है। आज जहां उत्तराखंड से अलग—अलग विभागों की और संस्थानों के विशेषज्ञों की टीमें जोशीमठ रवाना हो गई हैं वहीं दिल्ली राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन की टीम भी जोशीमठ पहुंच रही है। यह सभी टीमें जोशीमठ के हालात का निरीक्षण कर अलग—अलग मुद्दों पर सरकार को अपनी रिपोर्ट सौंपेगी। केंद्र सरकार द्वारा एनडीएमए की एक सात सदस्यीय टीम को जोशीमठ भेजा गया है। वहीं राज्य सरकार द्वारा विभिन्न विभागों की टीमों को भेजकर क्षेत्र में बिजली—पानी की आपूर्ति सुनिश्चित करने से लेकर प्रभावितों के विस्थापन, उनके रहने खाने की व्यवस्थाएं आदि करने की जिम्मेदारी दी गई है। वहीं वाडिया इंस्टीट्यूट सहित कई संस्थानों की टीमों के विशेषज्ञों को इस आपदा के कारण ढूंढने के काम में लगाया गया है।
इस आपदा के कारण जोशीमठ के अब तक 600 से अधिक घरों में दरारे आ चुकी है तथा 70 के आसपास घरों को खाली कराया जा चुका है वही लोग अब घर और कारोबार बंद करने पर विवश हैं। आज भी प्रभावित क्षेत्र से लोग अपना सामान शिफ्ट करते दिखे। क्षेत्र के कई बैंकों ने भी अपना बोरिया बिस्तर समेटना शुरू कर दिया है। प्रभावित लोगों को जहां अपने भविष्य की चिंता सता रही है वही सरकार के सामने इतनी बड़ी संख्या में लोगों को विस्थापित करने और जोशीमठ के अस्तित्व को बचाने की चुनौती बनी हुई है।
जिलाधिकारी खुराना द्वारा जारी आदेश के अनुसार क्षेत्र में राजमार्गों के निर्माण व मरम्मत कार्यों को छोड़कर सभी छोटे—बड़े निर्माण कार्यों पर रोक लगा दी गई है। राज्य के तमाम राजनीतिक दलों के नेताओं का भी जोशीमठ में आवागमन बढ़ गया है। बीते कल हरीश रावत व गणेश गोदियाल जोशीमठ गए थे वही आज भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट व काबिना मंत्री धन सिंह गए हुए हैं, जो सभी अपनी अपनी बात लोगों को समझा रहे हैंै।

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