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दुष्यंत कुमार गौतम की नियुक्ति पर पुनर्विचार की मांग

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  • सिक्किम विश्वविघालय छात्र संघ ने उठाए सवाल

सिक्किम। उत्तराखंड के अंकिता भंडारी हत्याकांड से जुड़े कथित वीआईपी प्रकरण को लेकर अब सिक्किम में भी सवाल उठने लगे हैं। सिक्किम विश्वविघालय छात्र संघ ने 12 अक्टूबर 2026 को दुष्यंत कुमार गौतम को सिक्किम का राज्यपाल नियुक्त किए जाने के संदर्भ में चिंता व्यक्त करते हुए उनकी नियुक्ति पर पुनर्विचार की अपील की है।
छात्र संघ की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है कि अंकिता भंडारी हत्याकांड से जुड़े आरोपों और सार्वजनिक रूप से उठाए जा रहे सवालों के मद्देनजर इस नियुक्ति पर गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए। संघ ने सिक्किम सरकार और आम जनता का ध्यान इस मामले की ओर आकर्षित करते हुए संवैधानिक पदों पर नियुक्तियों में पारदर्शिता और जवाबदेही को आवश्यक बताया है।
प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, उत्तराखंड के चर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड में पूर्व भाजपा विधायक सुरेश राठौर से जुड़ी रहीं उर्मिला सनावर ने कथित ऑडियो क्लिप के माध्यम से दुष्यंत कुमार गौतम का नाम कथित वीआईपी के रूप में लिया था। हालांकि, ये आरोप अदालत में प्रमाणित नहीं हुए हैं। गौतम ने आरोपों से इनकार किया है और मानहानि की कानूनी कार्यवाही भी शुरू की है। छात्र संघ ने अंकिता भंडारी के परिवार की ओर से कथित वीआईपी की पहचान और संबंधित कॉल डिटेल रिकॉर्ड की उपलब्धता को लेकर उठाए गए सवालों का भी उल्लेख किया है। संघ का कहना है कि मामले से जुड़े सभी पहलुओं की सक्षम एजेंसियों द्वारा निष्पक्ष और स्वतंत्र जांच होनी चाहिए, ताकि तथ्यों की स्थिति स्पष्ट हो सके।
सिक्किम विश्वविघालय छात्र संघ ने सक्षम अधिकारियों से अपील की है कि संबंधित आरोपों की पूरी तरह जांच होने और जांच की स्थिति स्पष्ट होने तक राज्यपाल की नियुक्ति पर पुनर्विचार किया जाए। संघ ने इसे व्यापक जनहित और अंकिता भंडारी के परिवार को न्याय दिलाने की मांग के प्रति एकजुटता से जुड़ा विषय बताया है।

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