Home ताजा ख़बर दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर पर पाबंदियों के पीछे कानून-व्यवस्था बनाए रखना, आम...

दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर पर पाबंदियों के पीछे कानून-व्यवस्था बनाए रखना, आम नागरिकों की सुरक्षा को बताया प्राथमिकता !

0
38


नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली में 10 अक्टूबर को प्रस्तावित राजनीतिक प्रदर्शन से पहले जंतर-मंतर और नई दिल्ली के आसपास लागू अस्थायी पाबंदियों को लेकर दिल्ली पुलिस ने अपना पक्ष स्पष्ट किया है। पुलिस का कहना है कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन लोकतंत्र का महत्वपूर्ण अधिकार है, लेकिन राष्ट्रीय राजधानी में कानून-व्यवस्था बनाए रखना, आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और यातायात व व्यावसायिक गतिविधियों को सुचारु रखना भी उतना ही जरूरी है। इसी उद्देश्य से सुरक्षा संबंधी एहतियाती कदम उठाए जा रहे हैं।
एडिशनल सीपी पीआरओ राजीव रंजन ने बताया कि जंतर-मंतर पर जुलाई में हुए प्रदर्शन का उल्लेख करते हुए कहा गया है कि एक दिन के प्रदर्शन की अनुमति मिलने के बावजूद कथित तौर पर धरना करीब एक महीने तक जारी रहा। पुलिस के अनुसार, इस अवधि में 200 से अधिक पुलिसकर्मी घायल हुए और आपराधिक पृष्ठभूमि वाले दो हजार से अधिक लोगों की भागीदारी की सूचना मिली। हालात बिगड़ने पर झड़पें हुईं, जिनमें निर्दोष छात्र भी घायल हुए। पुलिस का कहना है कि पहले सामने आ चुके ऐसे हालात की पुनरावृत्ति रोकने के लिए इस बार पहले से पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था करना आवश्यक है। प्रेस विज्ञप्ति में बीते सप्ताह जंतर-मंतर पर प्रदर्शन में शामिल कुछ लोगों द्वारा दिल्ली पुलिस की महिला कांस्टेबलों के साथ कथित छेड़छाड़ और मारपीट की घटनाओं को भी गंभीर चिंता का विषय बताया गया है। पुलिस के मुताबिक, ड्यूटी पर तैनात जवानों, शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों और वहां से गुजरने वाले आम लोगों की सुरक्षा सर्वोपरि है। किसी भी स्थिति में हिंसा और अव्यवस्था को दोबारा पनपने नहीं दिया जा सकता।
दिल्ली पुलिस ने प्रस्तावित प्रदर्शन स्थल की सीमित क्षमता का हवाला देते हुए कहा कि जंतर-मंतर अपेक्षाकृत छोटा क्षेत्र है, जहां एक समय में लगभग एक हजार लोगों के लिए ही सुरक्षित व्यवस्था की जा सकती है। किसी भी स्थान पर भीड़ की संख्या तय करते समय उपलब्ध जगह, आपातकालीन सेवाओं की पहुंच, भीड़ नियंत्रण और लोगों की सुरक्षा जैसे पहलुओं को ध्यान में रखना जरूरी है।
पुलिस के अनुसार, दिल्ली देश की राजधानी होने के साथ-साथ एक प्रमुख आर्थिक केंद्र भी है। ऐसे में प्रदर्शन के अधिकार और शहर के सामान्य जनजीवन के बीच संतुलन बनाए रखना प्रशासन की जिम्मेदारी है। राजधानी के निवासियों, कर्मचारियों, व्यापारियों, यात्रियों और अन्य लोगों को अनावश्यक परेशानी से बचाना भी सुरक्षा व्यवस्था का अहम हिस्सा है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here