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धाकड़ धामीः चंपावत में रचा इतिहास

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कांग्रेस प्रत्याशी को 55025 मतों से हराया
निर्मला गहतोड़ी को 3233 मत, जमानत हुई जब्त
उत्तराखंड में अब तक किसी को नहीं मिली इतनी बड़ी जीत

देहरादून। चंपावत उपचुनाव के नतीजे जहां भाजपा और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के पक्ष में रहे हैं, वहीं इस चुनाव ने कांग्रेस को एक बार फिर घोर निराशा के समंदर में फेंक दिया है। एकतरफा इस मुकाबले में सीएम धामी ने 55025 मतों के अंतर से कांग्रेस प्रत्याशी निर्मला गहतोड़ी को हराकर एक इतिहास रच दिया है वहीं कांग्रेस प्रत्याशी सिर्फ 3233 वोट ही हासिल कर सकी हैं और उनकी जमानत भी नहीं बच सकी है।
चंपावत विधानसभा सीट पर 31 मई को हुए मतदान का आज चुनाव परिणाम आ गया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को इस चुनाव में कुल 58258 वोट मिले हैं जबकि कांग्रेस प्रत्याशी निर्मला गहतोड़ी 3233 वोटों पर सिमट गई। निर्वाचन आयोग द्वारा जारी आंकड़ों के हिसाब से मुख्यमंत्री धामी को 55025 वोटों से विजयी घोषित किया गया है। उत्तराखंड में अब तक हुए विधानसभा चुनाव में यह सबसे बड़ी जीत है। इससे पूर्व विजय बहुगुणा ने सितारगंज सीट से लड़े उपचुनाव में 40 हजार से अधिक मतों से जीत दर्ज की थी।
उल्लेखनीय है कि आज भी मतगणना के पहले राउंड से ही मुख्यमंत्री धामी ने बढ़त बना ली थी जो हर एक राउंड के बाद बड़ी और बड़ी बढ़त बनती चली गई। किसी भी राउंड में कांग्रेस प्रत्याशी सीएम धामी के आसपास भी पहुंचती नहीं दिखी और अंतिम राउंड जब खत्म हुआ तो यह मतांतर 55025 वोटों तक पहुंच चुका था। इस उपचुनाव में हालांकि पहले ही दिन से यह साफ झलक ने लगा था कि कांग्रेस कहीं भी मुकाबले में नहीं है और भाजपा प्रत्याशी सीएम धामी की ही जीत होना तय है लेकिन यह जीत इतने बड़े अंतर से हो सकती है इसका अनुमान किसी को भी नहीं था। खटीमा सीट से चुनाव हारने के बावजूद भी भाजपा ने मुख्यमंत्री पुष्कर धामी को ही दोबारा मुख्यमंत्री बनाया गया था जिनके लिए चंपावत के निवर्तमान विधायक कैलाश गहतोड़ी ने अपनी विधायकी से इस्तीफा देकर इस सीट को खाली किया था।
चंपावत उपचुनाव को भाजपा और सीएम धामी द्वारा अत्यंत ही गंभीरता से लड़ा गया था वहीं कांग्रेस जिसे अपनी हार का पूर्वानुमान था द्वारा महज औपचारिकता भर के लिए लड़ा गया था। 31 मई को हुए मतदान में चंपावत की जनता में जो उत्साह देखा गया था, के चलते मतदान का प्रतिशत 64 फीसदी तक पहुंच गया था। लेकिन 96 हजार के करीब वोटरों वाली इस सीट पर हुए 64 फीसदी मतदान का 94 फीसदी भाजपा और सीएम धामी के पक्ष में गया जिसके कारण यह जीत मुख्यमंत्री धामी और भाजपा के लिए एक ऐतिहासिक जीत बन सकी। चुनावी नतीजे आने के बाद भाजपाई खेमे में जश्न का माहौल है। वही कांग्रेस इस एक और बड़ी हार से सन्न है।

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