Home News Posts उत्तराखंड फर्जी हस्ताक्षर कर सिंचाई विभाग के पांच अधिकारियों के किए स्थानान्तरण

फर्जी हस्ताक्षर कर सिंचाई विभाग के पांच अधिकारियों के किए स्थानान्तरण

0
652

देहरादून। फर्जी हस्ताक्षर कर सिंचाई विभाग के पांच अधिकारियों के स्थानान्तरण करने के मामले में पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी।
प्राप्त जानकारी के अनुसार प्रमुख अभियन्ता सिंचाई विभाग सुभाष चन्द्र ने नगर कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराते हुए बताया कि शासन के आदेश 31 जनवरी 2025 द्वारा जयदीप सिह, अपर सहायक अभियन्ता का स्थानान्तरण पीएमजीएसवाई, सिचाई खण्ड, चम्बा से अवस्थापना खण्ड उत्तरकाशी किया गया है। दूसरा शासन के आदेश 31 जनवरी 2025 द्वारा सुमित कुमार अपर सहायक अभियन्ता का स्थानान्तरण पीएमजीएसवाई सिंचाई खण्ड, कोटद्वार से पीएमजीएसवाई सिचाई खण्ड ,श्रीनगर प्रथम किया गया है। तीसरा शासन के आदेश 31 जनवरी 2025 द्वारा चिंरजी लाल, अपर सहायक अभियन्ता का स्थानान्तरण जमरानी बांध ,निर्माण खण्ड —2 ,हल्द्वानी से सिंचाई खण्ड ,हल्द्वानी ,उपखण्ड —1 किया गया है। चौथा शासन के आदेश 19 नवम्बर 2024 द्वारा महेन्द्र पाल सिह, सहायक अभियन्ता का स्थानान्तरण पीएमजीएसवाई सिंचाई खण्ड ज्योलीकोट, नैनीताल से उपखण्ड प्रथम सिंचाई खण्ड नैनीताल किया गया है। पांचवा शासन के पत्राक के द्वारा सिचाई अनुभाग —1 मे सम्बद्व अमित सेमवाल, कनिष्ठ सहायक को 19 फरवरी 2025 के पूर्वान्ह से कार्यमुक्त करते हुए ,विभाग को वापस प्रत्यावर्तित किया गया है के सम्बन्धित अग्रेत्तर कार्यवाही में इनको इनके मूल कार्यालय सिंचाई कार्यमण्डल ,श्रीनगर में भेज दिया गया है। उपर्युक्त विषयक अवगत कराना है कि उपर्युक्त संबंधित डाक रनर दीपक शर्मा ,जिसके द्वारा प्रमुख अभियन्ता कार्यालय एवं शासन के सिंचाई अनुभाग— 1/2 के मध्य डाक अंतरण किया जाता रहा है के द्वारा दूरभाष पर अवगत कराया गया है कि उसके द्वारा 06 फरवरी 2025 को समस्त डाक एकमुश्त रुप में शासन के सिंचाई अनुभागों से प्राप्त कर मुख्य प्रशासनिक अधिकारी (कार्मिक अनुभाग—01) प्रमुख अभियन्ता कार्यालय ,सिचाई विभाग देहरादून को उपलब्ध करायी गई, के क्रम में मुख्य प्रशासनिक अधिकारी (कार्मिक अनुभाग—01) द्वारा यथा 06 फरवरी 2025 ही प्राप्त डाक/पत्राचार को अपने हस्ताक्षर द्वारा मार्क करके संबधित प्रमुख अभियन्ता कार्यालय, सिंचाई विभाग ,देहरादून के अनुभागों को अग्रसारित किया गया है। वस्तुतः प्रकरण में किसी भी कार्मिक के नाम का स्पष्ट उल्लेख नही किया गया है ,तदप्रभाव में इस कार्यालय स्तर से किसी को संदेहास्पद स्थिति अन्तर्गत, व्यक्तिगत रुप मे चिन्हित /निर्धारित करने मे कठिनाई परिलक्षित हो रही है। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here